अमरावती में हनुमान गढ़ी को सरकार देगी 121 करोड रुपए की निधि
उत्कृष्ट धार्मिक पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा

* मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने समीक्षा बैठक में दी प्रस्ताव को मंजूरी
* विधायक रवि राणा के प्रयास हुए फलीभूत, हनुमान भक्तों में हर्ष की लहर
मुंबई /दि.6 – अमरावती शहर के निकट स्थित हनुमान गढ़ी परिसर को धार्मिक पर्यटन के प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित करने की योजना को राज्य सरकार ने मंजूरी दे दी है. मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की अध्यक्षता में आयोजित उच्चस्तरीय शिखर समिति की बैठक में 121 करोड़ रुपये के विकास प्रस्ताव को स्वीकृति प्रदान की गई. बैठक में मुख्यमंत्री फडणवीस ने निर्देश दिए कि हनुमान गढ़ी क्षेत्र में सबसे पहले पर्यटकों के लिए आवश्यक सुविधाओं से संबंधित कार्यों को पूरा किया जाए और सभी निर्माण कार्य उच्च गुणवत्ता के साथ निर्धारित समय सीमा में संपन्न किए जाएं. उन्होंने कहा कि इस पर्यटन केंद्र का मुख्य आकर्षण बनने वाली हनुमान प्रतिमा का कार्य भी जल्द से जल्द पूरा किया जाए, ताकि पूरा परिसर एक उत्कृष्ट धार्मिक पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित हो सके. विशेष उल्लेखनीय है कि, हनुमान गढी परिसर के विकास को लेकर युवा स्वाभिमान पार्टी के संस्थापक अध्यक्ष व बडनेरा निर्वाचन क्षेत्र के विधायक रवि राणा विगत लंबे समय से सतत प्रयासरत थे.
बैठक में ग्राम विकास मंत्री जयकुमार गोरे, वित्त व नियोजन राज्य मंत्री आशिष जयस्वाल, विधायक रवी राणा, विधायक प्रताप अडसड, विधायक प्रवीण दटके, मुख्य सचिव राजेश अग्रवाल, पुलिस महानिदेशक सदानंद दाते तथा पर्यटन विभाग के प्रधान सचिव संजय खंदारे सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे. इस बैठक में मुख्यमंत्री फडणवीस ने कहा कि हनुमान गढ़ी के विकास के लिए निधि की कोई कमी नहीं आने दी जाएगी. उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि विकास कार्यों को गति देकर समयबद्ध तरीके से पूरा किया जाए. उनके अनुसार इस परियोजना के पूर्ण होने के बाद अमरावती के समीप स्थित यह स्थल धार्मिक पर्यटन के लिए आकर्षण का प्रमुख केंद्र बनेगा और बड़ी संख्या में पर्यटक यहां पहुंचेंगे.
* विकास योजना की प्रमुख विशेषताएं
हनुमान गढ़ी परिसर के विकास के तहत लगभग 17,671 वर्ग मीटर क्षेत्र में विभिन्न निर्माण कार्य किए जाएंगे. इस परियोजना के अंतर्गत अयोध्या के राम मंदिर के यज्ञ मंडप की तर्ज पर यज्ञ मंडप, एम्फीथिएटर, यज्ञशाला, फूड मॉल, क्राफ्ट सेंटर, आखाड़ा, महाप्रसाद हॉल, बहुउद्देशीय सभागार, प्रशासनिक भवन, हनुमान गैलरी, दिव्यांग अनुकूल मार्ग तथा वर्षा जल पुनर्भरण की व्यवस्था विकसित की जाएगी. इसके अलावा पूरे परिसर में सुरक्षा दीवार, आंतरिक सड़कें, भव्य मुख्य प्रवेश द्वार तथा हनुमान प्रतिमा पर लेजर शो की भी व्यवस्था की जाएगी.
* नागपुर के कल्याणेश्वर मंदिर परिसर के विकास की भी समीक्षा
बैठक में मुख्यमंत्री ने नागपुर शहर के महाल क्षेत्र में स्थित प्राचीन कल्याणेश्वर मंदिर परिसर के विकास कार्यों की भी समीक्षा की. उन्होंने निर्देश दिया कि मंदिर क्षेत्र में आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों की सुविधा के लिए पर्याप्त पार्किंग व्यवस्था विकसित की जाए, ताकि बड़ी संख्या में वाहनों की पार्किंग सुचारू रूप से हो सके. राज्य सरकार का मानना है कि इन परियोजनाओं के पूरा होने से धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा और स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे.





