भातकुली में निराधारों की रुकी पेंशन तत्काल शुरू करने की मांग
दिव्यांग, विधवा और बुजुर्ग लाभार्थियों को परेशानी

* सूखे से धान की फसल बर्बाद होने पर पंचनामा कर 50 हजार रुपए प्रति हेक्टेयर मदद की मांग
* प्रहार के प्रतिनिधि मंडल ने तहसीलदार को सौंपा ज्ञापन
अमरावती/दि.7- संजय गांधी निराधार अनुदान योजना सहित श्रवण-बाल योजना के लाभार्थियों की लंबे समय से रुकी आर्थिक सहायता तत्काल शुरू करने तथा सूखे के कारण धान की फसलों को हुए नुकसान का पंचनामा कर प्रभावित किसानों को आर्थिक मदद देने की मांग को लेकर तहसीलदार को प्रहार के अमरावती महानगर प्रमुख बंटी रामटेके और जिला प्रमुख छोटू महाराज वसू के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल द्वारा ज्ञापन सौंपा गया है.
ज्ञापन में कहा गया है कि भातकुली तहसील में कई दिव्यांग, विधवा, बुजुर्ग एवं निराधार लाभार्थियों की योजना की राशि कई दिनों से रुकी हुई है. आर्थिक रूप से कमजोर लाभार्थियों के लिए यह राशि ही जीवनयापन का महत्वपूर्ण सहारा है. राशि रुकने के कारण कई परिवारों के सामने गंभीर आर्थिक संकट पैदा हो गया है. ज्ञापनकर्ताओं ने आरोप लगाया कि साइड बंद होने तथा कागजात में त्रुटियों का हवाला देकर अनेक लाभार्थियों की सहायता राशि रोक दी गई है. उन्होंने मांग की कि प्रत्येक मामले की अलग-अलग जांच कर वास्तविक स्थिति स्पष्ट की जाए तथा पात्र लाभार्थियों को उनके हक की सहायता राशि जल्द से जल्द उपलब्ध कराई जाए.
* लाभार्थियों से विभागीय कर्मचारियों को मिलने की मांग
ज्ञापन में मांग की गई है कि तहसील प्रशासन के संबंधित तलाठी एवं कोतवाल जरूरतमंद लाभार्थियों से प्रत्यक्ष रूप से मिलकर उनकी समस्याएं समझें और योजना की राशि से संबंधित दिक्कतों का समाधान करें. साथ ही, जिन लाभार्थियों के दस्तावेजों में त्रुटियां हैं, उन्हें आवश्यक मार्गदर्शन देकर दस्तावेजों की पूर्तता कराने की मांग भी की गई है. ज्ञापनकर्ताओं ने प्रशासन को आठ दिनों की समयसीमा देते हुए कहा है कि इस अवधि में लाभार्थियों की पेंशन अथवा आर्थिक सहायता से संबंधित समस्याओं का समाधान किया जाए.
* सूखे से प्रभावित धान किसानों के पंचनामे की मांग
इसके साथ ही भातकुली तहसील में सूखे की स्थिति के कारण धान की फसलों को हुए नुकसान का तत्काल पंचनामा करने की मांग की गई है. ज्ञापनकर्ताओं के अनुसार बारिश की कमी के कारण किसानों की फसलें प्रभावित हुई हैं और अनेक किसानों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है. प्रभावित किसानों के खेतों का पंचनामा कर उन्हें शासन स्तर से आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने तथा 50 हजार रुपए प्रति हेक्टेयर की मदद देने की मांग की गई है.
* गांव में अनुपस्थित तलाठी पर कार्रवाई की मांग
ज्ञापन में यह भी आरोप लगाया गया है कि एक गांव में संबंधित तलाठी उपलब्ध नहीं रहते हैं, जिससे ग्रामीणों को सरकारी कामकाज के लिए परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. संबंधित तलाठी की अनुपस्थिति की जांच कर दोषी पाए जाने पर कार्रवाई करने की मांग की गई है. ज्ञापनकर्ताओं ने स्पष्ट किया कि यदि आठ दिनों के भीतर निराधार लाभार्थियों की रुकी हुई सहायता राशि तथा किसानों की समस्याओं का समाधान नहीं किया गया, तो प्रहार सामाजिक संगठनों की ओर से तहसील कार्यालय का घेराव आंदोलन किया जाएगा. उन्होंने प्रशासन से आंदोलन की स्थिति उत्पन्न होने से पहले ही सभी समस्याओं का निराकरण करने की मांग की है.





