टायर पंचर कर 18 लाख की लूट, 4 किलोमीटर पीछा कर उद्यमी को भी बनाया निशाना
समृद्धि महामार्ग पर लुटेरों का आतंक, 24 घंटे के भीतर दो सनसनीखेज वारदातों ने उजागर की सुरक्षा व्यवस्था की पोल

* परिवार, व्यापारी और उद्यमी बने शिकार
नाशिक/दि.29– महाराष्ट्र के महत्त्वाकांक्षी समृद्धि महामार्ग पर अपराधियों के बढ़ते दुस्साहस ने यात्रियों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. गुरुवार को महामार्ग के अलग-अलग हिस्सों में लूटपाट की दो बड़ी घटनाओं ने दहशत फैला दी. एक ओर सिन्नर क्षेत्र में लुटेरों ने सड़क पर धारदार लोहे की वस्तुएं बिखेरकर वाहनों के टायर पंचर किए और छत्रपति संभाजीनगर के एक अधिवक्ता के परिवार से लगभग 18 लाख रुपये मूल्य का माल लूट लिया, वहीं दूसरी ओर छत्रपति संभाजीनगर जिले के हडस पिंपलगांव टोल नाके के निकट एक उद्यमी का 4 किलोमीटर तक पीछा कर उससे सोने की चेन लूट ली गई. इन घटनाओं ने यह सवाल खड़ा कर दिया है कि देश के सबसे आधुनिक और महंगे एक्सप्रेसवे में शुमार समृद्धि महामार्ग पर आखिर यात्रियों की सुरक्षा कितनी सुनिश्चित है.
* टायर पंचर कर परिवार को बनाया निशाना
पहली घटना नाशिक जिले के सिन्नर तालुका अंतर्गत मलढोण और दुशिंगपुर क्षेत्र में गुरुवार देर रात घटी. जानकारी के अनुसार, बदमाशों ने चैनल क्रमांक 538 से 543 के बीच सड़क पर लोहे की नुकीली वस्तुएं बिछा दी थीं, जिससे गुजरने वाले वाहनों के टायर फटने लगे. छत्रपति संभाजीनगर निवासी अधिवक्ता श्रीकांत मिश्रा (38) अपने परिवार के साथ मुंबई की ओर जा रहे थे. रात करीब 11.45 बजे उनकी कार का टायर पंचर हो गया. वाहन सड़क किनारे रुकते ही पहले से घात लगाए बैठे 10 से 12 बदमाशों ने कार को घेर लिया. आरोप है कि बदमाशों ने लोहे की रॉड और डंडों से मिश्रा के साथ मारपीट की. इतना ही नहीं, कार में बैठे छोटे बच्चों को बाहर खींचने का भी प्रयास किया गया. परिवार की सुरक्षा को लेकर भयभीत परिजनों ने सोने के आभूषण, महंगी घड़ियां और 84 हजार 500 रुपये नकद सहित कुल 18 लाख 9 हजार 500 रुपये मूल्य का सामान लुटेरों को सौंप दिया. लूटपाट के बाद आरोपी अंधेरे का फायदा उठाकर फरार हो गए.
* व्यापारी की सूझबूझ से टली दूसरी वारदात
इसी इलाके में कुछ समय बाद हिंगोली जिले के एक वाहन को भी निशाना बनाने की कोशिश की गई. बदमाशों ने पथराव कर वाहन रुकवाने का प्रयास किया, लेकिन चालक ने वाहन नहीं रोका और तेज गति से निकल गया. रात करीब 1.40 बजे नांदेड़ के एक व्यापारी की कार का टायर भी इसी तरीके से पंचर किया गया. वाहन रुकते ही कुछ संदिग्ध लोग उसकी ओर बढ़े. खतरा भांपते हुए व्यापारी ने कथित रूप से अपने लाइसेंसी रिवॉल्वर से हवा में दो राउंड फायर किए. गोली की आवाज सुनते ही बदमाश महामार्ग से नीचे उतरकर भाग निकले. हालांकि पुलिस ने आधिकारिक तौर पर फायरिंग की पुष्टि नहीं की है.
