200 करोड की लागत से होगा रूक्मिणी विदर्भपीठ का कायाकल्प
विभिन्न सेवा व सुविधा भवनों का होगा निर्माण

* बगीचे, चौडे रास्ते, स्ट्रीट लाईट व वॉल कंपाउंड बनाये जायेंगे
* मुख्य सचिव की उच्चाधिकार समिति ने निधि को दी मंजूरी
* राज्य के नियोजन विभाग द्बारा कामों को दी गई है मान्यता
अमरावती/दि.5 – राज्य के नियोजन विभाग द्बारा तीर्थक्षेत्र विकास प्रारूप अंतर्गत अमरावती जिले के कौंडण्यपुर स्थित श्री रूक्मिणी विदर्भपीठ के विस्तार, विकास व सौंदर्यीकरण के कामों को दी गई मान्यता के चलते अब मुख्य सचिव की उच्चाधिकार समिति ने 200 करोड की निधि को मंजूरी प्रदान की है. जिसके जरिए किए जानेवाले कामों के चलते श्री रूक्मिणी विदर्भपीठ सहित पूरे कौंडण्यपुर परिसर का कायाकल्प हो जायेगा.
बता दें कि अनंतश्रीविभूषित जगदगुरू रामानंदाचार्य श्री रामराजेश्वराचार्य महाराज उर्फ श्री माउली सरकार द्बारा माताश्री रूक्मिणी का मायका रहनेवाले तीर्थक्षेत्र कौंडण्यपुर में कई वर्ष पहले श्री रूक्मिणी विदर्भपीठ की स्थापना की गई थी. साथ ही श्री माउली सरकार विगत लंबे समय से श्रीक्षेत्र कौंडण्यपुर के विकास हेतु स्थानीय जनप्रतिनिधियों सहित प्रशासन व राज्य सरकार के संपर्क में रहते हुए सतत प्रयासरत थे. साथ ही लाखों करोडों भाविकों की श्रध्दा एवं भावना को देखते हुए तिवसा निर्वाचन क्षेत्र के विधायक राजेश वानखडे ने भी इस विषय को लेकर जिला पालकमंत्री चंद्रशेखर बावनकुले एवं मुख्यमंत्री देवेन्द्र फडणवीस के समक्ष श्री क्षेत्र कौंडण्यपुर तथा श्री रूक्मिणी विदर्भपीठ को तीर्थस्थल के तौर पर विकसित करने का प्रस्ताव रखा था. जिसके चलते इस प्रस्ताव को राज्य नियोजन विभाग की कार्य सूची में शामिल किया गया था और अब राज्य के मुख्य सचिव अध्यक्षतावाली उच्चाधिकार समिति ने कौंडण्यपुर स्थित रूक्मिणी विदर्भपीठ के विकास हेतु 200 करोड रूपए की निधि को मान्यता प्रदान की है.
इस संदर्भ में मिली जानकारी के मुताबिक 200 करोड रूपए की इस निधि से श्री रूक्मिणी विदर्भपीठ परिसर का सौंदर्यीकरण करने के साथ ही इस परिसर में धर्मशाला, भक्त निवास, संत निवास, सत्संग भवन, नदी घाट तथा वॉल कपाउंड का निर्माण करने के साथ ही पूरे परिसर मेें प्रशस्त सडके बनाते हुए स्ट्रीट लाइट लगाई जायेगी. साथ ही साथ परिसर में हरियाली रखने हेतु जगह-जगह पर आकर्षक बाग बगीचे भी साकार किए जायेंगे. जिसके चलते बहुत जल्द श्रीक्षेत्र कौंडण्यपुर एक नये एवं सजेधजे स्वरूप में दिखाई देगा.