सचिन वाझे को जमानत मंजूर

एंटीलिया बम कांड और मनसुख हिरेन हत्या प्रकरण

मुंबई /दि 30 – एंटीलिया बम कांड मामले में सचिन वाझे को मुंबई की विशेष सत्र अदालत ने जमानत दी है. उन्हें 1 लाख रुपये के निजी मुचलके और इतनी ही राशि के स्थानीय जमानतदार पर रिहा करने का आदेश दिया गया है. एंटीलिया बम कांड और मनसुख हिरेन हत्या मामले में इससे पहले भी कुछ आरोपियों को जमानत मिल चुकी है. इनमें मुंबई पुलिस के पूर्व अधिकारी प्रदीप शर्मा, सुनील माने और रियाजुद्दीन काजी के नाम शामिल हैं. विशेष अदालत ने 1 अगस्त को उनके खिलाफ आरोप तय किए थे. इसके बाद आरोपियों के खिलाफ हत्या, जबरन वसूली, सबूत नष्ट करने और आपराधिक साजिश जैसी धाराओं के तहत मुकदमा चलाया जाएगा.
करीब साढ़े पांच साल से जेल में रहने के आधार पर वाझे को जमानत मिली है. अदालत ने निर्देश दिया है कि यदि सचिन वाझे के पास पासपोर्ट है, तो उसे एनआईए के पास जमा करना होगा. महत्वपूर्ण गवाहों के बयान दर्ज होने तक सचिन वाझे के मुंबई समेत पांच जिलों में प्रवेश पर रोक लगाई गई है. उन्हें मुंबई, नवी मुंबई, रायगढ़, ठाणे और पालघर जिलों में रहने की भी अनुमति नहीं होगी. हालांकि, अदालत की कार्यवाही के लिए इन जिलों में आने की अनुमति दी जाएगी. उन्हें अपने रहने के स्थान का पता 7 दिनों के भीतर एनआईए को देना होगा. साथ ही, हर रविवार दोपहर 12 बजे से 3 बजे के बीच स्थानीय पुलिस थाने में हाजिरी लगाना अनिवार्य किया गया है.
अदालत ने वाझे को गवाहों से संपर्क नहीं करने और सबूतों के साथ किसी भी तरह की छेड़छाड़ नहीं करने का भी निर्देश दिया है. सचिन वाझे को करीब साढ़े पांच साल से जेल में रहने के कारण जमानत दी गई है. एंटीलिया बम कांड और मनसुख हिरेन हत्या मामले में वाझे आरोपी हैं. लंबे समय तक जेल में रहने का मुद्दा जमानत देते समय अदालत के सामने महत्वपूर्ण रहा. हालांकि, सचिन वाझे के खिलाफ अन्य मामले भी लंबित हैं, इसलिए उनके तुरंत जेल से बाहर आने की संभावना पर अन्य कानूनी मामलों का असर पड़ सकता है. जमानत की शर्तों के तहत वाझे को 24 घंटे पूरी तरह चार्ज फोन अपने पास रखना होगा. छख- जरूरत पड़ने पर उनसे संपर्क कर सकती है और वीडियो कॉल के जरिए उनकी मौजूदगी की पुष्टि भी कर सकती है.

Back to top button