सार्वजनिक गणेशोत्सव के लिए चंदा जुटाने से पहले लेनी होगी धर्मादाय विभाग की अनुमति

बिना पूर्व अनुमति चंदा जमा करने पर तीन महीने तक की सजा या जमा राशि के डेढ़ गुना जुर्माने का प्रावधान

अमरावती /दि.20 – सार्वजनिक गणेशोत्सव मंडलों को गणेशोत्सव के आयोजन के लिए चंदा या वर्गणी जमा करने से पहले धर्मादाय विभाग से पूर्व अनुमति लेना अनिवार्य होगा. धर्मादाय सहआयुक्त दीपक खोचे ने जिले के सभी सार्वजनिक गणेशोत्सव मंडलों से नियमों का पालन करने की अपील की है.
महाराष्ट्र सार्वजनिक विश्वस्त व्यवस्था अधिनियम, 1950 की धारा 41-क के तहत सार्वजनिक विश्वस्त व्यवस्था को छोड़कर जिले के सभी सार्वजनिक गणेशोत्सव मंडलों को नकद या वस्तु के रूप में दान, चंदा अथवा वर्गणी जमा करने के लिए धर्मादाय उपआयुक्त या सहायक धर्मादाय आयुक्त, अमरावती से पूर्व अनुमति प्राप्त करनी होगी.
* ऑनलाइन करना होगा आवेदन
पूर्व अनुमति के लिए मंडलों को ुुु.उहरीळीूं.चरहरीरीहीींर.र्सेीं.ळप वेबसाइट पर आवश्यक दस्तावेजों के साथ ऑनलाइन आवेदन करना होगा. आवेदन के साथ गणेशोत्सव मंडल के सभी सदस्यों के हस्ताक्षर वाला प्रस्ताव, सभी सदस्यों के पहचान पत्र, आयोजन स्थल के मालिक का अनापत्ति प्रमाणपत्र, ग्राम पंचायत, नगर परिषद या महानगरपालिका का छजउ और आवेदन में दी गई जानकारी सही होने संबंधी आवेदक का शपथपत्र देना होगा. इसके अलावा पिछले वर्ष की अनुमति की प्रति तथा पिछले वर्ष के जमा-खर्च का विवरण भी आवेदन के साथ संलग्न करना आवश्यक है.
* नियम तोड़ने पर सजा
धर्मादाय सहआयुक्त कार्यालय के अनुसार, यदि किसी मंडल द्वारा पूर्व अनुमति लिए बिना चंदा या वर्गणी जमा करना सिद्ध होता है, तो संबंधित व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है. नियमों का उल्लंघन करने पर तीन महीने तक का साधारण कारावास, जमा की गई राशि के डेढ़ गुना तक आर्थिक दंड या दोनों सजा का प्रावधान है. धर्मादाय विभाग ने गणेशोत्सव मंडलों से समय रहते अनुमति लेकर ही वर्गणी जमा करने और निर्धारित नियमों का पालन करने का आह्वान किया है.

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