सरकारी राशन दुकान में बडा भ्रष्टाचार

आपूर्ति विभाग की जांच में दुकानदार दोषी !

* ई-पॉस मशीन और अनाज जब्त, लाभार्थी लाभ से वंचित
मोर्शी/दि.20– तहसील के दापोरी की शासकीय उचित मूल्य दुकान नं. 49 में कथित गैर व्यवहार की जांच में दुकानदार कसूरवार रहने की जानकारी सामने आयी है. तहसीलदार सागर ढवले के मार्गदर्शन में आपूर्ति अधिकारी सागर बगाडे और संपूर्ण टीम ने सभी शिकायतों की जांच पूर्ण की. खबर है कि जांच में दुकानदार को दोषी पाया गया है. काफी प्रमाण में अनाज और अन्य सामग्री, उपकरण जब्त किए गये है. फलस्वरूप राशन दुकानदार के लाभार्थी अनाज से वंचित होने की भी चर्चा और शिकायत देखने सुनने मिली है.
इस प्रकार रही शिकायतें
जांच में सरकारी उचित मूल्य दुकान के अनाज वितरण में गंभीर अनियमितता, केवायसी के लिए पैसे लेने, लाभार्थियों को कम अनाज देने, अनाज आपूर्ति शुरू करने के लिए पैसे लेने, अनाज कोटे में बडा फर्क और लाभार्थियों के अधिकार के अनाज में गैर व्यवहार की शिकायतें मिली थी. अधिकांश शिकायतें सही पाए जाने का और दुकानदार को दोषी पाए जाने का समाचार जांच के आधार पर दिया जा रहा है.
जांच में विवाहित युवतियों के नाम राशनकार्ड से हटाए बगैर उसका अनाज न दिए जाना, मृत व्यक्तियों के भी नाम पर लाभार्थी को अनाज न देते हुए स्वयं हडप कर जाना, रजिस्टर का स्टॉक और प्रत्यक्ष स्टॉक में फर्क रहने का दावा किया गया. संबंधित दुकान की ई-पॉस मशीन और अनाज जब्त किया गया है. उधर राष्ट्रवादी युवक कांग्रेस के तहसील अध्यक्ष रूपेश वालके ने गरीबों के अधिकार का अनाज हडपने वाले दुकानदार का लाइसेंस स्थायी रूप से रद्द करने की मांग की है. उन्होंने इस प्रकरण में लिप्त अन्य संबधित की भी सघन जांच कर दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है.

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