औद्योगिक क्षेत्र में महाराष्ट्र आज भी नंबर-1, बंद हुई कंपनियों के आंकड़ों का सच अलग

मुख्यमंत्री फडणवीस ने पांच वर्षों में 36 हजार कंपनियां बंद होने के दावों पर दिया जवाब

* कहा- सक्रिय कंपनियों की संख्या एक दशक में तीन गुना बढ़ी
मुंबई /दि.15 – महाराष्ट्र में पिछले पांच वर्षों के दौरान 36 हजार से अधिक कंपनियों के बंद होने के आंकड़ों को लेकर विपक्ष की ओर से उठाए जा रहे सवालों पर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने विस्तृत जवाब दिया है. उन्होंने कहा कि कुछ कंपनियों के बंद होने के आंकड़ों के आधार पर राज्य के औद्योगिक विकास पर सवाल उठाना उचित नहीं है. वास्तविकता यह है कि महाराष्ट्र आज भी देश का सबसे बड़ा औद्योगिक केंद्र है और भविष्य में भी अपनी अग्रणी स्थिति बनाए रखेगा.
मुख्यमंत्री फडणवीस ने कहा कि छत्रपति शिवाजी महाराज का महाराष्ट्र उद्योग, निवेश और उद्यमिता के क्षेत्र में देश में नंबर-1 है और आगे भी नंबर-1 ही रहेगा. उन्होंने स्पष्ट किया कि बंद कंपनियों के आंकड़ों को उनके व्यापक संदर्भ में समझना जरूरी है.
* महाराष्ट्र में 31 लाख से अधिक कंपनियां पंजीकृत
मुख्यमंत्री फडणवीस द्वारा साझा किए गए आंकड़ों के अनुसार, महाराष्ट्र में वर्तमान में 31 लाख 21 हजार से अधिक कंपनियां पंजीकृत हैं, जबकि इनमें से करीब 21 लाख 17 हजार कंपनियां सक्रिय रूप से कार्यरत हैं. यह संख्या देश के किसी भी अन्य राज्य की तुलना में सबसे अधिक है. उन्होंने बताया कि बीते एक दशक में राज्य में सक्रिय कंपनियों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है. वर्ष 2015-16 में जहां 6 लाख 78 हजार 768 सक्रिय कंपनियां थीं, वहीं 2025-26 में यह संख्या बढ़कर 21 लाख 17 हजार 747 तक पहुंच गई है. यह लगभग तीन गुना वृद्धि महाराष्ट्र के मजबूत औद्योगिक वातावरण और निवेश-अनुकूल नीतियों को दर्शाती है.
* कंपनियों की संख्या में महाराष्ट्र सबसे आगे
देश में सक्रिय कंपनियों की संख्या के मामले में भी महाराष्ट्र शीर्ष स्थान पर है. 3 जून 2026 तक उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार महाराष्ट्र में 3 लाख 96 हजार 211 कंपनियां दर्ज हैं. इसके मुकाबले दिल्ली में 2 लाख 72 हजार 342 और उत्तर प्रदेश में 1 लाख 85 हजार 982 कंपनियां हैं. मुख्यमंत्री फडणवीस ने कहा कि यह आंकड़े स्पष्ट रूप से बताते हैं कि महाराष्ट्र निवेशकों और उद्योग जगत की पहली पसंद बना हुआ है.
* नई कंपनियों के पंजीकरण में भी अव्वल
मुख्यमंत्री फडणवीस ने बताया कि नए उद्योगों और स्टार्टअप्स को आकर्षित करने में भी महाराष्ट्र देश में अग्रणी है. वर्ष 2025-26 के दौरान राज्य में 41 हजार 525 नई कंपनियों का पंजीकरण हुआ. तुलनात्मक रूप से उत्तर प्रदेश में 27 हजार 494, दिल्ली में 20 हजार 272 और कर्नाटक में 17 हजार 857 नई कंपनियां पंजीकृत हुईं. इससे स्पष्ट है कि नए उद्यमों के लिए महाराष्ट्र सबसे आकर्षक गंतव्य बना हुआ है.
* बंद कंपनियों के पीछे कई कारण
मुख्यमंत्री फडणवीस ने कहा कि केवल बंद हुई कंपनियों की संख्या बताकर राज्य की औद्योगिक स्थिति का आकलन करना भ्रामक हो सकता है. उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार और कॉरपोरेट मामलों के मंत्रालय द्वारा हर वर्ष निष्क्रिय और लंबे समय से काम नहीं कर रही कंपनियों को रिकॉर्ड से हटाने की प्रक्रिया चलाई जाती है. उन्होंने याद दिलाया कि 2019-20 में विशेष अभियान के तहत देशभर में लगभग छह लाख निष्क्रिय कंपनियों का पंजीकरण रद्द किया गया था. इसलिए किसी कंपनी का रजिस्टर से हटना हमेशा उसके आर्थिक रूप से विफल होने का संकेत नहीं होता.
* महाराष्ट्र की औद्योगिक ताकत बरकरार
मुख्यमंत्री फडणवीस ने कहा कि निवेश, उद्योग स्थापना, रोजगार सृजन और नई कंपनियों के पंजीकरण जैसे सभी प्रमुख मानकों पर महाराष्ट्र देश में अग्रणी है. राज्य सरकार उद्योगों को प्रोत्साहित करने, निवेश प्रक्रियाओं को सरल बनाने और रोजगार के नए अवसर पैदा करने के लिए लगातार काम कर रही है. उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि आने वाले वर्षों में भी महाराष्ट्र देश की आर्थिक प्रगति का प्रमुख इंजन बना रहेगा और औद्योगिक विकास के क्षेत्र में अपनी नंबर-1 स्थिति और मजबूत करेगा.

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