नीट पेपर लीक केस
तेजस शाह सहित डॉ. मनोज शिरुरे गिरफ्तार

* तेरहवीं गिरफ्तारी भी महाराष्ट्र से ही!
पुणे/दि.27 – देशभर में सनसनी मचाने वाले नीट पेपरफुटी मामले का दायरा दिन-ब-दिन बढ़ता जा रहा है और नीट पेपरफुटी मामले में सीबीआई द्वारा राज्यभर में बड़ी कार्रवाई का सिलसिला जारी है. इसी बीच अब इस मामले में दो और लोगों को गिरफ्तार किया गया है. यह इस मामले में बारहवीं और तेरहवीं गिरफ्तारी है. गॉड नाम से नंबर सेव किए गए तेजस शाह नामक छात्र को पुणे से गिरफ्तार किया गया है. इस छात्र ने मनीषा हवालदार से पेपर लिया था, ऐसा सामने आया है.
इस बीच, इस मामले में तेरहवीं गिरफ्तारी भी महाराष्ट्र से ही की गई है. पुणे से सीबीआई द्वारा गिरफ्तार किया गया यह आरोपी बाल रोग विशेषज्ञ है और उसका नाम डॉ. मनोज शिरुरे है. डॉ. मनोज शिरुरे सीबीआई की हिरासत में हैं और कुछ देर पहले ही उन्हें गिरफ्तार किया गया है. वहीं छात्र तेजस शाह को कल गिरफ्तार किया गया था और वह बारहवां गिरफ्तार आरोपी है.
लातूर के डॉक्टर मनोज शिरुरे को भी इस मामले में गिरफ्तार किया गया है. उन पर रसायनशास्त्र विषय के लीक प्रश्न छात्रों तक पहुंचाने का आरोप है. वहीं पुणे की एपीएमए कोचिंग संस्था के भौतिकशास्त्र शिक्षक तेजस हर्षदकुमार शाह को भी गिरफ्तार किया गया है. उस पर भौतिकशास्त्र के लीक प्रश्न हासिल करने का आरोप लगाया गया है. देशभर में 49 जगहों पर सीबीआई ने छापेमारी की है और जांच में कई दस्तावेज, लैपटॉप और मोबाइल फोन जब्त किए गए हैं. इसमें दिल्ली, जयपुर, गुरुग्राम, नाशिक, पुणे, लातूर और अहिल्यानगर से अब तक 13 आरोपी गिरफ्तार किए गए हैं. जांच में दावा किया गया है कि रसायनशास्त्र, जीवशास्त्र और भौतिकशास्त्र विषयों की प्रश्नपत्रिकाएं परीक्षा से पहले ही लीक हो गई थीं. पेपरफुटी के पीछे पूरे रैकेट और साजिश का खुलासा करने के लिए सीबीआई की जांच जारी है.
सीबीआई की जांच में सामने आ रहा है कि नीट पेपरफुटी की साजिश शिवराज मोटेगावकर ने अपने साथियों की मदद से बेहद सुनियोजित तरीके से रची थी. इसके लिए मोटेगावकर ने सबसे पहले अपने क्लास में काम करने वाले पीवी कुलकर्णी को एनटीए की प्रश्नपत्रिका तैयार करने वाली पैनल में शामिल करवाया. साथ ही मनीषा मांढरे को भी एनटीए की पैनल में शामिल कराया गया. कुलकर्णी केमिस्ट्री और मांढरे बायोलॉजी की प्रश्नपत्रिकाएं लीक करेंगे और उन्हें मोटेगावकर तक पहुंचाएंगे, ऐसी व्यवस्था की गई थी. वर्षों से अध्यापन का काम करने के कारण पीवी कुलकर्णी ने केमिस्ट्री की और मनीषा मांढरे ने बायोलॉजी की प्रश्नपत्रिका के प्रश्न याद कर लिए. एनटीए में प्रश्नपत्रिका तैयार करते समय ही उन्होंने उन प्रश्नों को याद कर लिया. इसके बाद उन्होंने उन्हें हाथ से लिखकर मोटेगावकर को भेजा. मोटेगावकर ने उन्हें झऊऋ के रूप में अपने मोबाइल में सेव कर लिया और आगे पैसों के बदले उनकी बिक्री की. 3 मई को परीक्षा होने के बाद मोटेगावकर ने मोबाइल से उन्हें डिलीट कर सबूत मिटाने की कोशिश की. लेकिन सीबीआई ने मोबाइल का डेटा रिकवर कर लिया और मोटेगावकर को गिरफ्तार कर लिया.





