महाराष्ट्र के हर विद्यापीठ में दिव्यांग छात्रों के लिए बनेगा अलग विभाग
मंत्री चंद्रकांत पाटिल की विधान परिषद में घोषणा

मुंबई /दि.8– महाराष्ट्र सरकार राज्य के सभी विश्वविद्यालयों में दिव्यांग विद्यार्थियों के लिए अलग विभाग स्थापित करेगी. उच्च एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री चंद्रकांत पाटिल ने विधान परिषद में घोषणा करते हुए कहा कि इस संबंध में जल्द ही शासनादेश जारी किया जाएगा.
महाराष्ट्र निजी विश्वविद्यालय अधिनियम पर चर्चा के दौरान विधायक बच्चू कडू ने दिव्यांग विद्यार्थियों की उच्च शिक्षा का मुद्दा उठाते हुए राज्य में दिव्यांगों के लिए अलग विश्वविद्यालय स्थापित करने की मांग दोहराई. उन्होंने कहा कि इस विषय पर पहले भी प्रस्ताव तैयार किया गया था, लेकिन मामला अभी लंबित है. इस पर जवाब देते हुए मंत्री चंद्रकांत पाटिल ने कहा कि दिव्यांगों के लिए अलग विश्वविद्यालय स्थापित करने का प्रस्ताव सरकार के विचाराधीन है, लेकिन इसमें समय लग सकता है. इसलिए अंतरिम व्यवस्था के रूप में राज्य के प्रत्येक विश्वविद्यालय में दिव्यांग विद्यार्थियों के लिए स्वतंत्र विभाग स्थापित करने का निर्णय लिया गया है.
उन्होंने बताया कि यह विभाग दिव्यांग छात्रों को प्रवेश प्रक्रिया, शैक्षणिक सुविधाएं, अध्ययन सामग्री, परामर्श, परीक्षा प्रबंधन, तकनीकी सहायता तथा सरकार की विभिन्न योजनाओं का लाभ दिलाने के लिए समन्वय का कार्य करेगा. इसका उद्देश्य दिव्यांग विद्यार्थियों के सामने आने वाली शैक्षणिक बाधाओं को दूर कर उन्हें अधिक सुलभ, समावेशी और सुविधाजनक उच्च शिक्षा का वातावरण उपलब्ध कराना है. मंत्री ने सदन को आश्वस्त किया कि राज्य के सभी विश्वविद्यालयों में यह विभाग शुरू करने के लिए आवश्यक शासनादेश जल्द जारी किया जाएगा. इससे दिव्यांग विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा में बेहतर अवसर और आवश्यक सहायता उपलब्ध हो सकेगी.





