अमरावती शिक्षा उप संचालक को 10 हजार जुर्माना
अधिकारों के दुरूपयोग का मामला

* हाईकोर्ट में शिक्षाधिकारी और शिकायतकर्ता को भी दंड
नागपुर/दि.16- अधिकारों के दुरूपयोग के कारण अमरावती विभाग के शिक्षा उपसंचालक, वाशिम जिला परिषद के शिक्षाधिकारी (माध्यमिक) और निजी शिकायतकर्ता प्रदीप देशमुख को नागपुर खंडपीठ ने 10-10 हजार जुर्माना किया है. यह राशि आगामी 7 जून तक जन कल्याण खाते में जमा कराने कहा गया है. न्या. मुकुलिका जवलकर, न्या. नंदेश देशपांडे ने उक्त जुर्माना का फैसला सुनाया.
प्रदीप देशमुख ने वाशिम की जनता बहुउद्देशीय शिक्षा प्रसारक मंडल के मुख्याध्यापक दत्तात्रय कंवर, सहायक शिक्षक नरेश चव्हाण और ग्रंथालय सहायक शैलेश चव्हाण की नियुक्ति का विरोध कर शिक्षा उप संचालक के पास शिकायत की थी. तीनों कर्मचारियोें को 31 अक्तूबर 2023 को सुनवाई के लिए बुलाया गया था. परंतु संंबंधित नोटिस में सुनवाई के कारण नहीं दिए गये. कर्मचारियों को शिकायत की कॉपी भी नकारी गई.
उसी दिन 20% अनुदान को स्टे दिया. संस्था और कर्मचारियों ने उच्च न्यायालय में अर्जी दाखिल की. यह याचिका प्रलंबित रहते शिक्षा उप संचालक ने 12 दिसंबर 2023 को शैलेश चव्हाण की नियुक्ति की मान्यता रद्द कर दी. न्यायालय ने विभिन्न कानूनी पहलुओं का विचार कर सभी प्रकार के विवादास्पद आदेश और कार्रवाई को अवैध करार देकर रद्द कर दिया. याचिका कर्ता की ओर से एड. पुरूषोत्तम पाटिल, एड. राजू कडू ने पैरवी की.





