बगाजी सागर बांध में अब केवल 81 प्रतिशत जलभंडार
कम बारिश और बढ़ते तापमान से पानी की खपत बढ़ी

44 गांवों पर मंडरा रहा जलसंकट का खतरा
धामणगांव रेलवे /दि.6- कम बारिश और लगातार बढ़ते तापमान के कारण बगाजी सागर बांध के जलभंडार में तेजी से कमी आ रही है. फिलहाल बांध में करीब 81 प्रतिशत पानी शेष है. यदि उपलब्ध पानी का नियोजन और उपयोग सावधानीपूर्वक नहीं किया गया, तो आने वाले महीनों में धामनगांव रेलवे सहित बांध पर निर्भर 44 गांवों में जलसंकट की स्थिति पैदा हो सकती है.
बगाजी सागर बांध लोअर वर्धा परियोजना के अंतर्गत अमरावती और वर्धा जिले की सीमा पर स्थित है. इस बांध से धामनगांव रेलवे शहर, पुराने धामनगांव, पुलगांव नगर परिषद, पुलगांव कैंप तथा देवली तहसील के 44 गांवों को पानी की आपूर्ति की जाती है. बांध की कुल जलसंग्रह क्षमता 283.80 दलघमी है.
* पिछले साल 100 प्रतिशत भरा था बांध
पिछले वर्ष बगाजी सागर बांध पूरी तरह यानी 100 प्रतिशत भर गया था. हालांकि, समय-समय पर पानी छोड़े जाने के कारण जलभंडार में कमी आती गई. इस वर्ष बांध के जलग्रहण क्षेत्र में अपेक्षाकृत कम बारिश हुई. इसके अलावा अपर वर्धा परियोजना का एक भी गेट नहीं खोले जाने के कारण बगाजी सागर में अतिरिक्त पानी का प्रवाह नहीं हो सका. इस वर्ष बांध करीब 82 प्रतिशत तक ही भर पाया था. अब पानी का लगातार उपयोग होने और वाष्पीकरण के कारण जलस्तर घटकर करीब 81 प्रतिशत रह गया है.
* तापमान बढ़ा, पानी की मांग भी बढ़ी
पिछले करीब 15 दिनों से मौसम में अचानक गर्मी बढ़ी है. सर्दियों के मौसम में भी गर्म हवाएं चलने से पानी की मांग बढ़ने लगी है. बढ़ते तापमान के कारण बांध में उपलब्ध पानी का वाष्पीकरण भी तेजी से हो रहा है. पिछले कुछ दिनों में जलभंडार में तेजी से कमी दर्ज की गई है. यदि आगामी दिनों में तापमान और बढ़ता है तो पानी की खपत बढ़ने की संभावना है. ऐसे में मानसून आने तक उपलब्ध जलभंडार को सुरक्षित रखना प्रशासन के लिए चुनौती बन सकता है.
* 44 गांवों में जलसंकट की आशंका
बगाजी सागर बांध से बड़ी संख्या में गांवों और शहरी क्षेत्रों को पानी की आपूर्ति होती है. इस वर्ष कम बारिश के कारण जलभंडार अपेक्षाकृत कम है. आने वाले करीब नौ महीनों तक इसी जलस्रोत पर निर्भर रहना पड़ेगा. ऐसे में पानी का नियोजन नहीं किया गया तो गर्मी के दौरान जलसंकट और गहरा सकता है. धामनगांव रेलवे नगर परिषद की महापौर डॉ. अर्चना अडसद-रोठे ने नागरिकों से पानी का समझदारी से उपयोग करने की अपील की है. उन्होंने कहा कि फिलहाल शहर में नियमित पानी की आपूर्ति हो रही है, लेकिन इस वर्ष कम बारिश के कारण बांध में पानी का स्तर कम है. इसलिए नागरिकों को पानी की बचत करनी चाहिए.
* मानसून तक पानी बचाए रखना जरूरी
लोअर वर्धा परियोजना के कार्यकारी अभियंता राजेश शर्मा ने कहा कि बगाजी सागर बांध का जलभंडार लगातार कम हो रहा है. सर्दी और गर्मी के आगामी महीनों को देखते हुए बांध में उपलब्ध पानी को मानसून तक सुरक्षित रखना जरूरी है. बढ़ते तापमान और वाष्पीकरण के कारण जलसंग्रह में हो रही कमी पर लगातार नजर रखी जा रही है. कम बारिश के बाद अब बांध में बचा 81 प्रतिशत जलभंडार ही आगामी महीनों के लिए मुख्य आधार है. ऐसे में प्रशासन के साथ-साथ नागरिकों द्वारा पानी का नियंत्रित एवं समझदारी से उपयोग करना आवश्यक हो गया है.





