नागपुर संघ मुख्यालय रेकी मामला

चाय विक्रेता की गवाही से आतंकवादी रईस की करतूतों पर मुहर

नागपुर/दि.27 – महाल स्थित राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) मुख्यालय और रेशीमबाग स्थित डॉ. हेडगेवार स्मृति मंदिर परिसर की रेकी करने के आरोप में जेल में बंद आतंकवादी रईस अहमद शेख की गतिविधियों पर एक चाय विक्रेता ने मुहर लगा दी है. आतंकवाद निरोधक दस्ते (एटीएस) कार्यालय के बाहर एक टपरी पर चाय बेचने वाले व्यक्ति ने पंच के रूप में सत्र न्यायालय में रईस के खिलाफ गवाही दी है.
* 2021 में की थी रेकी
रईस शेख जुलाई 2021 में नागपुर आया था. इस दौरान उसने संवेदनशील संघ मुख्यालय की रेकी की थी. सरकार के दावे के अनुसार, रईस प्रतिबंधित आतंकवादी संगठन ‘जैश-ए-मोहम्मद’ का सदस्य है और संघ मुख्यालय तथा स्मृति मंदिर की रेकी करने के उद्देश्य से नागपुर आया था. जांच के अनुसार, उसने इंडिगो की वेबसाइट से विमान टिकट बुक किया था. इसके बाद 13 जुलाई 2021 को वह श्रीनगर से मुंबई होते हुए नागपुर पहुंचा और 15 जुलाई 2021 को दिल्ली मार्ग से वापस श्रीनगर लौट गया.
इस बीच, सितंबर 2021 में कश्मीर पुलिस द्वारा पूछताछ के लिए रईस को हिरासत में लेने के बाद संघ मुख्यालय और स्मृति मंदिर की कथित रेकी की साजिश का खुलासा हुआ. आतंकवाद निरोधक दस्ते ने उसे कश्मीर में गिरफ्तार कर नागपुर लाया था.
* विशेष न्यायालय में सुनवाई
इस मामले में रईस के खिलाफ विशेष न्यायालय में मुकदमा चल रहा है. विशेष न्यायाधीश एस. पोंक्षे के समक्ष चाय विक्रेता भवर जोशी ने गवाही दी. गवाही के अनुसार, 13 मई 2022 को पुलिस ने जोशी को पंचनामा के लिए बुलाया था. रईस शेख ने इस पंचनामा पर नमूना हस्ताक्षर किए थे. इसमें रईस द्वारा किए गए कृत्य के बारे में विस्तृत जानकारी थी.
* रईस की ऑनलाइन पेशी
इस मामले की सुनवाई दोपहर करीब 12 बजे शुरू हुई. 12:15 बजे रईस को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से अदालत में पेश किया गया. आरोपी की मौजूदगी में चाय विक्रेता जोशी ने अदालत में गवाही दी. उल्लेखनीय है कि रईस 2022 से जेल में बंद है. उसने जमानत के लिए प्रयास किया था, लेकिन अदालत ने उसकी जमानत याचिका खारिज कर दी थी.
* जिरह में अतिक्रमण का आरोप
इस दौरान रईस की ओर से एडवोकेट एच.पी. लिंगायत ने भवर जोशी से जिरह की. आरोप लगाया गया कि आतंकवाद निरोधक दस्ते के कार्यालय के पास भवर जोशी अवैध रूप से चाय बेचने का व्यवसाय कर रहा है. यह भी कहा गया कि उसकी टपरी के अतिक्रमण को पुलिस संरक्षण दे रही है, इसलिए वह पुलिस की मदद कर रहा है. हालांकि, भवर जोशी ने इन आरोपों से इनकार किया. उसने अदालत से कहा कि उसकी चाय की दुकान भले ही अतिक्रमण में हो, लेकिन वह पुलिस के पक्ष में गवाही दे रहा है, यह आरोप गलत है. सरकारी वकील के रूप में एडवोकेट विजय कोल्हे ने पक्ष रखा. मामले की अगली सुनवाई 29 मई को होगी.

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