यौन शोषण के आरोपियों को पैरोल न दें

देवेंद्र फडणवीस अपनी सरकार का कानून दोबारा लाये

* मंत्रिमंडल बैठक में मुख्यमंत्री के निर्देश
* कैबिनेट की 3 महत्वपूर्ण निर्णयों पर मुहर
* नरसापुर प्रकरण को लेकर राज्य में मचा है बवाल
मुंबई /दि.5- पुणे के नसरापुर बलात्कार और हत्या मामले के कारण पूरे राज्य में गुस्से की लहर फैल गई है, ऐसे में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने विधि व न्याय विभाग को यौन शोषण के आरोपियों को पैरोल न देने के स्पष्ट निर्देश दिए हैं. यौन मामलों के आरोपी 80 से 90 प्रतिशत उसी अपराध में पहले गिरफ्तार होकर पैरोल पर छूटे हुए होते हैं. इसके बाद वे फिर वही अपराध करते हैं. इसलिए इन आरोपियों को पैरोल न दें, ऐसा उन्होंने कहा है.
पुणे के भोर तालुका के नसरापुर में एक 4 वर्षीय बच्ची के साथ 65 वर्षीय दरिंदे ने बलात्कार कर पत्थर से कुचलकर उसकी हत्या कर दी, ऐसी आक्रोशजनक घटना सामने आई है. इस घटना से महाराष्ट्र में सनसनी फैल गई है. इस पृष्ठभूमि में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने आज की मंत्रिमंडल बैठक में विधि व न्याय विभाग को उपरोक्त निर्देश दिए. 2014 से 2019 के दौरान सरकार ने इस संबंध में एक कानून बनाया था. वह कानून 2-3 साल तक लागू रहा, लेकिन बाद में कोर्ट ने उसे रद्द कर दिया. अब फिर वैसा ही कानून बनाएं, ऐसा मुख्यमंत्री ने कहा है.
इस घटना के बाद गुस्साए ग्रामीणों ने नसरापूर से गुजरने वाले पुणे-बेंगलुरु हाईवे को जाम कर दिया और बड़ा आंदोलन किया. शनिवार को मोर्चा निकालकर कड़ा बंद भी रखा गया. आज राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में इस मामले पर चर्चा हुई. बैठक में यह निर्णय लिया गया कि यौन शोषण के मामलों में आरोपी को पैरोल नहीं दिया जाएगा, इसके लिए फडणवीस सरकार कानून में बदलाव करेगी. मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कैबिनेट बैठक में इस संबंध में निर्देश दिए और विधि एवं न्याय विभाग को आवश्यक कार्रवाई के आदेश दिए. इस मामले में आरोपी भीमराव कांबले को गिरफ्तार किया गया है. अदालत ने उसे 7 मई तक पुलिस हिरासत में भेजा है. उसके खिलाफ हत्या, बलात्कार और पोक्सो कानून के तहत मामला दर्ज किया गया है.
* मंत्रिमंडल के फैसले
आदिवासी विकास विभाग – आदिवासी समाज के बच्चों की शैक्षणिक प्रगति के लिए महत्वपूर्ण निर्णय. स्वयंसेवी संस्थाओं की पांच प्राथमिक और 19 माध्यमिक अनुदानित आश्रमशालाओं का उन्नयन. प्राथमिक से माध्यमिक और माध्यमिक से जूनियर कॉलेज तक श्रेणीवृद्धि, इसके लिए आवश्यक पदनिर्माण और खर्च की मंजूरी. इससे पहाड़ी और दूरदराज क्षेत्रों के आदिवासी बच्चों की शिक्षा को गति मिलेगी.
उच्च व तकनीकी शिक्षा विभाग – सोलापुर के शासकीय पॉलिटेक्निक में इस शैक्षणिक वर्ष (2026-27) से डिग्री स्तर के तीन इंजीनियरिंग कोर्स शुरू करने की मंजूरी. सोलापुर और आसपास के क्षेत्र के छात्रों के लिए लाभकारी निर्णय. प्रत्येक में 60 सीटों की क्षमता वाले एआई और मशीन लर्निंग, कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग, इलेक्ट्रॉनिक्स एंड टेलीकम्युनिकेशन जैसे तीन नए कोर्स शुरू होंगे.
उच्च व तकनीकी शिक्षा विभाग – धाराशिव जिले के तुलजापुर स्थित श्री तुलजाभवानी मंदिर संस्थान द्वारा संचालित श्री तुलजाभवानी इंजीनियरिंग कॉलेज को महाराष्ट्र सरकार को हस्तांतरित करने का निर्णय. इससे कॉलेज का सशक्तिकरण होगा और आधुनिक सुविधाओं के जरिए क्षेत्र के छात्रों को गुणवत्तापूर्ण इंजीनियरिंग शिक्षा का अवसर मिलेगा.

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