सूखे की मार झेल रहे किसानों पर आग का कहर

शिरजगांव मोजारी में भीषण अग्निकांड

चारा, खेती के औजार और 60 स्प्रिंकलर पाइप जलकर खाक
डेढ़ लाख से अधिक का नुकसान
तिवसा /दि.7– पहले से ही भीषण सूखे की मार झेल रहे किसानों की मुश्किलें सोमवार रात शिरजगांव मोजारी में हुई आग की घटना से और बढ़ गईं. गांव में एक किसान के पशु बाड़े में अचानक लगी भीषण आग में चारा, खेती के औजार और सिंचाई के उपकरण जलकर खाक हो गए. इस अग्निकांड में दो किसानों का डेढ़ लाख रुपये से अधिक का नुकसान होने का प्राथमिक अनुमान है.
जानकारी के मुताबिक सोमवार की देर रात करीब 3 बजे प्रकाश ठावरे के पशु बाड़े में अचानक आग लग गई. देखते ही देखते आग ने विकराल रूप धारण कर लिया और बाड़े में रखा चारा तथा खेती से संबंधित सामान इसकी चपेट में आ गया. आग इतनी भीषण थी कि बाड़े के आसपास मौजूद सामान भी जलकर राख हो गया. इसी दौरान पुष्पा बेलसरे के खेत में सिंचाई के लिए लगाए गए करीब 60 स्प्रिंकलर पाइप भी आग की चपेट में आ गए. आग की तीव्रता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि पास में मौजूद नीम का हरा पेड़ भी करीब 20 फीट की ऊंचाई तक झुलस गया.
* श्रेयस बकाले ने दिखाई हिम्मत, बचाए बंधे हुए पशु
आग की सूचना मिलते ही ग्रामीण मौके पर पहुंचे और आग बुझाने के प्रयास शुरू किए. इसी दौरान श्रेयस बकाले नामक युवक ने अपनी जान की परवाह किए बिना जलते हुए तबेले में प्रवेश किया और अंदर बंधे पशुओं को सुरक्षित बाहर निकाला. श्रेयस ने आग के बीच से महज आठ दिन के बछड़े को भी सुरक्षित बाहर निकाल लिया. उसकी इस बहादुरी की ग्रामीणों में सराहना हो रही है. समय रहते पशुओं को बाहर निकाल लेने से बड़ी जनहानि टल गई.
* फायर ब्रिगेड पहुंची, सुबह 7.30 बजे आग पर काबू
ग्रामीणों के प्रयासों के बावजूद आग पूरी तरह नियंत्रित नहीं हो पा रही थी. इसके बाद चांदूर रेलवे नगर परिषद की दमकल टीम को सूचना दी गई. दमकल कर्मियों ने मौके पर पहुंचकर आग बुझाने का अभियान शुरू किया. करीब सुबह 7.30 बजे आग पर पूरी तरह काबू पाया गया. ग्रामीणों ने भी आग बुझाने में दमकल कर्मियों का सहयोग किया. आग पर नियंत्रण पाने तक बाड़े और खेत में रखा काफी सामान जलकर नष्ट हो चुका था.
* तलाठी ने किया पंचनामा, आर्थिक सहायता की मांग
घटना की सूचना मिलने के बाद संबंधित तलाठी ने मौके पर पहुंचकर पंचनामा किया है. घटना की रिपोर्ट तिवसा तहसील आपदा प्रबंधन विभाग को भेज दी गई है. ग्रामीणों ने प्रशासन और सरकार से मांग की है कि पहले से ही सूखे के कारण आर्थिक संकट से जूझ रहे प्रभावित किसानों को तत्काल आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जाए. किसानों का कहना है कि खेती में नुकसान और अब आग की घटना ने उनकी आर्थिक मुश्किलों को और बढ़ा दिया है.

 

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