‘यह तो दिमागी नक्सलवाद है’

वंदे मातरम् विवाद पर सोनिया गांधी पर बरसे फडणवीस

मुंबई/दि.15 – स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर कांग्रेस मुख्यालय में आयोजित ध्वजारोहण कार्यक्रम के दौरान ‘वंदे मातरम’ को लेकर विवाद खड़ा हो गया है. भाजपा ने आरोप लगाया कि सोनिया गांधी ने कार्यक्रम में मौजूद लोगों को राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम’ पूरा गाने से रोका. कांग्रेस ने इन आरोपों को खारिज कर दिया है. इस विवाद के बीच महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने सोनिया गांधी और कांग्रेस पर तीखा हमला बोला. फडणवीस ने कहा कि बंदूक वाला नक्सलवाद अब खत्म हो चुका है, लेकिन उससे भी खतरनाक ‘दिमागी नक्सलवाद’ देखने को मिल रहा है. उन्होंने कहा कि जिन लोगों के दिमाग में अराजकता भरी हुई है, उनके रवैये का एक नमूना कांग्रेस के कार्यक्रम में देखने को मिला.
मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वतंत्रता दिवस के कार्यक्रम में ‘वंदे मातरम’ बजाने का निर्णय संविधान के तहत लिया गया था. उन्होंने दावा किया कि पूरा ‘वंदे मातरम’ बजाए जाने से सोनिया गांधी के नाराज होने की खबरें सामने आई हैं. फडणवीस ने इसे ‘दिमागी नक्सलवाद’, अराजकता और संविधान की शक्ति का अपमान बताया.
* महिला आरक्षण पर भी विपक्ष को घेरा
महिला आरक्षण के मुद्दे पर भी फडणवीस ने विपक्ष पर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने महिला आरक्षण का समर्थन करने का आह्वान किया है, लेकिन विपक्ष की कुछ प्रतिक्रियाएं ‘चुनिंदा’ हैं. फडणवीस ने कहा कि वर्ष 2023 में महिला आरक्षण विधेयक को मंजूरी दी गई थी. इसमें जनगणना और परिसीमन के बाद ही आरक्षण लागू करने की शर्त रखी गई है. इसलिए जनगणना और परिसीमन की प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही महिला आरक्षण लागू किया जा सकता है. उन्होंने कहा कि यदि विपक्ष वास्तव में महिला आरक्षण का समर्थन करता है, तो उसे दो-तिहाई बहुमत के साथ आवश्यक संवैधानिक संशोधन का समर्थन करना चाहिए. फडणवीस ने विपक्ष पर तंज कसते हुए कहा कि ‘वेडा बनकर पेड़ा खाने’ की राजनीति बंद करनी चाहिए. उन्होंने कहा कि महिला आरक्षण को लेकर विपक्ष के ‘खाने के दांत अलग और दिखाने के दांत अलग’ नहीं होने चाहिए. यदि आरक्षण लागू करना है तो इसके लिए आवश्यक संवैधानिक प्रक्रिया पूरी करने में विपक्ष को समर्थन देना चाहिए.

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