1.89 करोड़ रुपये का 1.260 किलो सोना बरामद
मुथूट फिनकॉर्प घोटाले में बड़ी सफलता

* सोनार निलेश चले से हुई जब्ती, जांच व पुछताछ जारी
* 3 किलो सोने के साथ करुले अब भी फरार, तलाश तेज
* पुलिस को घोटाले के नेटवर्क तक पहुंचने की उम्मीद
अमरावती/दि.17 – मुथूट फिनकॉर्प की अमरावती शाखा में सामने आए बहुचर्चित गोल्ड लोन घोटाले की जांच में सिटी कोतवाली पुलिस को बड़ी सफलता मिली है. पुलिस ने रविवार को शहर के एक सुनार निलेश चले के पास से 1 किलो 260 ग्राम सोना जब्त किया है. बरामद किए गए इस सोने की बाजार कीमत लगभग 1 करोड़ 89 लाख रुपये बताई जा रही है. जांच अधिकारियों का मानना है कि यह बरामदगी अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई है और इससे पूरे घोटाले की परतें खुलने की संभावना बढ़ गई है. वहीं, इस मामले में करूले नामक एक अन्य सुनार अब भी पुलिस की गिरफ्त से बाहर है. जांच में सामने आया है कि उसके पास लगभग 3 किलो सोना गिरवी रखा गया था, जिसकी तलाश में पुलिस लगातार संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है.
* 60 शिकायतों से खुला करोड़ों के घोटाले का जाल
मामले की शुरुआत महाजनपुरा निवासी शालिनी काशीनाथ नागरगोजे की शिकायत से हुई थी. शिकायत के बाद सिटी कोतवाली पुलिस ने शाखा प्रबंधक शुभम रविंद्र वासेवाय, कर्मचारी सूरज अनिल खैरकर और धीरज पंचमराव शिरसाट के खिलाफ मामला दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार किया. तीनों आरोपी फिलहाल 20 अगस्त तक पुलिस रिमांड पर हैं और उनसे लगातार पूछताछ की जा रही है. जांच के दौरान यह सामने आया कि ग्राहकों द्वारा मुथूट फिनकॉर्प में गिरवी रखे गए सोने के आभूषणों का कथित रूप से दुरुपयोग किया गया. आरोप है कि शाखा के कुछ कर्मचारियों ने ग्राहकों का सोना उनकी जानकारी के बिना शहर के विभिन्न सुनारों और अन्य माध्यमों से दोबारा गिरवी रखकर बड़ी रकम जुटाई.
* पहले 90 ग्राम, अब 1.260 किलो सोना बरामद
घोटाले की जांच के शुरुआती चरण में पुलिस ने दो सुनारों के पास से करीब 90 ग्राम सोना जब्त किया था. इसके बाद आरोपियों से पूछताछ और दस्तावेजों की जांच में पता चला कि शहर के अलग-अलग सुनारों के पास बड़ी मात्रा में सोना गिरवी रखा गया था. इसी कड़ी में पुलिस ने निलेश चले तक पहुंच बनाई और उसके पास से 1.260 किलो सोना बरामद किया. पुलिस का कहना है कि यह सोना ग्राहकों के गिरवी रखे गए आभूषणों से जुड़ा हो सकता है. अब इसकी पहचान और स्वामित्व की पुष्टि की जा रही है.
* करुले की तलाश में पुलिस की कई टीमें सक्रिय
पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि करूले नामक एक अन्य सुनार के पास करीब 3 किलो सोना गिरवी रखा गया था. घोटाला सामने आने के बाद से वह फरार बताया जा रहा है. पुलिस का मानना है कि यदि करुले को गिरफ्तार कर लिया जाता है तो बड़ी मात्रा में सोने की बरामदगी के साथ-साथ पूरे नेटवर्क का खुलासा हो सकता है. कोतवाली पुलिस की टीमें उसके संभावित ठिकानों पर लगातार छापेमारी कर रही हैं और उससे जुड़े लोगों की भी जानकारी जुटाई जा रही है.
* घोटाले का दायरा बढ़ने की आशंका
पुलिस को अब तक लगभग 60 शिकायतें प्राप्त हो चुकी हैं. वहीं, पूर्व जांच में सामने आए तथ्यों के अनुसार घोटाले का दायरा कई करोड़ रुपये तक पहुंचने की आशंका है. जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि ग्राहकों का कितना सोना शाखा के बाहर गिरवी रखा गया, कितनी राशि प्राप्त की गई और उसका उपयोग कहां किया गया.
* कर्मचारियों और अन्य संदिग्धों से भी होगी पूछताछ
पुलिस अब केवल गिरफ्तार आरोपियों तक ही जांच सीमित नहीं रख रही है. शाखा के अन्य कर्मचारियों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं और उनके कार्यक्षेत्र तथा जिम्मेदारियों की भी जांच की जा रही है. जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही हैं कि इस कथित हेराफेरी में और कौन-कौन लोग शामिल थे. अधिकारियों का मानना है कि 1.260 किलो सोने की बरामदगी जांच में एक महत्वपूर्ण कड़ी साबित हो सकती है. अब पुलिस की नजर फरार करुले और उसके पास बताए जा रहे 3 किलो सोने पर टिकी है. यदि वह पुलिस के हाथ लग जाता है, तो मुथूट फिनकॉर्प घोटाले से जुड़े कई अहम रहस्यों से पर्दा उठ सकता है.