अब अमरावती में रसोईघर तक पाइप लाइन से पहुंचेगी गैस!
अमरावती सहित अकोला व भंडारा जिलों में शुरू होगी पीएनजी सेवा

* पहले चरण में 8 से 10 हजार घरों को मिलेगा लाभ, 24 घंटे उपलब्ध रहेगी गैस
* एलपीजी सिलेंडर की झंझट खत्म, खर्च लगभग समान, लेकिन सुविधा कहीं अधिक
अमरावती/दि.19 – इस समय खाडी देशों में चल रहे युध्दजन्य हालात के चलते देश ेके सामने इंधन आपूर्ति की एक बडी चुनौती मुंहबाय खडी हुई है. इस दौरान देश में एलपीजी की किल्लत के चलते सर्व सामान्य को कई दिक्कतों का सामना भी करना पडा. साथ ही सभी गैस एजेंसियों के सामने सिलेंडर लिए लोगों की लंबी-लंबी कतारे भी दिखाई दी. इसी बात को ध्यान में रखते हुए आगामी समय में एलपीजी के पर्याय के तौर पर पीएनजी यानी पाईप्ड नैचरल गैस को उपयोग में लाने पर काम किया जा रहा है. जिसके लिए विदर्भ क्षेत्र के अमरावती, अकोला व भंडारा जिलों के कई क्षेत्रों में आगामी 5 माह के दौरान पीएनजी की आपूर्ति शुरू करने की दृष्टि से अदाणी टोटल गैस कंपनी में काम करना शुरू कर दिया है और पहले चरण में करीब 8 से 10 हजार घरों तक पाइपलाइन के जरिए गैस पहुंचाने की योजना बनाई गई है. कंपनी का लक्ष्य दिसंबर 2026 से पहले पहले चरण का काम पूरा कर घरेलू उपभोक्ताओं को पीएनजी की सुविधा उपलब्ध कराना है. जिसके चलते अमरावती, अकोला और भंडारा जिले के हजारों परिवारों को जल्द ही रसोई गैस के लिए सिलेंडर पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा. इससे न केवल एलपीजी सिलेंडर की बुकिंग और आपूर्ति संबंधी परेशानियां खत्म होंगी, बल्कि उपभोक्ताओं को चौबीसों घंटे गैस उपलब्ध रहेगी.
* अमरावती के इन क्षेत्रों में शुरू होगी सेवा
पहले चरण में अमरावती जिले के नांदगांव खंडेश्वर शहर, यशोदानगर, दस्तूरनगर सहित कुछ चयनित क्षेत्रों में पीएनजी नेटवर्क विकसित किया जा रहा है. इसी प्रकार अकोला शहर के गीतानगर और रिधोरा क्षेत्र तथा भंडारा जिले के तुमसर और भंडारा शहर के कुछ हिस्सों को भी प्रारंभिक चरण में शामिल किया गया है. कंपनी के अनुसार पहले चरण की सफलता के बाद दूसरे चरण में इन शहरों के शेष क्षेत्रों में भी नेटवर्क का विस्तार किया जाएगा.
* समृद्धि महामार्ग से मिला बड़ा आधार
मुंबई-नागपुर समृद्धि महामार्ग के किनारे से गुजरने वाली प्राकृतिक गैस पाइपलाइन इस परियोजना की सबसे बड़ी ताकत बनकर सामने आई है. लगभग एक वर्ष पहले शुरू हुई यह गैस पाइपलाइन नागपुर से आगे ओडिशा के झारसुगुड़ा तक पहुंच चुकी है. इसी नेटवर्क के माध्यम से विदर्भ के विभिन्न शहरों तक प्राकृतिक गैस पहुंचाना संभव हो पाया है. ऊर्जा विशेषज्ञों का मानना है कि यह परियोजना विदर्भ में घरेलू ऊर्जा आपूर्ति के क्षेत्र में बड़ा बदलाव ला सकती है.
* कैसे पहुंचेगी गैस घर-घर तक?
प्राकृतिक गैस सबसे पहले शहर के बाहर स्थापित मदर स्टेशन तक पहुंचेगी, जहां उसका दबाव नियंत्रित किया जाएगा. इसके बाद मुख्य पाइपलाइन के माध्यम से गैस शहर में प्रवेश करेगी. शहर के भीतर स्थापित डिस्ट्रिक्ट रेगुलेशन स्टेशन (डीआरएस) गैस के दबाव को नियंत्रित करेंगे. अंततः प्रत्येक घर में लगाए जाने वाले मीटर और रेगुलेटर के माध्यम से लगभग 21 मिलीबार दबाव पर गैस की आपूर्ति होगी, जो घरेलू एलपीजी गैस के दबाव के बराबर है. इस कारण वर्तमान में उपयोग की जा रही गैस चूल्हों को ही पीएनजी के लिए इस्तेमाल किया जा सकेगा और नए उपकरण खरीदने की आवश्यकता नहीं होगी.
