मिलावटखोरों को मृत्युदंड तक की सजा का प्रावधान
विधानसभा में मंत्री नरहरी झिरवल का बड़ा बयान

* खाद्य पदार्थों में बढ़ती मिलावट पर विधानसभा में उठा मुद्दा
* कड़ी कार्रवाई की मांग
मुंबई/दि.10- राज्य में खाद्य पदार्थों, विशेष रूप से दूध में मिलावट के बढ़ते मामलों को लेकर महाराष्ट्र विधानसभा में शुक्रवार को तीखी चर्चा हुई. इस दौरान विधायक प्रकाश सोलंके ने मिलावट करने वालों के खिलाफ सख्त कानून बनाने तथा उन्हें आजीवन कारावास या मृत्युदंड जैसी कठोर सजा देने की मांग की. इस पर खाद्य एवं औषध प्रशासन राज्यमंत्री नरहरी झिरवल ने कहा कि वर्तमान कानून में दोषियों के लिए एक लाख रुपये के जुर्माने से लेकर मृत्युदंड तक की सजा का प्रावधान पहले से मौजूद है.
विधानसभा में चर्चा के दौरान सदस्यों ने कहा कि मिलावटखोर लोगों के स्वास्थ्य के साथ गंभीर खिलवाड़ कर रहे हैं और ऐसे मामलों में कठोरतम कार्रवाई की जानी चाहिए. हाल के दिनों में खाद्य एवं औषध प्रशासन विभाग द्वारा विभिन्न स्थानों पर की गई छापेमारी में दूध में रासायनिक मिलावट के कई मामले सामने आए हैं. राज्यमंत्री झिरवल ने बताया कि विभाग द्वारा मिलावट के खिलाफ व्यापक अभियान चलाया जा रहा है. उन्होंने कहा कि कानून के अनुसार यदि किसी मामले में गंभीर परिणाम सामने आते हैं तो दोषियों के खिलाफ कठोर दंडात्मक कार्रवाई की जा सकती है.
विधायक गोपीचंद पडलकर ने भी इस मुद्दे पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि दूध उत्पादन और वितरण से जुड़े कुछ लोगों द्वारा बड़े पैमाने पर मिलावट की जा रही है. उन्होंने मांग की कि दूध संघों और डेयरियों की गहन जांच कर दोषियों के खिलाफ आपराधिक मामले दर्ज किए जाएं. चर्चा के दौरान मंत्री झिरवल ने यह भी जानकारी दी कि मिलावटी दूध के खिलाफ चल रही कार्रवाई के बाद राज्य में दूध उत्पादन के आंकड़ों में लगभग 25 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई है. इससे यह संकेत मिलता है कि बड़ी मात्रा में मिलावटी दूध का कारोबार सामने आया है.
विधानसभा में विधायक किशोर पाटील ने खाद्य एवं औषध प्रशासन आयुक्त तथा वरिष्ठ आईएएस अधिकारी तुकाराम मुंडे के कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि वे विभाग में प्रभावी कार्रवाई कर रहे हैं, इसलिए उनका कम से कम तीन वर्ष तक तबादला नहीं किया जाना चाहिए. इस दौरान विभिन्न दलों के विधायकों ने मिलावट के मामलों पर सरकार से और अधिक सख्त कदम उठाने की मांग की. मंत्री झिरवल ने आश्वासन दिया कि जनता के स्वास्थ्य से खिलवाड़ करने वाले किसी भी व्यक्ति या संस्था को बख्शा नहीं जाएगा और दोषियों के खिलाफ कानून के अनुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी.





