एक बार राजनीति छोड़ दूंगी लेकिन कांग्रेस पार्टी और अपनी विचारधारा को कभी नहीं छोड़ूंगी

वरिष्ठ कांग्रेस नेत्री व पूर्व मंत्री यशोमति ठाकुर का बेबाक प्रतिपादन

अपने जन्मदिवस की पूर्व संध्या पर अमरावती मंडल से की विशेष तौर पर बातचीत                                                                    ईडी व सीबीआई के डर का खुद पर कोई असर नहीं रहने की बात कह                                                                                पीएम मोदी व भाजपा पर तानाशाही करने व लोकतांत्रिक मूल्यों को नष्ट करने का लगाया आरोप                                                      कांग्रेस सांसद राहुल गांधी को बताया देश में सबसे काबिल व निष्कलंक नेता                                                                            देश की भलाई व विकास के लिए कांग्रेस सहित समविचारी दलों की सत्ता को बताया जरूरी                                                            तिवसा निर्वाचन क्षेत्र से तीन बार विधायक रहने के साथ ही मविआ सरकार में मंत्री भी रह चुकी हैं यशोमति ठाकुर                              महिला व बाल विकास मंत्री के तौर पर किया था जबरदस्त व उल्लेखनीय काम                                                                            अमरावती की जिला पालक मंत्री के तौर पर भी काम रहा बेहद प्रभावी                                                                                        अमरावती/दि.16- इस समय राज्य सहित देश की सत्ता में रहने वाली भारतीय जनता पार्टी द्वारा खुद को सत्ता में बनाए रखने हेतु हर तरह के हथकंडों का प्रयोग किया जा रहा है, जिसमें सबसे प्रमुख हथकंडा यह है कि विपक्षी दलों के नेताओं को ईडी व सीबीआई जैसी जांच एजेंसियों की ओर से की जाने वाली कार्रवाई का डर दिखाते हुए उन्हें अपने खेमे में शामिल किया जाए। जिन नेताओं ने कभी लालच में फंसकर कोई गलत काम किया होगा, वे भाजपा की ओर से दिखाए जाने वाले डर के कारण अपनी पार्टी छोड़कर भाजपा में शामिल हो जाते हैं। इस तरह के हथकंडों का मुझ पर भी प्रयोग करने का प्रयास किया गया था और मुझे भी भाजपा में शामिल होने की ऑफर व लालच दिया गया था। लेकिन चूंकि मैंने कभी कोई गलत काम किया ही नहीं है, तो मुझे ईडी व सीबीआई से डरकर भाजपा में शामिल होने की कोई जरूरत ही नहीं है। साथ ही सबसे बड़ी बात यह है कि कांग्रेस मेरे खून में संस्कारों की तरह रची-बसी है। ऐसे में जरूरत पड़ने पर मैं एक बार राजनीति के क्षेत्र को छोड़ सकती हूं, परंतु कांग्रेस पार्टी और अपनी विचारधारा को नहीं छोड़ सकती। इस आशय का बेबाक प्रतिपादन कांग्रेस की कद्दावर महिला नेत्री व पूर्व मंत्री एड. यशोमति ठाकुर द्वारा किया गया।

पूर्व मंत्री एड. यशोमति ठाकुर का उनके जन्मदिवस की पूर्व संध्या पर दैनिक अमरावती मंडल ने विशेष साक्षात्कार लिया, जिसमें उपरोक्त प्रतिपादन करने के साथ ही एड. यशोमति ठाकुर ने अपने राजनीतिक सफर के साथ-साथ अपने निजी पारिवारिक जीवन सहित सार्वजनिक क्षेत्र में अपनी सक्रियता के बारे में खुलकर बातचीत की। इसमें पूर्व मंत्री एड. यशोमति ठाकुर ने कहा कि कांग्रेस सहित अन्य दलों से भाजपा में जाने वाले नेताओं का विचारों एवं सिद्धांतों वाली राजनीति से कोई लेना-देना नहीं है, बल्कि ऐसे नेताओं को हर हाल में सत्ता ही प्यारी है। यही वजह है कि सत्ता का सुख और लाभ प्राप्त करने के लिए वे लोग भाजपा में प्रवेश कर रहे हैं। वहीं दूसरी ओर हम जैसे लोग भी हैं, जो अपने विचारों व सिद्धांतों से कभी कोई समझौता नहीं कर सकते।

