जिले में 607 पुरुष महिला बनकर ले रहे थे लाडली बहन योजना का लाभ
महिला व बाल विकास विभाग ने वसूली की तैयारी की शुरु

* जिले में अब 6.95 लाख बहने पात्र, 33.3 हजार लाभार्थी अपात्र
अमरावती /दि.15- ‘मुख्यमंत्री लाडली बहन योजना’ के अपात्र लाभार्थियों की पहचान के बाद महिला एवं बाल विकास विभाग ने वसूली की तैयारी शुरु कर दी है. जांच में जिले में 607 ऐसे मामले सामने आए है, जिनमें पुरुषों ने महिला बनकर योजना का लाभ लिया. अब इन सभी से प्राप्त किश्तों की राशि वापस वसूलने की प्रक्रिया शुरु की जा रही है. जिले में बडे पैमाने पर हुए सत्यापन के बाद अब लाडली बहन योजना का लाभ केवल वास्तविक पात्र महिलाओं तक ही सीमित रह गया है.
जिले में लाडली बहन योजना के तहत कुल 7 लाख 20 हजार 365 आवेदन प्राप्त हुए थे. जांच और पात्रता सत्यापन के बाद अब 6 लाख 95 हजार 350 महिला ही योजना की पात्र लाभार्थी है. विभागीय जांच में 33 हजार 304 लाभार्थी अपात्र पाए गए. जिनका लाभ इस महिने बंद कर दिया गया. जांच में सामने आया कि, 607 पुरुषों ने महिला के नाम पर योजना का लाभ लिया. इसके अलावा 1,472 आवेदकों की आयु निर्धारित सीमा से कम तथा 1,762 लाभार्थियों की आयु निर्धारित सीमा से अधिक पाई गई. वहीं 4,405 चारपहिया वाहन धारकों और 15,154 आयकर दाताओं को भी योजनाओं के लिए अपात्र घोषित किया गया है.
* जिले में लाडली बहन योजना का विवरण
कुल आवेदन – 7,20,365
पात्र लाभार्थी – 6,95,350
बोग मिले – 33,304
आयु में कम – 1,472
आयु से अधिक – 1,762
पुरुष लाभार्थी – 607
कार धारक – 4,405
आयकर दाता – 15,154
* गलत जानकारी देकर लाभ लेनेवालों से की जाएगी राशि वसूल
अपात्र लाभार्थियों को योजना से बाहर कर दिया गया है तथा गलत जानकारी देकर लाभ लेनेवालों से राशि की वसूली की जाएगी. पात्रता की जांच आगे भी जारी रहेगी और नियमों का उल्लंघन करनेवालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएंगी.
– संजय गट, महिला एवं बाल विकास अधिकारी.