* सिलेंडर बुकिंग और इंतजार से मिलेगी मुक्ति
पीएनजी सेवा का सबसे बड़ा लाभ यह होगा कि उपभोक्ताओं को गैस सिलेंडर बुक कराने, डिलीवरी का इंतजार करने या गैस खत्म होने की चिंता नहीं करनी पड़ेगी. गैस की आपूर्ति चौबीसों घंटे उपलब्ध रहेगी. एलपीजी की कमी या आपूर्ति बाधित होने जैसी समस्याओं का भी सामना नहीं करना पड़ेगा. विशेष रूप से त्योहारों और आपातकालीन परिस्थितियों में यह सुविधा काफी उपयोगी साबित होगी.
* एलपीजी के बराबर ही आएगा खर्च
कंपनी के अनुसार पीएनजी और एलपीजी की लागत लगभग समान रहेगी. वर्तमान में अमरावती में 14.2 किलोग्राम के घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमत करीब 937 रुपये है. वहीं पीएनजी का प्रस्तावित दर लगभग 55 रुपये प्रति स्टैंडर्ड क्यूबिक मीटर (एससीएम) बताया जा रहा है. विशेषज्ञों के अनुसार एक किलो एलपीजी लगभग 1.35 एससीएम पीएनजी के बराबर माना जाता है. ऐसे में उपभोक्ताओं पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ने की संभावना कम है.
* पोस्टपेड प्रणाली से मिलेगा बिल
पीएनजी सुविधा पोस्टपेड प्रणाली पर आधारित होगी. यानी उपभोक्ताओं को पहले गैस का उपयोग करना होगा और बाद में बिल का भुगतान करना होगा. प्रत्येक घर में गैस मीटर लगाया जाएगा, जिससे वास्तविक खपत के आधार पर बिल तैयार किया जाएगा. संभावना है कि दो माह के उपयोग के बाद बिल जारी किया जाएगा, जिससे उपभोक्ताओं को नकद भुगतान या अग्रिम राशि की चिंता नहीं रहेगी.
* कनेक्शन के लिए जमा करने होंगे 6,300 रुपये
पीएनजी कनेक्शन प्राप्त करने के लिए उपभोक्ताओं को कुल 6,300 रुपये जमा करने होंगे. हालांकि शुरुआत में केवल 1,300 रुपये जमा कर कनेक्शन लिया जा सकेगा. शेष राशि 15 से 20 आसान किस्तों में जमा करने की सुविधा दी जाएगी. इस योजना का उद्देश्य अधिक से अधिक परिवारों को गैस नेटवर्क से जोड़ना है.
* पीएनजी लेने पर सरेंडर करना होगा एलपीजी सिलेंडर
जिन क्षेत्रों में पीएनजी सुविधा शुरू होगी, वहां उपभोक्ताओं को एलपीजी सिलेंडर संबंधित गैस कंपनी को वापस करना होगा. हालांकि यदि भविष्य में उपभोक्ता ऐसे क्षेत्र में स्थानांतरित हो जाते हैं जहां पीएनजी उपलब्ध नहीं है, तो वे पुनः एलपीजी कनेक्शन प्राप्त कर सकेंगे.
* आचार संहिता खत्म होने के बाद मिलेगी रफ्तार
अदाणी टोटल गैस के विदर्भ प्रमुख योगेश पारधी के अनुसार कंपनी ने संबंधित स्थानीय स्वराज्य संस्थाओं से आवश्यक अनुमतियों के लिए आवेदन कर दिए हैं. फिलहाल विधान परिषद चुनाव की आचार संहिता के कारण प्रक्रिया प्रभावित हुई है, लेकिन आचार संहिता समाप्त होने के बाद आवश्यक मंजूरियां मिलने की उम्मीद है. उन्होंने बताया कि कंपनी दिसंबर 2026 से पहले पहले चरण का कार्य पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध है.
* विदर्भ की ऊर्जा व्यवस्था में बड़ा बदलाव
ऊर्जा क्षेत्र के जानकारों का मानना है कि पीएनजी परियोजना केवल गैस आपूर्ति की सुविधा नहीं, बल्कि विदर्भ में आधुनिक शहरी बुनियादी ढांचे की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है. यदि योजना समय पर पूरी होती है तो आने वाले वर्षों में हजारों परिवारों को सुरक्षित, निरंतर और सुविधाजनक ऊर्जा उपलब्ध हो सकेगी. एलपीजी सिलेंडर की निर्भरता कम होने के साथ ही उपभोक्ताओं को अधिक सुविधा, पारदर्शी बिलिंग और निर्बाध गैस आपूर्ति का लाभ मिलेगा, जिससे अमरावती, अकोला और भंडारा के घरेलू उपभोक्ताओं की जीवनशैली में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है.