बता दें कि तिवसा निर्वाचन क्षेत्र से वर्ष 2004 से 2024 तक लगातार पांच बार विधानसभा का चुनाव लड़ते हुए वर्ष 2009, 2014 व 2019 के चुनाव में जीत दर्ज कर लगातार तीन बार विधायक निर्वाचित होने के साथ ही, वर्ष 2019 में गठित उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली महाविकास आघाडी की सरकार में महिला व बाल विकास विभाग की मंत्री रहने के साथ ही अमरावती की जिला पालक मंत्री के तौर पर बेहद शानदार व उल्लेखनीय काम करने वाली कांग्रेस की तेज-तर्रार महिला नेत्री यशोमति ठाकुर हमेशा ही अपने दो-टूक बयानों तथा बेबाक टिप्पणियों के लिए चर्चा एवं सुर्खियों में रहती हैं। लेकिन दैनिक अमरावती मंडल के साथ बेहद पारिवारिक माहौल के बीच हुई बातचीत के दौरान उन्होंने बेहद शांत व संयत तरीके से सभी सवालों के जवाब दिए। हालांकि इस बातचीत के दौरान उन्होंने किसी का भी नाम लिए बिना विपक्षी नेताओं पर जबरदस्त तरीके से निशाना जरूर साधा। साथ ही साथ वर्ष 2014 के बाद राज्य सहित देश में राजनीतिक हालात के बुरी तरह से बदल जाने एवं सत्ता पक्ष व विपक्ष के बीच विसंवाद वाली स्थिति बन जाने को लेकर अपनी चिंता भी व्यक्त की।

इस बातचीत में पूर्व मंत्री एड. यशोमति ठाकुर ने कहा कि कांग्रेस पार्टी के खून एवं संस्कारों में आंदोलन है। कांग्रेस ने स्वतंत्रता पूर्व काल के समय से सड़क पर उतरकर आंदोलन करते हुए देश को आजादी दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई और फिर आजादी के बाद ब्रिटिश दासता से मुक्त हुए एवं लुटे-पिटे देश को संभालते हुए उसे प्रगति पथ पर ले जाने का काम भी अगले 60-70 वर्षों तक किया। लेकिन आज कुछ लोग कांग्रेस के योगदान को नकारते हुए इतिहास को बदलने का प्रयास कर रहे हैं। इसी विचारधारा के खिलाफ आज हमारी लड़ाई चल रही है, ताकि देश को भटकने से बचाया जा सके। इस समय कांग्रेस पार्टी सहित समविचारी दलों की सत्ता को देश की भलाई के लिए बेहद जरूरी बताते हुए एड. यशोमति ठाकुर ने कहा कि पीएम मोदी तथा उनके नेतृत्व वाली सरकार द्वारा राष्ट्रवाद की आड़ लेते हुए हर बात में इवेंटबाजी और नौटंकी की जा रही है। साथ ही देशवासियों को अलग-अलग तरह के तमाशे दिखाकर बरगलाया जा रहा है। वहीं इसकी आड़ लेकर निर्वाचन आयोग का साथ लेते हुए लोकतांत्रिक व्यवस्था को तहस-नहस करने का काम किया जा रहा है, जिसके चलते देश आज हर मोर्चे पर बुरी तरह से विफल है। जिसके परिणामस्वरूप देश में महंगाई और बेरोजगारी बढ़ रही हैं।

