एक महीने में 904 छापे, 457 गिरफ्तार
महाराष्ट्र में एफडीए की कार्रवाई

* 70 करोड़ रुपये का अवैध कारोबार उजागर
* अन्न व औषध प्रशासन आयुक्त तुकाराम मुंढे का शिकंजा
मुंबई /दि.26- महाराष्ट्र में लोगों की सेहत से खिलवाड़ करने वाले गुटखा माफिया, मिलावटखोरों और नकली दवाओं के कारोबारियों के खिलाफ महाराष्ट्र अन्न एवं औषधि प्रशासन (एफडीए) ने बड़े पैमाने पर कार्रवाई की है. वरिष्ठ आईएएस अधिकारी तुकाराम मुंढे के नेतृत्व में पिछले एक महीने के दौरान चलाए गए विशेष अभियान में करीब 70 करोड़ रुपये के अवैध कारोबार का भंडाफोड़ किया गया है.
एफडीए के अनुसार, एक महीने में राज्यभर में 904 स्थानों पर छापेमारी की गई. इस दौरान 457 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया, 322 प्रतिष्ठानों को सील किया गया और 42 वाहनों को जब्त किया गया. लगातार हो रही कार्रवाई से अवैध कारोबारियों में हड़कंप मचा हुआ है.
* गुटखा माफिया पर शिकंजा, मकोका लगाने की तैयारी
एफडीए आयुक्त तुकाराम मुंढे ने बताया कि प्रतिबंध के बावजूद राज्य में गुटखा और पान मसाला का अवैध कारोबार संगठित तरीके से संचालित हो रहा था. जांच के दौरान ऐसे 4 से 5 मामलों की पहचान की गई है, जिनमें संगठित अपराध सिंडिकेट की संलिप्तता के संकेत मिले हैं. इन मामलों में महाराष्ट्र कंट्रोल ऑफ ऑर्गनाइज्ड क्राइम एक्ट (मकोका) के तहत कार्रवाई की संभावना पर विचार किया जा रहा है. अंतिम निर्णय उपलब्ध साक्ष्यों और कानूनी समीक्षा के आधार पर पुलिस द्वारा लिया जाएगा.
* खाद्य पदार्थों में बड़े पैमाने पर मिलावट
एफडीए की जांच में आम, पैकेज्ड पेय पदार्थ, चाय पाउडर, खोवा, बेकरी उत्पाद, खाद्य तेल, घी, मसाले, आइसक्रीम समेत कई खाद्य वस्तुओं में गंभीर अनियमितताएं सामने आईं. इस अभियान के तहत 440 प्रतिष्ठानों पर कार्रवाई करते हुए करीब 22 लाख किलोग्राम खाद्य सामग्री, जिसकी अनुमानित कीमत 29.11 करोड़ रुपये है, जब्त कर जांच के लिए प्रयोगशालाओं में भेजी गई. इसके अलावा 34.66 करोड़ रुपये मूल्य का गुटखा, पान मसाला और अन्य प्रतिबंधित उत्पाद भी जब्त किए गए.
* नकली दवाओं और मेडिकल उपकरणों का भी खुलासा
एफडीए ने एक महीने के भीतर 5.52 करोड़ रुपये मूल्य की दवाओं, मेडिकल उपकरणों, कॉस्मेटिक्स और अन्य उत्पादों पर भी कार्रवाई की. जांच में बिना लाइसेंस दवा निर्माण और बिक्री, नकली दवाओं की आपूर्ति, भ्रामक विज्ञापन, मेडिकल उपकरण नियमों का उल्लंघन, ट्रामाडोल और कोडीन युक्त दवाओं की अवैध बिक्री तथा सरकारी अस्पतालों तक संदिग्ध मेडिकल सामग्री की आपूर्ति जैसे गंभीर मामले सामने आए हैं. एफडीए का कहना है कि राज्यभर में यह विशेष अभियान आगे भी जारी रहेगा और लोगों की सेहत से खिलवाड़ करने वाले अवैध कारोबारियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी.





