कैबिनेट बैठक के बाद फडणवीस की बड़ी घोषणा
दसवीं-बारहवीं के विद्यार्थियों को बड़ी राहत

अब नहीं देना होगा परीक्षा शुल्क
मुंबई /दि 30– राज्य सरकार की कैबिनेट बैठक में विद्यार्थियों को बड़ी राहत देने वाला फैसला लिया गया है. राज्य में सूखा घोषित किए जाने के बाद हुई इस बैठक में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए हैं. मंगलवार को राज्य मंत्रिमंडल की बैठक हुई. इस दौरान राज्य के लिए कई बड़े फैसले लिए गए. इनमें दसवीं और बारहवीं कक्षा के विद्यार्थियों को राहत देने वाला महत्वपूर्ण निर्णय भी शामिल है. मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने मीडिया से बातचीत करते हुए इसकी जानकारी दी.
उन्होंने कहा कि दसवीं और बारहवीं के विद्यार्थियों से परीक्षा शुल्क लेकर बाद में उसे वापस करने के बजाय अब परीक्षा शुल्क लिया ही नहीं जाए, ऐसी भूमिका सरकार ने अपनाई है.
* सूखे को लेकर भी बड़ा फैसला
सूखे की स्थिति को लेकर आज कई जिलों की समीक्षा की गई. मुख्यमंत्री ने बताया कि इस बार स्थिति कुछ अलग है. शुरुआती दो महीनों में बारिश हुई, लेकिन उसके बाद के दो महीनों में बारिश गायब हो गई. इससे किसानों को नुकसान हुआ है. हालांकि तकनीकी मानदंडों के कारण कुछ किसान सूखे से मिलने वाली सहायता के दायरे में नहीं आ पा रहे हैं. ऐसा नहीं होना चाहिए. इसलिए जो तालुके मौजूदा मानदंडों में शामिल नहीं हो पाए हैं, उन्हें भी सूखे के मानदंडों के दायरे में लाकर प्रभावित किसानों को राहत देने का प्रस्ताव बैठक में रखा गया है. मुख्यमंत्री के अनुसार, पहली सूची में शामिल नहीं हुए तालुकों को भी न्याय दिया जाएगा. कई जगह फसलें सूख गई हैं, लेकिन वे ‘ट्रिगर-1’ के मानदंड में नहीं आ रहे हैं. ऐसे तालुकों में जमीनी स्तर पर निरीक्षण किया जाएगा और सूखे से प्रभावित किसानों को सरकारी योजनाओं का लाभ देने का निर्णय लिया गया है.
* आरक्षण को लेकर मुख्यमंत्री ने क्या कहा?
मुख्यमंत्री ने बताया कि इस संबंध में एक समिति गठित की गई है. समिति यह तय करेगी कि विभिन्न वर्गों के बीच तनाव पैदा किए बिना आरक्षण का लाभ सभी तक किस तरह पहुंचाया जा सकता है. उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में सभी को आंदोलन करने का अधिकार है और आंदोलन करने वालों की वे आलोचना नहीं करेंगे.
* अग्निवीरों को लेकर बड़ा निर्णय
मुख्यमंत्री ने अग्निवीरों को लेकर भी महत्वपूर्ण जानकारी दी. अग्निवीरों की पहली बैच अब अपना कार्यकाल पूरा करके बाहर आने वाली है. उन्होंने बताया कि 25 प्रतिशत अग्निवीरों को सेना में स्थायी रूप से बनाए रखा जाएगा. इसके अलावा पुलिस और अन्य संबंधित सेवाओं में भी उनके लिए आरक्षण का प्रावधान होगा.





