महात्मा फुले लोकतांत्रिक जनक्रांति के जनक है

डॉ. सतीश तराल का प्रतिपादन

अमरावती/ दि. 6– महात्मा ज्योतीराव फुले ने शिक्षा के माध्यम से वंचित ,शोषित और स्त्रियों को समाज के मुख्य प्रवाह में लाने का ऐतिहासिक कार्य किया है. शिक्षा, सामाजिक सुधारणा, कृषि और स्त्रियों के उधार के लिए योगदान देनेवाले महात्मा फुले शैक्षणिक, सामाजिक, बौध्दिक और लोकतंत्र क्रांति के जनक है, ऐसा प्रतिपादन सुप्रसिध्द साहित्यिक डॉ. सतीश तराल ने किया. वे संत गाडगेबाबा अमरावती विद्यापीठ के अध्यासन केंद्र एवं स्व. छगनलाल मुलजीभाई कढी कला व विज्ञान महाविद्यालय अचलपुर कैम्प के संयुक्त तत्वाधान में आयोजित‘महात्मा ज्योतीराव फुले व संत गाडगेबाबा के जीवन व कार्य’ विषय पर आयोजित व्याख्यान में बोल रहे थे.
कार्यक्रम की अध्यक्षता संस्थाध्यक्ष डॉ. मेघा देशपांडे ने की. तथा प्रमुख अतिथि के रूप में विद्यापीठ व्यवस्थापन परिषद सदस्य डॉ. भैय्या साहेब मेटकर,संस्था सहसचिव डॉ. जयश्री कुलकर्णी, पूर्व प्राचार्य रा.भा. महाजन, शाहिर रवींद्रभाई हरणे, महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. काशिनाथ बनहाटे, अध्यासन केंद्र प्रमुख डॉ. दिलीप काले उपस्थित थे. कार्यक्रम का उद्घाटन आयोजन समिति के अध्यक्ष प्राचार्य महाजन के हस्ते किया गया.

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