आईसीआईसीआई बैंक में 23.19 करोड़ का फर्जी गोल्ड लोन घोटाला उजागर
9 शाखाओं में नकली सोना गिरवी रखकर 159 खातों पर लिया गया कर्ज, एक और आरोपी गिरफ्तार

नागपुर/दि.21– नागपुर में आईसीआईसीआई बैंक की नौ शाखाओं में नकली सोने के आभूषण गिरवी रखकर 23 करोड़ 19 लाख रुपये से अधिक का गोल्ड लोन हासिल किए जाने का बड़ा घोटाला सामने आया है. मामले की जांच कर रही आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू) ने एक और आरोपी को गिरफ्तार किया है. अदालत ने आरोपी को पांच दिन की पुलिस रिमांड पर भेज दिया है.
जानकारी के अनुसार आईसीआईसीआई बैंक के अजनी चौक स्थित जोनल कार्यालय में जोनल हेड के रूप में कार्यरत धनंजय रमेश थिटे ने मनिषनगर शाखा के गोल्ड लोन खातों का ऑडिट कराया था. जांच के दौरान गिरवी रखे गए कुछ सोने के आभूषण नकली पाए गए. इसके बाद बैंक प्रबंधन ने नागपुर क्षेत्र की अन्य शाखाओं का भी विशेष ऑडिट कराने का निर्णय लिया. ऑडिट रिपोर्ट में चौंकाने वाला खुलासा हुआ कि बैंक की 9 शाखाओं में कुल 159 खाताधारकों ने कथित तौर पर नकली सोने के आभूषण गिरवी रखकर करोड़ों रुपये का कर्ज लिया था. बैंक की शिकायत के अनुसार इस पूरे फर्जीवाड़े से आईसीआईसीआई बैंक को 23 करोड़ 19 लाख 41 हजार 751 रुपये का नुकसान हुआ है. जांच में सामने आया कि नकली आभूषणों को असली बताकर गोल्ड लोन स्वीकृत कराया गया था.
* साजिश में बैंक कर्मियों और वैल्यूअर की भूमिका की जांच
पुलिस के अनुसार जनवरी 2023 से अक्टूबर 2025 के बीच यह कथित घोटाला अंजाम दिया गया. शिकायत में खाताधारक सचिन राउत, गोल्ड वैल्यूअर नंदू खरवडे, प्रथम ऑडिटर राजेंद्र शिलणकर, प्रमोद टेटे, धनंजय ढोमणे, शाखा प्रमुख पंकज केकतपुरे सहित अन्य 152 खाताधारकों पर आपराधिक साजिश रचने का आरोप लगाया गया है. जांच एजेंसियों का मानना है कि नकली सोने को असली प्रमाणित किए बिना इतनी बड़ी संख्या में लोन स्वीकृत होना संभव नहीं था, इसलिए बैंक के कुछ अधिकारियों और वैल्यूअर की भूमिका भी जांच के दायरे में है.
* अब तक पांच आरोपी गिरफ्तार
आर्थिक अपराध शाखा ने इससे पहले इस मामले में प्रमोद भैय्याजी टेटे, राजेंद्र पुंडलिकराव शिलणकर, पंकज प्रभाकर केकतपुरे, नंदू श्रीहरी खरवडे को गिरफ्तार किया था. अब दिनेश कृष्णराव नागपूरे (निवासी शेषनगर, नागपुर) को भी गिरफ्तार कर लिया गया है. अदालत ने उसे पांच दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया है.
* धंतोली थाने में मामला दर्ज
इस बहुचर्चित गोल्ड लोन घोटाले का मामला नागपुर के धंतोली पुलिस थाने में दर्ज किया गया है. आर्थिक अपराध शाखा मामले की गहन जांच कर रही है और आशंका जताई जा रही है कि जांच के दौरान और भी आरोपी सामने आ सकते हैं.
* ईओडब्ल्यू की विशेष टीम कर रही जांच
यह कार्रवाई नागपुर शहर आर्थिक अपराध शाखा के पुलिस उपायुक्त के मार्गदर्शन में की गई. जांच दल में सहायक पुलिस निरीक्षक संतोष तोकलवाड, पुलिस कर्मचारी राघोजी चिलगर, भाऊराव देशमुख तथा महिला पुलिस हवलदार योगिता पोटभरे शामिल हैं.
* बैंकिंग क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
23 करोड़ रुपये से अधिक के इस कथित गोल्ड लोन घोटाले ने बैंकिंग व्यवस्था की निगरानी और सत्यापन प्रक्रिया पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. एक ही बैंक की नौ शाखाओं में लंबे समय तक नकली सोने के आधार पर ऋण स्वीकृत होते रहने से बैंक की आंतरिक जांच प्रणाली और नियंत्रण तंत्र की प्रभावशीलता पर भी चर्चा शुरू हो गई है. जांच एजेंसियां अब पूरे नेटवर्क की पड़ताल कर रही हैं ताकि यह पता लगाया जा सके कि इस घोटाले का मास्टरमाइंड कौन है और इसमें कितने लोग शामिल थे.





