एल नीनो की बढ़ती गर्मी के बीच पार्डी में ‘शून्य ऊर्जा शीतगृह’ का प्रदर्शन
किसानों को दी गई महत्वपूर्ण जानकारी

पार्डी /दि.23- एल नीनो के प्रभाव से बढ़ते तापमान और भीषण गर्मी की लहरों का असर फलों एवं सब्जियों के भंडारण पर पड़ रहा है. ऐसे में कृषि उत्पादों को खराब होने से बचाने के लिए कम लागत वाली तकनीकों की आवश्यकता बढ़ गई है. इसी उद्देश्य से ग्रामीण जागरूकता कार्यानुभव कार्यक्रम के अंतर्गत पी. आर. पोटे पाटील कृषि महाविद्यालय, अमरावती के विद्यार्थियों ने पार्डी गांव में शून्य ऊर्जा शीतगृह विषय पर प्रायोगिक प्रदर्शन आयोजित किया.
प्रदर्शन के दौरान किसानों और ग्रामीण महिलाओं को बताया गया कि बिना बिजली के उपयोग के फल एवं सब्जियों की ताजगी और भंडारण क्षमता कैसे बढ़ाई जा सकती है. विद्यार्थियों ने बताया कि एल नीनो के कारण बढ़ी गर्मी से फल एवं सब्जियों में तेजी से निर्जलीकरण होता है, जिससे उनकी गुणवत्ता प्रभावित होती है. ऐसी स्थिति में शून्य ऊर्जा शीतगृह किसानों के लिए एक प्रभावी और किफायती तकनीक साबित हो सकता है.
कार्यक्रम में ईंट, रेत, बोरे और पानी की सहायता से तैयार किए जाने वाले शून्य ऊर्जा शीतगृह की संरचना, कार्यप्रणाली तथा इसके लाभों की विस्तृत जानकारी दी गई. बताया गया कि इस तकनीक से सब्जियों और फलों का वजन कम होने, गुणवत्ता में गिरावट आने तथा भंडारण के दौरान होने वाले नुकसान को काफी हद तक कम किया जा सकता है. यह तकनीक किसानों के लिए बिना बिजली से चलने वाले प्राकृतिक रेफ्रिजरेटर के रूप में कार्य करती है.
प्रदर्शन कार्यक्रम में कृषिदूत पार्थ साबले, देवाशीष अंबाडकर, अमन पाथरे, गोकुल खंडार एवं श्रीश मोरखड़े ने सक्रिय सहभागिता निभाई. कार्यक्रम को महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. अनिल ठाकरे, उपप्राचार्य नितेश चौधरी, विषय विशेषज्ञ प्रा. डॉ. स्वप्नील देशमुख, कार्यक्रम समन्वयक प्रा. श्वेता देशमुख तथा कार्यक्रम अधिकारी प्रा. श्रद्धा देशमुख का मार्गदर्शन प्राप्त हुआ. इस अवसर पर गांव के किसान, महिलाएं एवं ग्रामवासी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे.