राज्य अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष प्यारे खान की नागपुर में प्रेस वार्ता

परतवाडा लैंगिक शोषण प्रकरण में सभी पीडित युवतियां ‘मायनॉरिटी’ की

* पत्रवार्ता में एसपी विशाल आनंद द्वारा दी गई जानकारियों का दिया हवाला
* 180 पीडिताएं रहने की बात को बताया गया निराधार, 8 युवतियों के 18 वीडियो वायरल होने का दावा
* अफवाहें फैलानेवालों के खिलाफ पुलिस कार्रवाई की उठाई मांग
* परतवाडा के यौन शोषण मामले को धार्मिक रंग देनेवालों को लगाई लताड
* मामले में चल रही पुलिस जांच पर जताया गया संतोष, लोगों से अफवाहों पर ध्यान नहीं देने की अपील
नागपुर/दि.17 – अमरावती के परतवाड़ा लैंगिक शोषण प्रकरण में अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष प्यारे खान ने बड़ा खुलासा करते हुए कहा कि, इस मामले में पीडित युवतियों की संख्या 8 है. जिसमें से 2 युवतियों के अश्लील वीडियो बनाए गए थे. साथ ही अन्य 6 युवतियों के करीब 30 आपत्तिजनक फोटो निकाले गए थे. इस मामले में पुलिस द्वारा की जा रही जांच व कार्रवाई पर पूरी तरह से संतोष जताते हुए अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष प्यारे खान ने यह भी कहा कि, इस मामले में यौन शोषण का शिकार हुई सभी युवतियों अल्पसंख्यक संवर्ग के तहत एक समुदाय विशेष से वास्ता रखती है. ऐसे में इस मामले को धार्मिक रंग देकर जिस तरह से कुछ लोगों द्वारा समाज को बांटने तथा दो समुदायों के बीच नफरत फैलाने का कथित प्रयास हो रहा है, उसकी प्यारे खान ने आलोचना की.
अमरावती के परतवाड़ा में हुए लैंगिक शोषण प्रकरण को लेकर भाजपा की पूर्व सांसद नवनीत राणा द्वारा किए गए दावों के कारण बड़ी चर्चा शुरू हो गई थी. उन्होंने कहा था कि इस प्रकरण की पीड़ित लड़कियां हिंदू हैं. हालांकि, आज अल्पसंख्यक आयोग के प्यारे खान ने इस मामले की समीक्षा करने के बाद आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में इस संबंध में बड़ा खुलासा किया है. परतवाड़ा में आरोपी अयान अहमद की विकृति का शिकार हुई सभी लड़कियां मुस्लिम समाज की हैं, ऐसा प्यारे खान ने कहा.
* कुल 8 लड़कियां, सभी अल्पसंख्यक – प्यारे खान
महाराष्ट्र अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष प्यारे खान ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में अमरावती के पुलिस अधिकारियों से मिली जानकारी का उल्लेख किया. एसपी विशाल आनंद ने बताया कि इस मामले में 8 पीड़ित लड़कियां हैं. वे सभी लड़कियां अल्पसंख्यक हैं. इसमें एक भी हिंदू लड़की शामिल नहीं है. ऐसी अफवाहें फैलाई जा रही थीं कि इसमें 180 लड़कियों का शोषण हुआ है और वे सभी हिंदू समाज की हैं आदि. लेकिन ऐसा कुछ भी नहीं है. वे सभी लड़कियां मुस्लिम समाज की हैं. इस संबंध में सभी अफवाहें निराधार थीं. वहां माहौल खराब हो, इसके लिए ये अफवाहें फैलाई जा रही थीं, ऐसा प्यारे खान ने कहा.
* नवनीत राणा के दावों पर आलोचना
इस दौरान प्यारे खान ने नवनीत राणा द्वारा किए गए दावों की आलोचना की. नवनीत राणा महाराष्ट्र और देश को बर्बाद करना चाहती हैं, हिंदू लड़कियों को बर्बाद करना चाहती हैं. उन्हें यह सोचना चाहिए कि वे अमरावती में हैं. अगर मुझे नागपुर में बैठकर पता चल सकता है कि इसमें एक भी हिंदू लड़की शामिल नहीं है, तो फिर आप कैसे कह सकती हैं कि सभी लड़कियां हिंदू थीं. यह आपको शोभा नहीं देता. आप खुद एक महिला हैं. महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री महिलाओं को सक्षम बनाना चाहते हैं. संसद में महिलाओं के लिए विधेयक आ रहा है. लेकिन आप महिलाओं को बर्बाद कर रही हैं, ऐसे शब्दों में प्यारे खान ने नवनीत राणा पर तीखी टिप्पणी की.
* नवनीत राणा ही पाकिस्तान चली जाएं – प्यारे खान
आपको देश तोड़ना है. आप बार-बार कहती हैं कि पाकिस्तान चले जाओ. लेकिन इस देश का मुसलमान बहुत खुश है. मुझे लगता है कि आपको पाकिस्तान की बहुत याद आ रही है. तो आप ही पाकिस्तान चली जाएं, ऐसा प्यारे खान ने कहा.
* व्यक्तिगत विवाद के कारण उठाया गया कदम
इस बीच, प्यारे खान ने स्पष्ट किया कि इस मामले में धर्म का कोई भी मुद्दा नहीं है. इसमें धर्म का कोई मुद्दा नहीं है. दो दोस्तों के बीच विवाद हुआ. उन लड़कियों से संपर्क कर यह जानने की कोशिश की जा रही है कि क्या हुआ. दो दोस्तों के बीच हुए विवाद के कारण उस लड़के ने ये सभी वीडियो ऑनलाइन वायरल किए. उन लड़कियों में से चार परतवाड़ा की, तीन अमरावती की और एक नागपुर की है, ऐसा उन्होंने कहा.

Back to top button