अमरावती के यशदीप भोगे ने जीता एशियाई खेलों का रजत
एक और तीर, एक और पदक

अमरावती/दि.2- अमरावती की तीरंदाजी के लिए दोहरी खुशी का दिन शुक्रवार को और भी मीठा हो गया, जब रिकर्व तीरंदाज यशदीप भोगे ने अपना पहला एशियाई खेल पदक – टीम रजत – जीता, कुछ ही घंटे पहले शहर के ही साथी खिलाड़ी कुमकुम मोहोड ने ऐतिहासिक स्वर्ण जीता था.
पिछले साल ढाका में एशियाई चैंपियनशिप में रिकर्व टीम गोल्ड जीतने वाले यशदीप उस भारतीय पुरुष रिकर्व टीम का हिस्सा थे, जिसने सुबह सेमीफाइनल में ईरान पर 6-0 की शानदार जीत के साथ फाइनल में प्रवेश किया था. हालांकि दोपहर के फाइनल में भारत कोरियाई दीवार से टकरा गया. पहले सेट में दोनों टीमों के 56-56 से बराबरी करने के मजबूत आगाज के बाद, धीरज बोम्मदेवरा, नीरज चौहान और यशदीप की भारतीय तिकड़ी ने सबसे अहम मौके पर सटीकता खो दी. दूसरे और तीसरे सेट में न तो धीरज, न नीरज और न ही यशदीप लगातार येलो पर निशाना लगा सके, 8 और 7 का स्कोर ही कर सके, और कोरिया ने बाजी पलट दी. कोरिया ने दूसरा सेट 57-50 और तीसरा 56-54 से जीतकर 5-1 से स्वर्ण पर कब्जा कर लिया. चीनी ताइपे ने ईरान को 5-2 से हराकर कांस्य जीता. यहां लक्ष्यवेध अकादमी में यशदीप के कोच गणेश विश्वकर्मा ने माना कि फाइनल भारत का दिन नहीं था.
यह भारत का दिन नहीं था क्योंकि तिकड़ी ने दूसरे और तीसरे सेट में 8 और 7 का स्कोर किया. लेकिन रजत भी कम महत्वपूर्ण नहीं है. यह अच्छा है, विश्वकर्मा ने कहा.
भले ही दिल से अमरावतीवासी हैं, यशदीप घरेलू सर्किट में रेलवे स्पोर्ट्स प्रमोशन बोर्ड का प्रतिनिधित्व करते हैं. शुक्रवार के रजत के साथ, यशदीप मौजूदा एशियाई खेलों में कुमकुम मोहोड के बाद पदक जीतने वाले अमरावती के दूसरे तीरंदाज बन गए, और क्रिकेटर जितेश शर्मा, भारती फुलमाली और अब कुमकुम के बाद शहर के कुल चौथे एशियाई खेल पदक विजेता बन गए. अमरावती के लिए, जिसने अपने डिविजनल स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में चुपचाप रिकर्व तीरंदाजी की ताकत खड़ी की है, एक ही दिन दो तीरंदाजों का एशियाई खेलों के पोडियम पर होना महज संयोग से ज्यादा है – यह एक बड़ा बयान है.