कांग्रेस सांसद राहुल गांधी को इस समय देश में सबसे काबिल, परिपक्व एवं निष्कलंक नेता बताते हुए पूर्व मंत्री यशोमति ठाकुर ने कहा कि पीएम मोदी सहित उनके दाहिने-बाएं रहने वाले लोगों ने हमेशा ही सांसद राहुल गांधी को उपहास का पात्र बनाने का प्रयास किया; क्योंकि राहुल गांधी द्वारा बड़े पुरजोर तरीके से पीएम मोदी सहित उनके नेतृत्व वाली सरकार की खामियों को उजागर किया जाता है। इसके चलते आम जनमानस में सांसद राहुल गांधी की छवि एवं प्रतिमा को मलीन करने हेतु भाजपा द्वारा आईटी सेल की मदद लेकर तमाम तरह की मनगढ़ंत कहानियों के साथ-साथ तमाम तरह के झूठे प्रचार भी किए जाते हैं। जबकि हकीकत यह है कि सांसद राहुल गांधी ने कोविड काल के पहले तत्कालीन अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दौरे का विरोध किया था, जिसकी अनदेखी करते हुए ट्रंप का गुजरात दौरा आयोजित हुआ था; जिसमें हजारों, लाखों लोगों की भीड़ इकट्ठा हुई थी और उसके बाद से ही देश में कोविड के मरीज पाए जाने लगे। इसी तरह रूस-यूक्रेन युद्ध सहित ईरान-इजराइल युद्ध के समय सांसद राहुल गांधी ने आर्थिक संकट को लेकर चेतावनी दी थी, जिसकी हमेशा की तरह अनदेखी की गई और अब देश वाकई आर्थिक संकट में फंसा हुआ है। जिसके चलते पीएम मोदी को ईंधन की दरों में वृद्धि करने के साथ ही लोगों से खर्च में कटौती करने का आह्वान करना पड़ रहा है, जिससे साबित होता है कि सांसद राहुल गांधी द्वारा दी गई चेतावनी पूरी तरह से सही थी।

इसी मुद्दे पर आगे बातचीत करते हुए पूर्व मंत्री यशोमति ठाकुर ने कहा कि पीएम मोदी एवं भाजपा द्वारा अपनी हर सफलता अथवा विफलता का ठीकरा कांग्रेस पर फोड़ा जाता है तथा अपनी हर गलती के लिए गांधी व नेहरू को जिम्मेदार बताया जाता है। जबकि विगत 12-13 वर्षों से केंद्र सहित देश के अधिकांश राज्यों में भाजपा की ही सत्ता है और कांग्रेस केवल 3 या 4 राज्यों की सत्ता संभाल रही है। लेकिन इसके बावजूद हर बात के लिए कांग्रेस पार्टी ही निशाने पर रहती है। इसका सीधा मतलब है कि 12-13 वर्षों से केंद्र सहित कई राज्यों की सत्ता में रहने वाली भाजपा आज भी कांग्रेस पार्टी से डरती है, क्योंकि भाजपा का सामना राहुल गांधी जैसे सच बोलने वाले नेता से है; जो पार्टी से भी ऊपर उठकर सबसे पहले देश और इंसानियत के बारे में सोचते व बात करते हैं।

