फडणवीस के सभी दांव खत्म, अब मेरी बारी – मनोज जरांगे

सोलापुर /दि.8- मराठा आंदोलनकारी मनोज जरांगे पाटील ने मराठा समाज के कुणबी प्रमाणपत्र रद्द किए जाने के मुद्दे पर महाराष्ट्र सरकार के खिलाफ एक बार फिर आक्रामक रुख अपनाया है. उन्होंने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि सत्ता का दुरुपयोग कर मराठाओं के कुणबी प्रमाणपत्र और पुरानी कुणबी प्रविष्टियां जानबूझकर रद्द की जा रही हैं. सोलापुर के शिवाजी चौक में छत्रपति शिवाजी महाराज की प्रतिमा का उद्घाटन करने के बाद पत्रकारों से बातचीत में जरांगे ने कहा, फडणवीस के सभी दांव अब खत्म हो चुके हैं, अब मेरा दांव शुरू होगा. उन्होंने दावा किया कि उनके पास इस संबंध में दस्तावेज और प्रमाण भी हैं.
* एक की वैधता, दूसरे का प्रमाणपत्र रद्द कैसे?
जरांगे ने जाति प्रमाणपत्र की वैधता को लेकर कथित भेदभाव पर सवाल उठाया. उन्होंने कहा कि एक ही परिवार में भाई का जाति प्रमाणपत्र वैध ठहराया जाता है, जबकि उसकी सगी बहन का प्रमाणपत्र रद्द कर दिया जाता है. उन्होंने दहीहंडे मामले का हवाला देते हुए कहा कि जाति पडताळणी समिति ने प्रमाणपत्र वैध करने की बात कही थी, लेकिन अगले ही दिन प्रमाणपत्र रद्द कर दिया गया. उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर यह सब किसके इशारे पर हो रहा है?
* बावनकुले के पत्र को लेकर लगाए आरोप
राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले पर भी हमला बोलते हुए जरांगे ने दावा किया कि मराठाओं की कुणबी प्रविष्टियां और प्रमाणपत्र रद्द करने के लिए एक गुप्त पत्र जारी किया गया है. जरांगे ने कहा कि यह पत्र उनके हाथ लगा है और फडणवीस के निर्देश पर बावनकुले के माध्यम से कार्रवाई की जा रही है. उन्होंने कहा कि शिंदे समिति और अधिकारियों ने पुराने रिकॉर्ड खोजकर निकाले हैं. यदि ये मूल रिकॉर्ड मौजूद हैं तो फिर उनके आधार पर जारी प्रमाणपत्रों को रद्द क्यों किया जा रहा है? जरांगे ने कहा कि वह मराठा समाज के बच्चों के अधिकारों को नुकसान पहुंचाने की कोशिश को सफल नहीं होने देंगे.
* 29 अगस्त को आंदोलन का आह्वान
आगामी आंदोलन की घोषणा करते हुए जरांगे ने मराठा समाज से 29 अगस्त को बड़ी संख्या में अंतरवाली सराटी पहुंचने का आह्वान किया. उन्होंने कहा कि उस दिन एक भी मराठा घर में नहीं बैठना चाहिए और सभी अपने वाहनों के साथ अंतरवाली सराटी पहुंचें. जरांगे ने कहा कि मराठा समाज अपने बच्चों के आरक्षण के अधिकार के लिए लड़ रहा है और अधिकार मिलने तक आंदोलन जारी रहेगा.





