मनपा में स्थायी पशु मेडिकल ऑफीसर की आवश्यकता
सभापति मार्डीकर ने आयुक्त को भेजी चिठ्ठी

* आवारा कुत्तों का शहरवासियों को खतरा
अमरावती /दि.30 – महानगर में आवारा कुत्तों की समस्या दिनोंदिन गंभीर होती जा रही है. रोजाना दर्जनों की संख्या में श्वान दंश की घटनाएं हो रही है. ऐसे में महापालिका हेतु स्थायी पशु मेडिकल अधिकारी की नियुक्ति की मांग स्थायी समिति अध्यक्ष अविनाश मार्डीकर ने की है. मार्डीकर ने इस बारे में आयुक्त को चिठ्ठी भेजी है. उन्होंने अपेक्षा जताई कि, मनपा प्रशासन से इस संबंध में तत्काल निर्णय की आशा है.
उल्लेखनीय है कि, दो सप्ताह पहले रुख्मिणी नगर में आवारा कुत्तों ने एक 11 वर्षीय बच्ची को काट-काटकर बुरी तरह जख्मी कर दिया था. जिससे बडा जनाक्रोश उभरा था. पश्चात मनपा प्रशासन ने आवारा कुत्तों को पकडने का अभियान चलाया. स्थायी मेडिकल ऑफीसर नहीं होने से काम बार-बार रुक जाता है.
पूर्व अधिकारी डॉ. सचिन बोंद्रे के एसीबी के लपेटे में आने के पश्चात पशु मेडिकल ऑफीसर का जिम्मा स्वास्थ्य अधिकारी को सौंपा गया है. ऐसे में पशु विभाग में मेडिकल ऑफीसर की तत्काल आवश्यकता महसूस की जा रही है. संबंधित तकनीकी निर्णय, टीकाकरण, प्राणी कल्याण के संबंधित काम और स्टेरिलाइजेशन के काम होते है. स्थायी अधिकारी नियुक्त करने की मांग सभापति मार्डीकर ने चिठ्ठी के माध्यम से की है.
चिठ्ठी में मार्डीकर ने आंकडे भी दिए है, जिसके अनुसार पिछला सर्वे 2023 में किया गया था, तब शहर में 25 से 30 हजार लावारिस कुत्तों की संख्या आंकी गई थी. जबकि वर्ष 2024 से स्टेरिलाइजेशन का काम पूरी तरह बंद है. पिछले वर्ष शुरु किया गया. ठेका संस्था जीवनरक्षा ने 2 हजार श्वान स्टेरिलाइज किए. अभी काफी काम बाकी है. स्थायी समिति का कहना है कि, संस्था के काम का लेखापरीक्षण और प्रत्यक्ष जांच भी की जानी है.