तिवसा निर्वाचन क्षेत्र के पूर्व विधायक स्वर्गीय भैयासाहब ठाकुर की बिटिया एवं पूर्व मंत्री यशोमति ठाकुर ने कहा कि उनका जन्म कांग्रेसी विचारधारा से वास्ता रखने वाले राजनीतिक घराने में हुआ था और उनका परिवार राष्ट्रसंत तुकडोजी महाराज, कर्मयोगी संत गाडगेबाबा तथा कृषि व शिक्षा महर्षि डॉ. पंजाबराव देशमुख के विचारों एवं सिद्धांतों के प्रति समर्पित है। उन्होंने बचपन से ही अपने पिता को समाज के सभी वर्गों की भलाई के लिए बिना किसी भेदभाव के काम करते देखा है और वे भी अपने पिता के नक्शेकदम पर चलने का प्रयास कर रही हैं। अपनी राजनीतिक यात्रा के बारे में बात करते हुए पूर्व मंत्री यशोमति ठाकुर ने कहा कि अपने महाविद्यालयीन जीवन के समय से ही वे युवक कांग्रेस के साथ जुड़ गई थीं और उन्होंने युवक कांग्रेस में बेहद समर्पित भाव से काम किया। जिसके चलते कांग्रेस के तत्कालीन उपाध्यक्ष व सांसद राहुल गांधी की उन पर नज़र पड़ी और उन्हें युवक कांग्रेस की राष्ट्रीय कार्यकारिणी में काम करने का मौका मिला, जिसके चलते वे खुद को सांसद राहुल गांधी की ’खोज’ भी कह सकती हैं। युवक कांग्रेस से भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की राष्ट्रीय कार्य समिति में पहुंचने की अपनी यात्रा को याद करते हुए पूर्व मंत्री एड. यशोमति ठाकुर ने कहा कि इस दौरान उन्हें महाराष्ट्र सहित कर्नाटक, छत्तीसगढ़, बिहार, जम्मू-कश्मीर, दिल्ली, हरियाणा, दमन-दीव के साथ ही अभी हाल-फिलहाल तमिलनाडु राज्य के विधानसभा चुनाव के दौरान पार्टी के प्रचार अभियान को संभालने का मौका मिला।

राजनीति में इन दिनों सत्ता पक्ष व विपक्ष के बीच कोई संवाद ही नहीं रहने तथा सत्तापक्ष दल द्वारा विपक्षी दलों के नेताओं के साथ पूरा समय प्रतिद्वंद्वियों व दुश्मनों की तरह व्यवहार किया जाता है और बदले की भावना के साथ काम किया जाता है, यह किसी भी तरह से वैचारिक व राजनीतिक प्रगल्भता का द्योतक नहीं है। पूर्व मंत्री यशोमति ठाकुर ने याद किया कि महाराष्ट्र सहित देश में लंबे समय तक कांग्रेस की सत्ता रही लेकिन कांग्रेस ने कभी भी अपने विरोधी दलों के साथ इस तरह का व्यवहार नहीं किया। साथ ही उन्होंने इस बात का भी विशेष उल्लेख किया कि मौजूदा सत्ताधारी दल के मंत्रियों व नेताओं द्वारा विपक्षी नेताओं के साथ-साथ खुद अपने ही दल से वास्ता रखने वाले नेताओं को मिलने हेतु समय नहीं दिया जाता, तथा सत्ता पक्ष से वास्ता रखने वाले मंत्री व विधायक खुद को अपने क्षेत्र, राज्य व देश का मालिक समझकर व्यवहार कर रहे हैं। जबकि हमारे हिसाब से राजनीति का उपयोग सत्ता का सुख भोगने के लिए नहीं, बल्कि आम जनता की सेवा व भलाई करने के लिए होना चाहिए।

अपने बेबाक बयानों के चलते पूर्व मंत्री एड. यशोमति ठाकुर हमेशा ही अपने विरोधियों के निशाने पर रहती हैं तथा उनके विरोधी नेताओं सहित उन नेताओं के समर्थकों द्वारा अक्सर ही सोशल मीडिया के जरिए एड. यशोमति ठाकुर की जमकर आलोचनाएं की जाती हैं। इसे लेकर पूछे गए सवाल पर जवाब देते हुए पूर्व मंत्री यशोमति ठाकुर ने कहा कि वे कभी भी राजनीतिक आलोचनाओं से डरती नहीं हैं और ऐसी आलोचनाओं से कभी विचलित भी नहीं होती हैं; क्योंकि उनका लक्ष्य बेहद स्पष्ट है कि वे जनसेवा एवं देश सेवा के लिए राजनीति के क्षेत्र में हैं और उन्होंने अपना जीवन आम लोगों की भलाई के लिए समर्पित कर दिया है। परंतु दुख और अफसोस की बात यह है कि मौजूदा दौर में राजनीति जमकर कमाई करने और चांदी काटने का जरिया बन गई है और कुछ लैंड माफिया टाइप के लोगों ने राजनीतिक क्षेत्र में भी घुसपैठ कर ली है।

