10 दिनों में 7.50 रुपए महंगा हुआ इंधन
अमरावती में अब पेट्रोल 112.22 रूपए लीटर

* डीजल भी 2.71 रुपए बढा, अब 98.26 रूपए लीटर
* दरवृद्धि का चौका, किसान और सामान्य के लिए महंगाई कमरतोड
* मार्केट में मंदी, दुपहिया चलाना दुश्वार
अमरावती/दि.25 – मोदी सरकार देशवासियों के सब्र का कडा इम्तहान ले रही है. पेट्रोलियम पदार्थों के दाम सतत चौथी बार बढाए गए है. इस बार पेट्रोल में 2.61 रुपए और डीजल में 2.71 रुपए की बढोतरी की गई है. फलस्वरुप आम आदमी की कमरतोड देनेवाली महंगाई की आशंका बढ गई है. पहले ही अनेक वस्तुओं के दाम बेतहाशा बढने के साथ मार्केट में मंदी का माहौल बना है. अब इंधन दरवृद्धि से फल, सब्जी और कई चीजे महंगी होने जा रही है.
केन्द्र के अधीन तीनों बडी तेल कंपनियों इंडियन ऑइल, भारत पेट्रोलियम, हिन्दुस्तान पेट्रोलियम देशवासियों की अनोखी परीक्षा ले रही है. विश्व मार्केट में कच्चे तेल के दाम बढने से भारत में शनै-शनै रेट बढाए जा रहे हैं. 10 दिनों के अंदर चौथी बार पेट्रोल और डीजल के भाव क्रमश: 261 और 271 पैसे प्रति लीटर बढा दिए गये हैं. नये रेट तत्काल प्रभाव से लागू हो जाने के कारण अमरावती में पेट्रोल के भाव अब 112.22 रूपए और डीजल 98 रूपए 26 पैसे प्रति लीटर हो गया है. स्पष्ट है कि महंगाई का तडका लग गया है. अब फलों, सब्जियों और कई चीजों के रेट बढना अवश्यंभावी माना जा रहा हैं. विपक्षी नेताओं ने सरकार की नीतियों की आलोचना की है. वह जनता के धैर्य की परीक्षा लेने पर तुली है, ऐसा अधिकांश नेता कह रहे हैं.
* पहलीबार हुआ ऐसा
ंपेट्रोल पंप डीलर असो. के पदाधिकारी कह रहे हैं कि पहली बार 12 दिनों में चौथी बार दरवृध्दि की गई है. एक ओर सरकार कह रही है कि देश में इंधन का पर्याप्त भंडार है. ऐसे में सरकार एक बार दाम बढा दे तो जनता समझ जायेगी. इस प्रकार धीरे- धीरे दाम बढाए जाने से लोगों की आशंका बढ रही है और वें टैंक फुल करा रहे हैं. जिससे न चाहते हुए भी इंधन की किल्लत दिखाई पडती है. कई पंप ड्राय होने की संभावना बढ जाती है. सरकार ने स्पीड पेट्रोल की सप्लाई पर रोक लगाने के भी समाचार है. पंप संचालकों ने बताया कि, कंपनियां सुपर पेट्रोल देने में आनाकानी कर रही है.
14 रूपए बढने की आशंका
इतना ही नहीं तो अब घरेलू गैस अर्थात एलपीजी सिलेंडर के भी रेट बढाए जाने की आशंका व्यक्त की जा रही हैे. कमर्शियल सिलेंडर के रेट पिछले मार्च माह में और मई के आरंभ में तीन बार में 1450 रूपए प्रति सिलेंडर बढाए गये थे. एलपीजी घरेलू सिलेंडर में भी 50 रूपए की मूल्यवृध्दि मार्च माह में की गई थी. जिससे पेट्रोल क्षेत्र के जानकार आशंका जता रहे है कि, घरेलू सिलेंडर की भी दरवृध्दि हो सकती है. वहीं पेट्रोल और डीजल के रेट प्रति लीटर 14-15 रूपए बढाए जाने की आशंका व्यक्त की गई है.
हर कोई सहमा
लगातार बढते इंधन के दाम से सभी वस्तुएं महंगी होने की आशंका बलवती हुई है. हर कोई सहमा हुआ है. अभी ट्रैवल के रेट बढते जा रहे हैं. निजी टैक्सी प्रति किलो मीटर 2-3 रूपए महंगी हो गई है. उसी प्रकार निजी ट्रैवल बसें भी अब रेट बढा सकती है. सब्जियों, फलों की ढुलाई महंगी हो रखी है. जिससे सामान्य अमरावतीवासी सहमे हुए हैं. अब महंगाई और क्या- क्या चीजें आम आदमी की पहुंच से दूर करती है, यह देखनेवाली बात होगी.
* टैक्सी किराया ला रहा मुश्किल
टैक्सी का किराया प्रति किलोमीटर रहता है. पेट्रोल और डीजल के रेट टुकडे-टुकडे में बढाए जाने से टैक्सी संचालक पशोपेश में है. अब वे ग्राहकों को उस दिन के इंधन रेट की शर्त पर बुकिंग ले रहे हैं. अधिक मास होने से अभी विवाहित सीजन कुछ दिन रुका हुआ है. किंतु शीघ्र होनेवाले थोडे विवाह मुहूर्त और धार्मिक यात्राओं के लिए टैक्सी बुकिंग सशर्त होने की जानकारी गोपाल महाराज ट्रैवल्स के संचालक प्रकाश उर्फ लाला श्रीमाली ने दी. उन्होंने बताया कि, अब रेट 3-4 रुपए प्रति किमी बढाने के सिवाय टैक्सी संचालकों के पास चारा नहीं है.
* एक बार में क्यों नहीं बढा देते?
अमरावती के बाशिंदों से अमरावती मंडल ने चर्चा की तो अधिकांश सामान्य लोगों ने कहा कि, मोदी सरकार सभी की परीक्षा ले रही है. अमेरीका-ईरान युद्ध का बहाना किया जा रहा है. सरकार को इंधन के दाम बढाने है, तो एक बार में क्यों नहीं मूल्यवृद्धि कर दी जाती. अभी तो 7 रुपए 57 पैसे प्रति लीटर दाम बढ चुके हैं. अमरावती में 105 का पेट्रोल 112 के पार प्रति लीटर चला गया है. दुपहिया चलाना दुश्वार हो गया है. किंतु भीषण गर्मी और उसमें कामकाज की बढोतरी के कारण इंधन वाले दुपहिया चलाना पडता है. मध्यम वर्ग की दिक्कत सर्वाधिक बढी है.





