कृषि अधिकारी कम से कम 10 खेतों पर जायें

राजस्व मंत्री बावनकुले का निर्देश

* खेत की मेढ की बनाएं रील
* सरकार की योजनाओं का लाभ दिलायें
नागपुर /दि.5- कृषि क्षेत्र से जुड़े प्रत्येक विभाग प्रमुखों को अपने कार्यक्षेत्र के किसानों के खेत पर जाकर उनकी जानकारी लेनी चाहिए. शासन स्तर पर जो भी योजनाएं हैं, उन्हें किसानों को समझाया जाए तो उनके मन में खेती के प्रति नया आत्मविश्वास पैदा होगा. प्रत्येक कृषि सहायक को महीने में कम से कम पंद्रह किसानों से, जिला परिषद व शासन के कृषि विभाग के तालुका कृषि अधिकारियों को महीने में कम से कम दस किसानों के खेत पर जाना चाहिए.
इसके लिए महसूल विभाग के तहसीलदार और उपविभागीय अधिकारियों को भी पूरी तरह से आवश्यक सहयोग करते हुए किसानों के खेतों पर जाकर मुलाकात करनी चाहिए. लेकिन ऐसा नहीं हो रहा है, इसलिए पालकमंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने कृषि विभाग के अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाते हुए मुलाकात के फोटो दिखाने के निर्देश दिए. साथ ही मुलाकात को जिओ-टैग कर उसकी रील बनाने के निर्देश भी दिए.
नियोजन भवन में खरीफ हंगाम पूर्व समीक्षा बैठक आयोजित की गई. बैठक में कृषि राज्यमंत्री एड. आशीष जायसवाल, राज्यसभा सदस्य माया इवनाते, सांसद श्यामकुमार बर्वे, विधायक चरणसिंह ठाकूर, वसंतराव नाईक शेती स्वावलंबन मिशन के अध्यक्ष एड. नीलेश हेलोंडे पाटील, जिलाधिकारी कुमार आशीर्वाद, जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी विनायक महामुनी, जलसंपदा विभाग की अधीक्षक अभियंता सोनाली चोपड़े, कार्यकारी अभियंता अनीता पराते, जिला अधीक्षक कृषि अधिकारी रविंद्र मनोहरे, जिला परिषद के कृषि विकास अधिकारी समाधान धुलधुले, जिला अग्रणी बैंक प्रबंधक चंद्रकांत निंबुलकर तथा अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे. कृषि विभाग की समीक्षा करते हुए योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन नहीं होने और किसान आत्महत्याओं पर पालकमंत्री ने नाराजगी व्यक्त की.
कृषि विभाग के अधिकारी किसानों से मिलने नहीं जा रहे, जिससे योजनाओं की जानकारी किसानों तक नहीं पहुंच रही है, इस पर पालकमंत्री ने नाराजगी जताई. किसानों से मुलाकात के फोटो दिखाओ, ऐसा सवाल उन्होंने किया. इस पर एक तालुका कृषि अधिकारी ने किसानों से मुलाकात का उदाहरण दिया. उसी समय विधायक ने संबंधित किसान को फोन कर पूछताछ की, जिससे उस अधिकारी की स्थिति असहज हो गई. पालकमंत्री ने कृषि विभाग के अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाई. उन्होंने किसानों की मुलाकात की रील बनाकर जिओ-टैग करने के निर्देश दिए. नकली बीजों की बिक्री और खाद के लिंकिंग पर भी उन्होंने अधिकारियों को सख्ती से फटकारा. योजनाओं की जानकारी किसानों तक पहुंचनी चाहिए. काम न करने वाले अधिकारी-कर्मचारियों पर कार्रवाई की चेतावनी भी दी.

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