इस समय अमरावती में सरकारी मेडिकल कॉलेज की जमीन को लेकर चल रहे विवाद पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए पूर्व मंत्री एड. यशोमति ठाकुर ने कहा कि अमरावती के हिस्से में लंबी प्रतीक्षा और कड़े संघर्ष के बाद सरकारी मेडिकल कॉलेज आया है, लेकिन अब सरकारी मेडिकल कॉलेज कहां पर शुरू हो और उसकी वजह से खुद को कैसे फायदा मिले, इसे लेकर ही राजनीति शुरू हो गई है। पूर्व मंत्री यशोमति ठाकुर का कहना रहा कि अमरावती शहर जिला मुख्यालय रहने के साथ ही संभागीय मुख्यालय भी है, जिसके चलते अमरावती सरकारी मेडिकल कॉलेज अमरावती शहर या शहर के बेहद आसपास ऐसी जगह पर स्थापित हो, जहां तक आने-जाने की तमाम सुविधाएं उपलब्ध हों। इस बात को ध्यान में रखते हुए उन्होंने राज्य सरकार में मंत्री रहते समय सुझाव दिया था कि या तो अमरावती के मेडिकल कॉलेज के लिए अमरावती शहर में जगह उपलब्ध कराई जाए या फिर अमरावती शहर के पास ही रहाटगांव से नांदगांव पेठ के बीच उपलब्ध रहने वाली सरकारी जमीन को मेडिकल कॉलेज हेतु आवंटित किया जाए। लेकिन कुछ लोगों ने अपने व्यक्तिगत फायदे को ध्यान में रखते हुए अमरावती सरकारी मेडिकल कॉलेज के लिए शहर से 12 किमी दूर बडनेरा से आगे कोंडेश्वर रोड पर स्थित जंगल क्षेत्र में जगह आवंटित करवाई ताकि उन्हें भविष्य में उस जमीन के आसपास स्थित उनकी व्यक्तिगत जमीनों की बिक्री में लाभ मिल सके। लेकिन ऐसा करते समय इस तथ्य की अनदेखी की गई कि बाहर गाँव से आने वाले मेडिकल छात्रों सहित स्थानीय मेडिकल छात्र एवं जिले सहित अन्य जिलों से आने वाले सर्वसामान्य वर्ग के मरीज अमरावती शहर से 12 किमी दूर स्थित मेडिकल कॉलेज व अस्पताल तक कैसे आना-जाना करेंगे? ऐसे में बेहद जरूरी है कि नेताओं के व्यक्तिगत लाभ की बजाय सरकार द्वारा आम लोगों के हितों को प्राथमिकता दी जाए।

राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के साथ वर्ष 2009 से काम करने का अनुभव रहने की बात कहते हुए पूर्व मंत्री यशोमति ठाकुर ने कहा कि जब वे वर्ष 2009 में तिवसा निर्वाचन क्षेत्र से पहली बार कांग्रेस की विधायक निर्वाचित हुई थीं, तब राज्य में कांग्रेस व राकांपा आघाडी की सरकार बनी थी। उस समय नागपुर से भाजपा के टिकट पर विधायक निर्वाचित होने वाले देवेंद्र फडणवीस नेता प्रतिपक्ष बने थे, जो आगे चलकर वर्ष 2014 में राज्य के मुख्यमंत्री भी बने। ऐसे में उन्होंने 2009 से 2014 तक देवेंद्र फडणवीस को पहले नेता प्रतिपक्ष व फिर मुख्यमंत्री के तौर पर काम करते देखा है। उस समय के देवेंद्र फडणवीस और आज के देवेंद्र फडणवीस में जमीन-आसमान का अंतर है; क्योंकि वर्ष 2019 के बाद देवेंद्र फडणवीस का पूरा व्यक्तित्व ही बदल गया और वर्ष 2024 में एक बार फिर राज्य के उपमुख्यमंत्री बनने के बाद फडणवीस के कामकाज की शैली उनके पिछले कार्यकाल की तुलना में पूरी तरह से अलग है।

वर्ष 2004 में लड़े गए पहले चुनाव की हार तथा तीन बार विधायक रहने के बाद वर्ष 2024 के पांचवें चुनाव की हार में रहने वाले अंतर को लेकर पूछे गए सवाल पर पूर्व मंत्री यशोमति ठाकुर ने कहा कि वर्ष 2004 में जब उन्होंने पहला चुनाव लड़ा था, तब वे राजनीति के क्षेत्र में बेहद नई थीं। लेकिन इसके बावजूद उनकी केवल साढ़े तीन हजार वोटों से हार हुई थी, जिसके बाद उन्होंने एक के बाद एक लगातार तीन बार विधानसभा के चुनाव जीते और हर बार उनके वोटों की लीड का आंकड़ा बढ़ता ही चला गया। इस दौरान उन्हें चुनाव में पराजित करने के लिए उनके विरोधियों द्वारा कई तरह के हथकंडे अपनाए गए, जिसके तहत वर्ष 2014 के चुनाव के समय उनके परिवार में फूट डालने का भी प्रयास किया गया। लेकिन इसके बावजूद वे पूरी ताकत के साथ मैदान में डटी रहीं और उन्होंने सन 2014 के चुनाव सहित वर्ष 2019 के चुनाव में भी जीत हासिल की। जिसके चलते उन्हें हराने के लिए सन 2024 के चुनाव में एक अलग तरह का हथकंडा प्रयोग में लाया गया, जिसके तहत मतदाता सूची में बड़े पैमाने पर हेराफेरी की गई। इस बात को विस्तार से समझाते हुए पूर्व मंत्री यशोमति ठाकुर ने कहा कि उनके तिवसा निर्वाचन क्षेत्र में प्रत्येक पांच वर्ष के अंतराल पर मतदाता संख्या में 15 से 20 हजार मतदाताओं की वृद्धि हो रही थी, यही स्थिति अन्य निर्वाचन क्षेत्रों में भी थी। परंतु वर्ष 2024 का चुनाव आते-आते जहां बडनेरा निर्वाचन क्षेत्र में 35 हजार मतदाता बढ़े, वहीं तिवसा निर्वाचन क्षेत्र में 11 हजार मतदाता घट गए। इतनी बड़ी संख्या में मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से गायब हो जाने का सीधा परिणाम चुनावी नतीजों पर पड़ा। यह साफ तौर पर एक सोची-समझी साजिश थी, जिसे लेकर कांग्रेस द्वारा हमेशा ही आवाज उठाई जाती है। वर्ष 2024 के विधानसभा चुनाव का नतीजा सामने आते ही पहली प्रतिक्रिया को लेकर पूछे गए सवाल का जवाब देते हुए पूर्व मंत्री यशोमति ठाकुर ने बताया कि उस समय उन्हें अपनी भावनाओं पर काबू रखते हुए अपने रोते-बिलखते कार्यकर्ताओं को संभालना था; क्योंकि उनके लिए उनका निर्वाचन क्षेत्र एक परिवार की तरह है तथा उनकी हार का निर्वाचन क्षेत्र में हर एक व्यक्ति को काफी बुरा लगा था।

