जिले में प्रतिबंधात्मक आदेश लागू
विधान परिषद चुनाव और मोहर्रम के मद्देनजर

* 27 जून तक हथियार, जुलूस और सार्वजनिक सभाओं पर रोक
* आदेश के उल्लंघन पर होगी कड़ी कार्रवाई
अमरावती /दि. 18- विधान परिषद चुनाव, आगामी मतगणना तथा मोहर्रम पर्व के मद्देनजर जिले में कानून एवं व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रशासन ने सख्त कदम उठाए हैं. पुलिस आयुक्तालय क्षेत्र को छोड़कर अमरावती जिले के ग्रामीण भाग में महाराष्ट्र पुलिस अधिनियम 1951 की धारा 37(1) एवं 37(3) के तहत प्रतिबंधात्मक आदेश लागू कर दिए गए हैं. अपर जिलाधीश संतोष काकड़े द्वारा जारी आदेश के अनुसार यह प्रतिबंध 13 जून से 27 जून 2026 तक प्रभावी रहेगा.
प्रशासन द्वारा जारी आदेश में कहा गया है कि विधान परिषद चुनाव की आचार संहिता 18 मई से लागू है. 18 जून को मतदान तथा 22 जून को मतगणना प्रस्तावित है. चुनावी प्रक्रिया के दौरान विभिन्न राजनीतिक दलों, पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं के बीच तनाव की संभावना को देखते हुए एहतियाती कदम उठाना आवश्यक माना गया है. इसके अलावा 17 जून से मोहर्रम पर्व की शुरुआत हो चुकी है. 26 जून को ताजिया, पंजे, सवारी और ताबूत विसर्जन से संबंधित धार्मिक जुलूस निकाले जाएंगे. इसी अवधि में महंगाई, ईंधन मूल्य वृद्धि, आरक्षण संबंधी मांगों, विभिन्न सामाजिक और राजनीतिक संगठनों के आंदोलनों, धरना-प्रदर्शनों तथा स्थानीय राजनीतिक गतिविधियों के कारण भी कानून-व्यवस्था प्रभावित होने की आशंका जताई गई है.
* हथियार और आपत्तिजनक सामग्री पर पूर्ण प्रतिबंध
धारा 37(1) के अंतर्गत किसी भी व्यक्ति को तलवार, भाला, चाकू, लाठी अथवा अन्य घातक हथियार रखने की अनुमति नहीं होगी. विस्फोटक पदार्थों और उनके निर्माण में प्रयुक्त सामग्री के परिवहन पर भी रोक लगाई गई है. पत्थर, ईंट या अन्य प्रकार की क्षेपणास्त्र सामग्री एकत्रित करना अथवा उनका उपयोग करना भी प्रतिबंधित रहेगा. इसके साथ ही सार्वजनिक स्थानों पर भड़काऊ नारेबाजी, आपत्तिजनक भाषण, बदनामीकारक वक्तव्य, तेज ध्वनि में गीत-संगीत बजाना, पुतलों का प्रदर्शन तथा शांति भंग करने वाली किसी भी गतिविधि पर रोक रहेगी.
* सार्वजनिक सभाओं और जुलूसों पर भी रोक
धारा 37(3) के तहत सार्वजनिक सुरक्षा की दृष्टि से किसी भी प्रकार की सभा, भीड़, मानवीय जमावड़े अथवा जुलूस आयोजित करने पर प्रतिबंध लगाया गया है. प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि अंत्येष्टि यात्रा को छोड़कर किसी भी प्रकार की रैली, जुलूस या शोभायात्रा निकालने के लिए संबंधित पुलिस थाने से पूर्व लिखित अनुमति लेना अनिवार्य होगा.
* इन्हें मिलेगी छूट
प्रतिबंधात्मक आदेशों से ड्यूटी पर तैनात शासकीय एवं अर्द्धशासकीय कर्मचारी, विवाह समारोह, धार्मिक कार्यक्रम, नाटक-तमाशे, शासकीय आयोजन तथा साप्ताहिक बाजारों को छूट प्रदान की गई है. हालांकि इन आयोजनों के दौरान भी कानून-व्यवस्था संबंधी सभी नियमों का पालन करना आवश्यक होगा.
* उल्लंघन पर होगी कानूनी कार्रवाई
अपर जिलाधीश संतोष काकड़े ने स्पष्ट किया है कि आदेश का उल्लंघन करने वाले व्यक्तियों के विरुद्ध महाराष्ट्र पुलिस अधिनियम 1951 की संबंधित धाराओं के तहत कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी. प्रशासन ने नागरिकों से शांति और सौहार्द बनाए रखने तथा चुनाव और मोहर्रम के दौरान कानून का पालन करने की अपील की है. चुनाव, मतगणना और मोहर्रम जैसे महत्वपूर्ण आयोजनों के एक साथ होने के कारण प्रशासन किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना को रोकने के लिए पूरी तरह सतर्क दिखाई दे रहा है. सुरक्षा एजेंसियों को भी विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं.





