नागपुर में बनेगी आंतों को साफ करने की दवा

लुपिन को मिली मंजूरी, ‘सुताब’ का होगा उत्पादन

नागपुर/दि.1- भारतीय दवा कंपनी लुपिन को अमेरिकी खाद्य एवं औषधि प्रशासन (यूएसएफडीए) से एक महत्वपूर्ण मंजूरी मिली है. जिसका सीधा लाभ नागपुर में मिलनेवाला है. कंपनी को कोलोनोस्कोपी जांच से पहले आंतों को सफाई के लिए उपयोग की जानेवाली सोडियम सल्फेट, मैग्नेशियम सल्फेट और पोटेशियम क्लोराइड टैबलेट्स के जेनेरिक संस्करण के निर्माण और विपणन की अनुमति मिली है. इस दवा का उत्पादन लुपिन के नागपुर स्थित अत्याधुनिक संयंत्र में किया जाएगा.
180 दिनों का विशेष अधिकार: लुपिन को इस उत्पाद के लिए अमेरिका में ‘फर्स्ट टू- फाइल’ कंपनी का दर्जा मिला है, जिसके कारण उसे 180 दिनों तक जेनेरिक बाजार में विशेष अधिकार प्राप्त रहेंगे. इस अवधि में कोई अन्य जेनेरिक कपंनी यह दवा नहीं बेच सकेगी. अमेरिकी बाजार में इस दवा की वार्षिक बिक्री लगभग 132.8 मिलियन डॉलर (करीब 1100 करोड रूपए) आंकी गई है. ऐसे में नागपुर संयंत्र से होनेवाला उत्पादन कंपनी के निर्यात कारोबार को नई गति देगा तथा विदेशी मुद्रा अर्जन में भी योगदान करेगा.
टेबलेट के रूप में उपलब्ध होगी : स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार कोलोनोस्कोपी बडी आंत में कैंसर, पॉलिप्स, अल्सर, सृजन और अन्य गंभीर बीमारियों का पता लगाने के लिए की जानेवाली महत्वपूर्ण जांच है. जांच से पहले आंतों को पूरी तरह साफ होना आवश्यक होता है. अब तक मरीजों को बडी मात्रा में तरल बाउल- प्रेप घोल पीना पडता था. जिसे असुविधाजनक माना जाता है. यह दवा सुताब (एसयूटीएवी) टेबलेट के रूप में उपलब्ध होने से मरीजों के लिए आसान होती है. भारत में कोलन कैंसर और आंत संबंधी रोगों की समय पर पहचान अभी भी बडी चुनौती है.
* भारी भरकम कीमत
इस मंजूरी का सबसे बडा लाभ भविष्य में कम लागत वाली दवाओं के रूप में हो सकता है. अमेरिका में ब्रांडेड सुताब की कीमत लगभग 169 डॉलर यानी 14 से 15 हजार रूपए तक बताई जाती है. लुपिन के जेनेरिक संस्करण के बाजार में आने के बाद शुरूआत में कीमत में सीमित कमी ही देखने को मिल सकती है, क्योंकि 180 दिनों तक कंपनी अकेली जेनेरिक निर्माता रहेगी. लेकिन भविष्य में अन्य कंपनियों के प्रवेश के बाद कीमतों में 30 से 50 प्रतिशत या उससे अधिक की कमी संभव हो सकती है.

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