विद्यार्थियों के सुप्त गुणों की पहचान करना ही शिक्षा
उपशिक्षणाधिकारी इमरान खान का कथन

* श्री समर्थ विद्यालय में गुणवंत विद्यार्थियों का सम्मान
अमरावती /दि.20– श्री समर्थ शिक्षण संस्था द्वारा संचालित श्री समर्थ विद्यालय एवं कनिष्ठ महाविद्यालय में कक्षा 10वीं एवं 12वीं की शालांत परीक्षा सहित एनएमएमएस, गणित संबोध तथा शासकीय छात्रवृत्ति परीक्षाओं में उत्कृष्ट सफलता प्राप्त करने वाले मेधावी विद्यार्थियों का सम्मान समारोह आयोजित किया गया. जिला परिषद के माध्यमिक उपशिक्षणाधिकारी इमरान खान के हाथों विद्यार्थियों को सम्मानित किया गया.
कार्यक्रम की अध्यक्षता श्री समर्थ शिक्षण संस्था के अध्यक्ष डॉ. विनोद कोलवाडकर ने की. इस अवसर पर संस्था के उपाध्यक्ष प्रा. मोहन पुरोहित, सचिव डॉ. देवदत्त बोधनकर, कार्यकारिणी सदस्य संदीप गोडबोले, संस्था सदस्य मुकुंद पांडे, त्र्यंबक राजदेरकर, मंजिरीताई पाठक, शालेय व्यवस्थापन समिति अध्यक्ष मीनाक्षी देशपांडे, मुख्याध्यापक धनंजय पाठक, उपमुख्याध्यापक सचिन देवले तथा पर्यवेक्षक मधुसूदन वटक और अमित कापगाते उपस्थित थे. कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्वलन तथा मां सरस्वती और समर्थ रामदास स्वामी की प्रतिमा के पूजन से हुई. छात्रा फाल्गुनी जवने ने शारदास्तवन प्रस्तुत किया. विद्यार्थियों, पर्यवेक्षक मधुसूदन वटक एवं सुषमा गिरासे ने स्वागत गीत प्रस्तुत किया. संस्था की ओर से अध्यक्ष डॉ. विनोद कोलवाडकर ने उपशिक्षणाधिकारी इमरान खान का शाल, श्रीफल एवं पौधा देकर सत्कार किया. इस अवसर पर उपशिक्षणाधिकारी इमरान खान ने विद्यार्थियों की सफलता की सराहना करते हुए कहा कि विद्यार्थियों के भीतर छिपे गुणों की पहचान कर उन्हें विकसित करना ही वास्तविक शिक्षा है. उन्होंने शिक्षकों से विद्यार्थियों के छंद और विशेष रुचियों को पहचानकर उन्हें आगे बढ़ने का अवसर देने का आह्वान किया. उन्होंने प्रशिक्षण एवं शिविरों के लिए श्री समर्थ विद्यालय द्वारा शिक्षा विभाग को उपलब्ध कराए जा रहे सहयोग के लिए संस्था एवं विद्यालय प्रशासन का आभार भी व्यक्त किया.
कार्यक्रम अध्यक्ष डॉ. विनोद कोलवाडकर ने कहा कि प्रत्येक व्यक्ति का अपनी आयु के अनुसार कर्तव्य होता है और उसका ईमानदारी से पालन करने पर सफलता की राह आसान होती है. उन्होंने अभिभावकों से विद्यार्थियों के अंकों और करियर को लेकर अनावश्यक दबाव नहीं बनाने की अपील की. मुख्याध्यापक धनंजय पाठक ने अपने प्रास्ताविक में बताया कि श्री समर्थ शिक्षण संस्था की स्थापना 16 जुलाई 1934 को हुई थी. स्थापना से लेकर आज तक श्री समर्थ विद्यालय सफलता के नए शिखर हासिल कर रहा है. उन्होंने कहा कि विद्यालय एक मंदिर की तरह है, जो संस्था, शिक्षक, अभिभावक और शिक्षा विभाग इन चार स्तंभों पर खड़ा है तथा विद्यार्थी इस मंदिर का कलस हैं. शिक्षकों, शिक्षकेतर कर्मचारियों, विद्यार्थियों और अभिभावकों के सामूहिक प्रयासों से विद्यालय लगातार सफलता की ओर अग्रसर है. कार्यक्रम का संचालन सुवर्णा गणोरकर एवं रोशनी खांडे ने किया, जबकि उपमुख्याध्यापक सचिन देवले ने आभार व्यक्त किया. समारोह में विद्यार्थी, सम्मानित विद्यार्थी एवं उनके अभिभावक, शिक्षक तथा शिक्षकेतर कर्मचारी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे. कार्यक्रम की सफलता के लिए विद्यालय के शिक्षक, शिक्षकेतर कर्मचारी और स्वयंसेवक विद्यार्थियों ने विशेष परिश्रम किया.