* दिनदहाड़े उद्यमी का पीछा कर लूटी सोने की चेन
समृद्धि महामार्ग पर दूसरी बड़ी वारदात गुरुवार दोपहर छत्रपति संभाजीनगर जिले के हडस पिंपलगांव टोल नाके के निकट हुई. अहिल्यानगर जिले के राहुरी निवासी उद्यमी साहिल सतीश सोनवणे अपने मित्रों के साथ उत्तराखंड से दर्शन कर लौट रहे थे. दोपहर करीब 4 बजे उनकी फॉर्च्यूनर गाड़ी के पीछे तीन लग्जरी एसयूवी-एक काली सेल्टॉस, एक सफेद क्रेटा और एक काली एक्सयूवी-700-लगातार चलने लगीं. सोनवणे को संदेह होने पर उन्होंने वाहन की गति बढ़ाई, लेकिन बदमाशों ने करीब 3 से 4 किलोमीटर तक पीछा जारी रखा. टोल नाके के पास पहुंचते ही एक एसयूवी ने उनकी गाड़ी के सामने आकर रास्ता रोक दिया. इसके बाद आरोपियों ने यह कहकर वाहन रुकवाया कि गाड़ी में तकनीकी समस्या है. जैसे ही वाहन रुका, 10 से 11 बदमाशों ने फॉर्च्यूनर को चारों ओर से घेर लिया. आरोप है कि एक बदमाश ने साहिल सोनवणे के साथ मारपीट कर उनके गले से लगभग ढाई तोले की सोने की चेन छीन ली, जबकि अन्य बदमाशों ने वाहन में बैठे अन्य लोगों को भी लूटने का प्रयास किया.
* डैश कैमरे ने बिगाड़ा बदमाशों का खेल
घटना के दौरान साहिल सोनवणे ने आरोपियों को बताया कि उनकी कार में लगा डैश कैमरा पूरी घटना रिकॉर्ड कर रहा है और सभी के चेहरे तथा वाहनों के नंबर कैमरे में कैद हो चुके हैं. यह सुनते ही बदमाशों में हड़कंप मच गया और वे तुरंत अपने वाहनों में बैठकर फरार हो गए. पुलिस को उम्मीद है कि डैश कैमरे में रिकॉर्ड हुए फुटेज से आरोपियों की पहचान में मदद मिलेगी, हालांकि फर्जी नंबर प्लेट इस्तेमाल किए जाने की संभावना से भी इंकार नहीं किया जा रहा है.
* पुलिस जांच में जुटी
दोनों घटनाओं की जानकारी मिलते ही महामार्ग पुलिस, डायल-112, क्यूआरवी और स्थानीय पुलिस की टीमें मौके पर पहुंच गईं. पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है. सीसीटीवी फुटेज, टोल प्लाजा रिकॉर्ड, डैश कैमरा वीडियो और अन्य तकनीकी साक्ष्यों की जांच की जा रही है.
* सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर प्रश्न
समृद्धि महामार्ग पर पिछले कुछ वर्षों में लूटपाट और आपराधिक घटनाओं की संख्या बढ़ने से यात्रियों में चिंता बढ़ी है. सड़क पर धारदार वस्तुएं बिछाकर टायर पंचर करने की नई आपराधिक पद्धति विशेष रूप से खतरनाक मानी जा रही है, क्योंकि इससे न केवल लूटपाट की घटनाओं को अंजाम दिया जा सकता है, बल्कि तेज रफ्तार वाहन दुर्घटनाग्रस्त भी हो सकते हैं. यात्रियों, सामाजिक संगठनों और जनप्रतिनिधियों ने महामार्ग पर रात्रिकालीन गश्त बढ़ाने, संवेदनशील क्षेत्रों में हाई-टेक निगरानी प्रणाली स्थापित करने, त्वरित प्रतिक्रिया दलों की संख्या बढ़ाने तथा अपराधियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग की है.
समृद्धि महामार्ग को राज्य की विकास धुरी माना जाता है, लेकिन लगातार सामने आ रही आपराधिक घटनाएं इस आधुनिक एक्सप्रेसवे की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर रही हैं. यात्रियों का कहना है कि यदि दिन और रात दोनों समय अपराधी बेखौफ होकर वारदातों को अंजाम दे रहे हैं, तो सुरक्षा तंत्र की व्यापक समीक्षा अब समय की मांग बन चुकी है.





