सीबीआई के नाम पर 71 लाख की ठगी!
पत्नी की सतर्कता से बड़ा साइबर फ्रॉड उजागर

मुंबई/ दि.4 – डोंबिवली से एक चौंकाने वाली खबर सामने आई है. साइबर ठग अब सीधे खुद को सीबीआई अधिकारी बताकर आम नागरिकों को लूट रहे हैं. डोंबिवली के एक व्यक्ति से पूरे 71 लाख रुपये ठग लिए गए हैं. ‘डिजिटल अरेस्ट’ और ‘कोर्ट केस’ का डर दिखाकर यह ठगी की गई, लेकिन इस पूरे मामले में एक महिला की सतर्कता से सच्चाई सामने आई. आखिर क्या है पूरा मामला?
मार्च महीने के पहले सप्ताह में महेश आगरकर को एक फोन आया. फोन करने वाले ने खुद को सीबीआई का अधिकारी बताया. उसने यह झूठी कहानी बनाई कि आगरकर के मोबाइल से महिलाओं को आपत्तिजनक मैसेज भेजे गए हैं और घाटकोपर पुलिस में शिकायत दर्ज है। इसके बाद कहा गया कि इस मामले की जांच सीबीआई कर रही है और उन्हें मानसिक दबाव में लिया गया.
कुछ ही समय में संदीप कुमार राव और करण शर्मा ने आगरकर से संपर्क किया. उन्होंने आगरकर के बैंक खाते में गड़बड़ी होने की बात कहकर उन्हें ‘डिजिटल अरेस्ट’ की धमकी दी. भरोसा जीतने के लिए आरोपियों ने फर्जी आदेश भी भेजे. केस से बचाने और जांच पूरी होने के बाद पैसे वापस मिलने का भरोसा देकर आरोपियों ने आगरकर से धीरे-धीरे 71 लाख रुपये ठग लिए.
* पत्नी की सतर्कता से खुलासा
इतनी बड़ी रकम देने के बाद आगरकर को शक हुआ और उन्होंने पूरी बात अपनी पत्नी को बताई. उनकी पत्नी ने तुरंत आरोपियों से कुछ सवाल पूछे, लेकिन वे संतोषजनक जवाब नहीं दे पाए. शक बढ़ने पर उन्होंने भेजे गए दस्तावेजों की जांच की, जिसमें पता चला कि सारे दस्तावेज फर्जी हैं.
ठगी का एहसास होते ही आगरकर टिलकनगर पुलिस स्टेशन पहुंचे। मामले की गंभीरता को देखते हुए डोंबिवली के सहायक पुलिस आयुक्त सुहास होमाडे और वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक विजय कदम ने आरोपियों की तलाश के लिए विशेष टीमें भेजी हैं. आरोपियों के बैंक लेनदेन की गहराई से जांच की जा रही है और पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि वे ऐसे किसी भी अनजान फोन कॉल का शिकार न बनें.





