आंगणवाडी कर्मचारियों ने ‘मांग दिवस’ पर काला दिन मनाया

सरकारी कर्मचारी का दर्जा देने सहित पांच सूत्रिय मांगें उठाई

* गांधी चौक पर काले कपडे पहनकर किया जोरदार प्रदर्शन
अमरावती/दि.10 – ऑल इंडिया फेडरेशन के आह्वान पर आंगनवाड़ी कर्मचारी संघ (सीटू) के नेतृत्व में शुक्रवार को दोपहर 3 बजे अमरावती शहर के गांधी चौक में ‘मांग दिवस’ मनाया गया. इस अवसर पर आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं ने काले वस्त्र पहनकर सरकार की नीतियों का विरोध किया तथा बाल विकास परियोजना कार्यालय (पूर्व, पश्चिम एवं दक्षिण शहरी परियोजना) के समक्ष धरना देकर प्रशासन को अपनी मांगों का ज्ञापन सौंपा.
अंगणवाडी सेविका काफी समय से पेंशन, मानधन बढोत्तरी, पीएफ और ग्रेज्यूटी के लिए संघर्ष कर रही है. लेकिन राज्य शासन द्वारा उनकी मांगों की तरफ अनदेखी किये जाने से आज अंगणवाडी कर्मचारी संगठना (सीटू) के नेतृत्व में स्थानीय गांधी चौक पर दोपहर 3 बजे सभी आंगणवाडी सेविकाओं ने इकठ्ठा होकर राज्य सरकार की नीति के निषेधार्थ मांग दिवस के अवसर पर काला दिन मनाया. महिला एवं बाल विकास मंत्री अदिति तटकरे के नाम संबोधित ज्ञापन में संघ ने कहा कि बाल विकास सेवा (आईसीडीएस) योजना को 50 वर्ष पूरे हो चुके हैं, लेकिन इस योजना में कार्यरत आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं को अब तक सरकारी कर्मचारी का दर्जा नहीं मिला है. संघ ने अपनी प्रमुख मांगों में आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं को सरकारी कर्मचारी घोषित करने, तब तक 45वें भारतीय श्रम सम्मेलन की सिफारिश के अनुसार कार्यकर्ताओं को 41 हजार रुपये तथा सहायिकाओं को 35 हजार रुपये मानदेय देने, वर्ष 2018 से लंबित केंद्र सरकार के मानदेय में वृद्धि करने, सर्वोच्च न्यायालय की सिफारिशों के अनुरूप मासिक पेंशन, भविष्य निधि (पीएफ) और ग्रेच्युटी लागू करने तथा आंगनवाड़ी कर्मचारियों से बीएलओ और सहायक बीएलओ का कार्य जबरन नहीं करवाने की मांग की.
संगठन ने महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा जारी आदेशों को प्रभावी ढंग से लागू करने और आंगनवाड़ी कर्मचारियों की मांगों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करने की भी अपील की. धरना-प्रदर्शन के दौरान कर्मचारियों ने सरकार से जल्द सकारात्मक निर्णय लेकर लंबित मांगों का समाधान करने की मांग की. आंदोलन के दौरान अधिकांश आंगणवाडी सेविका काले वस्त्र धारण किये हुए थी और हाथों में संगठना के झंडे लहरा रही थी. इस आंदोलन में संगठना की जिला सचिव चंदा वानखडे, राज्य उपाध्यक्ष रेखा वानखडे, सहसचिव रेहाना खान, मनीषा मोरे, सुनीता भोवते, उज्वला लाड, मनीताई खोडके, क्षमा परवीन, वहीदार कलाम, लता मावले, सुरेखा बुटले समेत सैकडों अंगणवाडी सेविकाओं का समावेश था.

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