अपने पारिवारिक जीवन के बारे में बात करते हुए पूर्व मंत्री यशोमति ठाकुर ने कहा कि उनके पिता पूर्व विधायक स्वर्गीय भैयासाहब ठाकुर हमेशा ही उनके जीवन के लिए सबसे मजबूत आधारस्तंभ रहे, जिन्होंने उनका हर समय पूरा साथ देते हुए उनका मार्गदर्शन किया। इस समय पूर्व मंत्री यशोमति ठाकुर ने याद किया कि वर्ष 2004 में अपने जीवन का पहला विधानसभा चुनाव लड़ने के एक साल बाद ही उनके यजमान का आकस्मिक अवसान हो गया था। उस समय उनके बेटे यशवर्धन की उम्र साढ़े चार साल तथा बेटी आकांक्षा की उम्र साढ़े तीन साल थी। ऐन युवावस्था के समय जीवनसाथी के बिछड़ जाने की वजह से उनके हिस्से में वैधव्य एवं एकाकी जीवन वाला प्रालब्ध आ गया था और स्थिति बेहद विपरीत हो गई थी। लेकिन चूंकि उस समय तक वे एक चुनाव लड़कर सार्वजनिक जीवन में सक्रिय हो चुकी थीं, ऐसे में पीछे मुड़ने या रुक जाने का भी विकल्प नहीं था। उस वक्त उनके पिता ने उन्हें भावनात्मक रूप से मजबूत करते हुए आगे बढ़ने हेतु सहारा दिया, जिसके बदौलत वे आज यहां तक पहुंची हैं। आज भले ही उनके पिता उनके साथ सशरीर मौजूद नहीं हैं, लेकिन वे अपने पिता के चैतन्य स्वरूप को हमेशा ही अपने आसपास महसूस करती हैं। इस बातचीत में पूर्व मंत्री यशोमति ठाकुर ने यह भी बताया कि अब उनका बड़ा बेटा यशवर्धन 26 साल का हो गया है, जिसने वकालत की पढ़ाई पूरी करने के साथ ही अपना एक स्वतंत्र व्यवसाय शुरू किया है। साथ ही बेटी आकांक्षा ने भी वकालत की डिग्री हासिल की है और वह एक अंतरराष्ट्रीय संस्थान से शेफ बनने का प्रशिक्षण प्राप्त कर रही हैं। यह जानकारी देने के साथ ही पूर्व मंत्री यशोमति ठाकुर ने यह बात भी साफ तौर पर कही कि उनके दोनों में से किसी भी बच्चे पर राजनीति के क्षेत्र में आने तथा अपने नाना व मां की विरासत को संभालने का कोई दबाव नहीं है।

अमरावती के स्थानीय स्वायत्त निकाय निर्वाचन क्षेत्र में बहुत जल्द होने जा रहे विधानपरिषद के चुनाव की रणनीति तथा पिछले चुनाव के अनुभव को लेकर पूछे गए सवाल के जवाब में पूर्व मंत्री यशोमति ठाकुर ने कहा कि पिछली बार कांग्रेस के पास 117 वोट रहने के बावजूद कांग्रेस प्रत्याशी को मात्र 16 वोट ही मिले थे, ऐसा क्यों हुआ था इस बारे में उनके पास कोई जानकारी नहीं है। लेकिन इस बार कांग्रेस सहित महाविकास आघाडी के घटक दलों के पास अमरावती स्वायत्त निकाय क्षेत्र में जीत की दावेदारी के लिए अच्छे-खासे वोट हैं, जिसके चलते उन्हें उम्मीद है कि इस बार कांग्रेस के प्रदेश नेतृत्व द्वारा दमदार प्रत्याशी उतारा जाएगा और अमरावती स्वायत्त निकाय निर्वाचन क्षेत्र से विधानपरिषद की सीट पर कांग्रेस ही विजयी होगी।

 

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