* मेधावी विद्यार्थियों का सम्मान
कक्षा 10वीं की शालांत परीक्षा में अनुष्का राजेश मशिदकर ने विद्यालय में प्रथम तथा अमरावती बोर्ड में द्वितीय स्थान प्राप्त किया. उसे विभिन्न स्मृति पुरस्कारों से सम्मानित किया गया. इसके अलावा प्रार्थना निरंजन नवले, संचिता श्रीकांत पाटील, प्राची सुनील धोटे, यशस्वी विनोद भोयर, आर्यन सचिन लांडोरे, श्रावणी किशोर शिखरे, जुई मनीष देशपांडे, कृष्णिका शैलेश तिडके, अर्णवी राजेश बारड, तन्वी पंकज जुननकर, येशू राजू जवलकर, आनंदी नितीन मोरे, प्रणव सुनील साखरकर, श्रीरत मिलिंद देशपांडे, प्राची प्रकाश दुबे, विधी मुकेश लाचुरे, अनिकेत योगेश पांडे, सम्यक दीपक मेश्राम, हिमानी देवेंद्र काटोले, गौरी निलेश सोनपरोते, शौर्य बंडू मदनकर, ब्रिजेश विलास पेचकाडे, जय रविंद्र अवघड और इशिका मनोज राणे का भी सम्मान किया गया. कक्षा 12वीं में कनिष्ठ महाविद्यालय से प्रथम स्थान प्राप्त करने वाले आदित्य बालकृष्ण पद्मन सहित धनश्री रामेश्वर दुधे, प्रथमेश मनीष सवई, काजल रविंद्र ठोकल, आर्यन सुभाष बागडे, वेदिका श्रीकांत डुमरे और क्षितिज गोपाल दातेराव को सम्मानित किया गया. वर्ष 2025-26 की छात्रवृत्ति परीक्षा में कक्षा 7वीं के समर्थ संजय काजे, अनुश्री निवृत्ती ठाकरे, शिवराज दिनेश ठाकरे और पियुष सत्यजित राठोड को विशेष रूप से सम्मानित किया गया. एनएमएमएस छात्रवृत्ति परीक्षा में सफलता प्राप्त करने वाले आराध्य गजानन ढोले, ईश्वरी अतुल बोदडे, सार्थक अमोलचंद्र गाडेकर, शर्वरी सदाशिव देशमुख, अनुश्री योगेश सोनवणे, राज गोपीचंद राठोड, खुशी राजेश पुरी, सुखदा सुधीर हिवे, पार्थ नितीन गणोरकर और अनन्या योगेश कथधने का भी सत्कार किया गया. गणित संबोध परीक्षा 2025-26 में अमरावती तहसील में प्रथम स्थान प्राप्त करने वाले समर्थ संजय काजे, द्वितीय स्थान प्राप्त आरोही जितेंद्र हजारे, तृतीय स्थान प्राप्त अथर्व अविनाश थिटे तथा उत्तीर्ण विद्यार्थी पियुष सत्यजित राठोड को सम्मानित किया गया. इसके अलावा विद्यालय के प्रतिभावान विद्यार्थियों सई सुरेश वडी, शुभम अजय झाडगावकर, स्वरा निखिल कस्तुरे, आदित्य निखिल कस्तुरे, सेजल ओमप्रकाश घोडे और सर्वेश राजेश कुलकर्णी का भी सम्मान किया गया.





