17 साल की कुमकुम मोहोड का दोहरा स्वर्ण, नीरज को कांस्य
भारत ने 8 पदकों के साथ तीरंदाजी अभियान समाप्त किया

अमरावती /दि.3- अमरावती की 17 वर्षीय सनसनी कुमकुम मोहोड ने अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन सबसे बड़े मंच के लिए बचा कर रखा था. एशियाई खेलों में भारत को महिला रिकर्व टीम स्पर्धा में पहला स्वर्ण दिलाने के एक दिन बाद, कुमकुम ने शनिवार को 20वें एशियाई खेलों का अपना दूसरा स्वर्ण पदक जीत लिया. महिला रिकर्व व्यक्तिगत फाइनल में उन्होंने एक नाटकीय शूट-ऑफ में दक्षिण कोरिया की ओह येजिन को हराया.
मुझे पोडियम मुकाबलों में मजबूत विरोधियों का सामना करना पसंद है. इससे मेरा सर्वश्रेष्ठ खेल बाहर आता है, कुमकुम ने क्वार्टरफाइनल में पहुंचने के बाद कहा था. उन्होंने अपने हर शब्द को सही साबित कर दिखाया. फाइनल में कुमकुम की शुरुआत धीमी रही, पहला सेट 27-29 से हार गईं. लेकिन उन्होंने वापसी करते हुए दूसरा सेट 29-29 से बराबर किया और तीसरा सेट 30-29 से जीतकर बढ़त बनाई. चौथा सेट 27-28 से हारने के बाद उन्होंने पांचवां सेट 30-28 से जीता और स्कोर 5-5 से बराबर हो गया, जिससे स्वर्ण के लिए एक-तीर का शूट-ऑफ हुआ. भारी दबाव में कुमकुम ने वैसा ही जज्बा दिखाया जैसा पूरे हफ्ते दिखाया था. उन्होंने परफेक्ट 10 का निशाना लगाया. दबाव में येजिन बिखर गईं और केवल 8 का स्कोर कर सकीं.
यह एक जानी-पहचानी कहानी थी. जब सबसे ज्यादा जरूरत होती है तब 10 मारने के लिए मशहूर कुमकुम ने शुक्रवार को कोरिया के खिलाफ टीम फाइनल में भी ऐसा ही किया था, जब उन्होंने दबाव की स्थिति में तीन निर्णायक 10 मारे थे. फाइनल तक का सफर और भी कठिन था. कुमकुम ने क्वार्टरफाइनल में शीर्ष वरीयता प्राप्त कोरियाई तीरंदाज कांग चाययंग को 6-4 से हराया और फिर सेमीफाइनल में चीन की झू जिंगयी को 6-5 से एक रोमांचक मुकाबले में हराया. इस जीत के साथ, कुमकुम ने अपने पहले एशियाई खेलों का अभियान दो स्वर्ण महिला टीम और व्यक्तिगत और धीरज बोम्मदेवरा के साथ मिक्स्ड टीम में एक रजत पदक के साथ समाप्त किया. उस लड़की के लिए यह एक अविश्वसनीय उड़ान है जिसने 2018 में अपनी दादी के पैसों से खरीदे गए 3 हजार रुपये के लकड़ी के धनुष से शुरुआत की थी, और जिसके पिता अनिल मनोहर मोहोड अमरावती में मिठाई की दुकानों के लिए गत्ते के डिब्बे बनाते हैं. जिस धनुष से उन्होंने इस सीजन शंघाई में विश्व कप स्वर्ण जीता था, वह भी सेकंड-हैंड था, जिसे वह पिछले पांच साल से इस्तेमाल कर रही थीं.
पुरुषों की रिकर्व व्यक्तिगत स्पर्धा में कांस्य के लिए भारत के दो खिलाड़ियों के बीच मुकाबला हुआ. धीरज बोम्मदेवरा और नीरज चौहान दोनों ही सेमीफाइनल में क्रमशः कोरियाई और जापानी प्रतिद्वंद्वियों से हार गए. कांस्य पदक के मुकाबले में नीरज ने धीरज को 6-4 से हराकर खेलों का अपना पहला पदक जीता. इस तरह भारत ने अपना तीरंदाजी अभियान 5 स्वर्ण, 1 रजत और 2 कांस्य पदकों के साथ समाप्त किया. कुल 8 पदक, जो हांगझोउ की बराबरी है. और इस सबके केंद्र में थी अमरावती की एक 17 साल की लड़की, जिसे सबसे बड़े मौकों पर सबसे बेहतरीन खिलाड़ियों को हराना पसंद है.

* शिक्षण संस्थान में भी खुशी
– कुमकुम के स्वर्ण पदक की खबर मिलते ही मणिबाई गुजराती हाईस्कूल एवं श्रीमती सुलोचनाबेन त्रिकमदास कापडिया गुजराती जूनियर कॉलेज मेें भी खुशी का माहौल है. कुमकुम की इस अभूतपूर्व और शानदार उपलब्धि से अमरावती शहर, महाराष्ट्र राज्य और संपूर्ण भारत देश का नाम अंतरराष्ट्रीय खेल जगत में रोशन हुआ है. उनकी इस सफलता से स्कूल के गौरव में एक और मान का तुरा जुड गया है. साथ ही कुमकुम ने असंख्य विद्यार्थियों के सामने मेहनत, जिद, अनुशासन और निरंतरता के बल पर सफलता हासिल करने का प्रेरणादायी आदर्श प्रस्तुत किया है.
– उनकी इस ऐतिहासिक सफलता पर दि. गुजराती एज्युकेशन सोसायटी के अध्यक्ष सीए डॉ. नीलेशभाई लाठिया एवं समस्त कार्यकारिणी तथा स्कूल की मुख्याध्यापिका अंजलि देव सहित समस्त शिक्षक एवं शिक्षकेत्तर कर्मचारियों की ओर से कुमारी कुमकुम अनिल मोहोड एवं उनके माता-पिता का हार्दिक अभिनंदन किया गया है.





