दर्यापुर में कांग्रेस को एक और बड़ा झटका
शहराध्यक्ष आतिश शिरभाते ने दिया इस्तीफा

* हालिया घटनाओं से आहत होकर छोड़ा पद
* स्थानीय राजनीति में चर्चाओं का दौर तेज
* शिंदे सेना की राह पर बताए जा रहे आतीश शिरभाते
* कुछ दिन पहले ही तहसील अध्यक्ष भारसाकले ने पद व पार्टी छोडा था
दर्यापुर/ दि. 5 – दर्यापुर में कांग्रेस पार्टी को आज उस समय एक और बड़ा राजनीतिक झटका लगा, जब पार्टी के दर्यापुर शहराध्यक्ष आतिश बबनराव शिरभाते ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया. हालांकि पद छोडने के बावजूद आतिश शिरभाते ने पार्टी नहीं छोडी है और वे फिलहाल कांग्रेस में ही बने हुए है. आतिश शिरभाते ने दर्यापुर तहसील अध्यक्ष पद से अपना इस्तीफा अमरावती जिला कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष बबलू देशमुख को सौंपा है. उनके इस फैसले से स्थानीय राजनीतिक हलकों में चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है और कांग्रेस संगठन के भीतर भी हलचल मच गई है.
जिलाध्यक्ष बबलू देशमुख को भेजे गए अपने इस्तीफा पत्र में आतिश शिरभाते ने कहा है कि वे कांग्रेस पार्टी के एक निष्ठावान और समर्पित कार्यकर्ता रहे हैं तथा पार्टी द्वारा उन पर सौंपी गई दर्यापुर शहराध्यक्ष की जिम्मेदारी का उन्होंने पूरी ईमानदारी और निष्ठा के साथ निर्वहन किया. उन्होंने पत्र में उल्लेख किया है कि दर्यापुर नगर परिषद चुनाव में कांग्रेस को उल्लेखनीय सफलता दिलाने में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही थी और संगठन को मजबूत करने के लिए उन्होंने लगातार कार्य किया. हालांकि, हाल के दिनों में घटी कुछ घटनाओं से उनकी भावनाएं आहत हुई हैं. इसी कारण उन्होंने शहराध्यक्ष पद से मुक्त किए जाने की इच्छा व्यक्त करते हुए अपना इस्तीफा जिलाध्यक्ष को सौंपा है. हालांकि उन्होंने अपने पत्र में उन घटनाओं का विस्तार से उल्लेख नहीं किया है, जिनके चलते उन्होंने यह निर्णय लिया. लेकिन माना जा रहा है कि दर्यापुर नगर परिषद ने स्वीकृत सदस्यों का चयन करते समय पार्टी द्बारा की गई अपनी अनदेखी से आतिश शिरभाते काफी हद तक आहत थे. जिसके चलते उन्होंने शहराध्यक्ष पद से इस्तीफा देते हुए अपनी नाराजगी का इजहार किया है.
वहीं दूसरी ओर आतिश शिरभाते के इस्तीफे के बाद दर्यापुर कांग्रेस संगठन में विभिन्न तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं. जिनके मुताबिक आशीष शिरभाते भी अब सुधाकर भारसाकडे की तरह शिंदे सेना की राह पर जा सकते हैं. ज्ञात रहे कि कुछ दिन पूर्व ही दर्यापुर क्षेत्र की सरकार राजनीतिक पर अपनी मजबूत पकड रखनेवाले सुधाकर भारसाकडे जैसे वरिष्ठ नेता ने कांग्रेस के दर्यापुर तहसील अध्यक्ष पद से इस्तीफा देते हुए पार्टी भी छोड दी थी और पूर्व मंत्री व विधायक बच्चू कडू के नेतृत्व पर भरोसा जताते हुए सुधाकर भारसाकले ने शिंदे सेना में प्रवेश कर लिया था. अभी दर्यापुर में कांग्रेस पार्टी इस झटके से उबरी भी नहीं थी कि अब आतिश शिरभाते ने कांग्रेस के दर्यापुर शहराध्यक्ष पद से इस्तीफा देते हुए कांग्रेस पार्टी को एक और झटका दे दिया है.
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यह घटनाक्रम आगामी स्थानीय राजनीतिक समीकरणों को प्रभावित कर सकता है. साथ ही कांग्रेस नेतृत्व के सामने संगठनात्मक संतुलन बनाए रखने की चुनौती भी खड़ी हो सकती है. फिलहाल पार्टी की ओर से उनके इस्तीफे पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है. अब सभी की नजरें जिला कांग्रेस नेतृत्व के अगले कदम पर टिकी हुई हैं. राजनीतिक हलकों में यह भी चर्चा है कि यदि शिरभाते को मनाने के प्रयास सफल नहीं हुए तो इसका असर स्थानीय संगठन और आगामी चुनावी रणनीतियों पर पड़ सकता है.





