शहर पुलिस की कार्यप्रणाली में सुधार जरूरी- विधायक खोडके
पुलिस निरीक्षक संदीप चव्हाण पर की कार्रवाई की मांग

* मानसून सत्र में फिर उठाया मुद्दा
अमरावती/दि.10– विधायक संजय खोडके ने विधानसभा के मानसून सत्र में अमरावती शहर में बढती अपराध गतिविधियों और अवैध धंधों को लेकर गंभीर चिंता व्यक्त की, उन्होंने कहा कि, राज्य के गृह विभाग और पुलिस विभाग अपराध नियंत्रण के लिए अच्छा कार्य कर रहे है. लेकिन अमरावती पुलिस आयुक्तालय क्षेत्र में लगातार अपराध और अवैध कारोबार बढने से कानून – व्यवस्था की स्थिति चिंताजनक हो गई है. उन्होंने अमरावती पुलिस आयुक्तालय की कार्यप्रणाली में सुधार की आवश्यकता बताते हुए गृह विभाग से विशेष हस्तक्षेप की मांग की. विधायक खोडके ने आरोप लगाया कि, अमरावती शहर के एमडी ड्रग्स सहित विभिन्न प्रतिबंधित मादक पदार्थो का अवैध कारोबार खुले आम चल रहा है और पुलिस प्रशासन इस पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करने में असफल रहा है. उन्होंने कहा कि, शहर में हर दूसरे-तीसरे दिन हत्या जैसी गंभीर घटनाएं सामने आ रही है. जिससे आम नागरिकों में भय का वातावरण पैदा हो गया है. उन्होंने सवाल उठाया कि, अपराध नियंत्रण में पुलिस तंत्र की विफलता के पीछे कहीं किसी प्रकार का दबाव तो नहीं है या फिर अवैध कारोबारियों के साथ मिलीभगत जैसी स्थिति तो नहीं बन रही है. उन्होंने गृह विभाग से अमरावती पुलिस आयुक्तालय के कार्यो की समीक्षा कर आवश्यक सुधारात्मक कदम उठाने की मांग की. विधायक संजय खोडके ने शहर अपराध शाखा के पूर्व पुलिस निरीक्षक संदीप चव्हाण की नियुक्ति पर भी सवाल खडे किए, उन्होंने कहा कि जिन अधिकारियों पर जांच चल रही हो ,भ्रष्टाचार के आरोप हो या जो निर्धारित पात्रता मानदंडों पर खरे नहीं उतरते हो. उन्हें अपराध शाखा जैसे महत्वपूर्ण पदों पर नियुक्ति नहीं किया जाना चाहिए. उन्होंने बताया कि, पुलिस महानिर्देशक व्दारा अपराध शाखा में नियुक्ति के लिए कुछ स्पष्ट दिशा-निर्देश निर्धारित किए गए है. जिनमें अधिकारी का बी-प्लस श्रेणी का होना, कम से कम दो पुलिस थानों में निरीक्षक के रूप में कार्य का अनुभव होना तथा उनके विरूध्द कोई जांच या आपराधिक मामला लंबित न होना शामिल है. खोडके ने दावा किया कि संदीप चव्हाण इन मानकों पर खरे नहीं उतरते और उनके विरूध्द पूर्व में भ्रष्टाचार निरोधक विभाग की कार्रवाई भी हो चुकी है. उन्होंने कहा कि, इस मुद्दे को मार्च सत्र में भी उठाया गया था तथा मुुख्यमंत्री को शिकायत भी की गई थी. जिसके बाद उनका तबादला कर राजापेठ पुलिस थाने में भेजा गया. हालाकि केवल तबादला पर्याप्त नहीं है और उनके खिलाफ कडी कार्रवाई की जानी चाहिए. गृह विभाग से संबंधित अंतिम सप्ताह प्रस्ताव पर बोलते हुए विधायक खोडके ने कहां कि, पिछले पांच वर्षो में महाराष्ट्र में अपराध दर में कमी आई है और साइबर अपराध तथा मादक पदार्थो के खिलाफ कार्रवाई मं राज्य पुलिस ने सराहनीय कार्य किया है. उन्होंने कहा कि, अमरावती पुलिस को भी पर्याप्त संसाधन और सहयोग उपलब्ध कराया जाना चाहिए. उन्होंने शहर के तेजी से बढते विस्तार को देखते हुए वर्तमान 10 पुलिस थानों की संख्या बढाने की आवश्यकता बताई. इसके लिए तपोवन , साईनगर और एमआईडीसी क्षेत्र मं तीन नए पुलिस थाने स्थापित करने के प्रस्ताव को मंजूरी देने की मांग की. इसके अलावा उन्होंने पुलिस कर्मियों के लिए आवासीय कालोनी निर्माण ,शहर के विभिन्न क्षेत्रों में सीसीटीवी कैमरे लगाने तथा यातायात व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाने की आवश्यकता पर जोर दिया. उन्होंने कहा कि यातायात पुलिस केवल चालान जारी करने तक सीमित न रहे ,बल्कि ट्रैफिक को सुचारू और नियंत्रित रखने में सक्रिय भूमिका निभाए. विधायक खोडके ने होमगार्ड जवानों को अधिक रोजगार उपलब्ध कराते ,उनकी डयुटी को सीमित न रखने तथा पुलिस भर्ती में आयु सीमा में विशेष छूट देने की भी मांग भी सरकार के समक्ष रखी.





