हमारे साथ गद्दारी की, तो याद रखना
मराठा आरक्षण को लेकर जरांगे का सरकार पर निशाना

* मराठाओं के 58 लाख रिकॉर्ड के मुद्दे पर सफाई की मांग
* तीखी बयानबाजी से राजनीतिक माहौल गरमाया
जालना / दि. 31 – मराठा आरक्षण के मुद्दे पर आंदोलन कर रहे मनोज जरांगे पाटील ने महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे पर अपना हमला और तेज कर दिया है. 58 लाख मराठा रिकॉर्ड मिलने के दावे को लेकर जरांगे ने शिंदे और भाजपा से स्थिति स्पष्ट करने की मांग की है. उनके हालिया बयानों से राज्य की राजनीति में एक बार फिर हलचल बढ़ गई है. जरांगे पाटील ने कहा कि यदि 58 लाख रिकॉर्ड मिलने की बात सही है तो सरकार को इसे स्पष्ट रूप से सामने रखना चाहिए. वहीं, यदि इतने रिकॉर्ड नहीं मिले हैं, तो उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे या मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को इसकी जानकारी सार्वजनिक करनी चाहिए. उन्होंने आरोप लगाया कि रिकॉर्ड कम करने या उनके साथ छेड़छाड़ करने का प्रयास किया गया और अगर हमारे साथ गद्दारी करने का प्रयास हुआ, तो मराठा समाज इसे स्वीकार नहीं करेगा.
* परभणी दौरे को लेकर भी निशाना
जरांगे ने एकनाथ शिंदे के परभणी दौरे को लेकर भी सवाल उठाए. उन्होंने दावा किया कि शिंदे ने पहले अपना दौरा रद्द किया था, लेकिन बाद में उन्हें यह संदेश मिलने के बाद कि जरांगे पाटील ने विरोध से छूट दी है, दौरा किया गया. हालांकि, इस संबंध में जरांगे द्वारा किए गए दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है. जरांगे ने यह भी कहा कि यदि मराठा आंदोलनकारियों और शिंदे के बीच टकराव की स्थिति बनती तो स्थिति अलग हो सकती थी. उनके इन बयानों को लेकर राजनीतिक हलकों में चर्चा शुरू हो गई है.
* ‘चर्चा के दरवाजे खुले हैं’ बयान पर पलटवार
मुख्यमंत्री फडणवीस की ओर से बातचीत के लिए दरवाजे खुले होने संबंधी बयान पर भी जरांगे ने प्रतिक्रिया दी. उन्होंने कहा कि मराठा समाज ने सरकार के पास आने की इच्छा व्यक्त नहीं की है. साथ ही उन्होंने सरकार की कार्यप्रणाली और संविधान के नाम पर होने वाली राजनीति पर भी सवाल उठाए. जरांगे ने भाजपा और सरकार पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि राजनीतिक व्यवस्था में अलग-अलग लोगों के लिए अलग-अलग मापदंड अपनाए जा रहे हैं. उन्होंने कहा कि मराठा समाज अपने आरक्षण की मांग को लेकर पीछे हटने वाला नहीं है.
* आंदोलन के 11 वें चरण में तीखे तेवर
मराठा आरक्षण की मांग को लेकर जरांगे पाटील इस समय अपने आंदोलन के 11 वें चरण में हैं. इसी दौरान उनके एकनाथ शिंदे के खिलाफ लगातार तीखे बयान सामने आ रहे हैं. पहले भी उन्होंने शिंदे को लेकर कड़ी भाषा का इस्तेमाल किया था और अब 58 लाख रिकॉर्ड तथा परभणी दौरे को लेकर उनके आरोपों ने राजनीतिक बहस को और तेज कर दिया है. जरांगे के बयानों पर सरकार अथवा एकनाथ शिंदे की ओर से इस वक्त तक क्या आधिकारिक प्रतिक्रिया आती है, इस पर राजनीतिक और सामाजिक क्षेत्र की नजरें टिकी हैं.





