महेश नवमी महोत्सव में डॉ. लक्ष्मीकांत राठी का प्रेरणादायी उद्बोधन

कारंजा लाड /दि.26 – महेश्वरी समाज द्वारा आयोजित वार्षिक पावन पर्व महेश नवमी महोत्सव के अवसर पर कारंजा लाड में एक भव्य समारोह का आयोजन किया गया. कार्यक्रम में प्रख्यात मनोरोग चिकित्सक, समाजसेवी एवं प्रेरक वक्ता डॉ. लक्ष्मीकांत राठी मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे. इस अवसर पर उन्होंने कैसा हो जीने का अंदाज़ विषय पर अत्यंत प्रेरणादायी एवं विचारोत्तेजक व्याख्यान देकर उपस्थित जनसमूह को जीवन के महत्वपूर्ण सूत्र बताए.
कार्यक्रम के प्रारंभ में जयश्री चितलांगे ने डॉ. राठी का परिचय प्रस्तुत किया. इस अवसर पर उनके बड़े भाई किशोर राठी भी विशेष रूप से उपस्थित थे. अपने संबोधन में डॉ. राठी ने कहा कि सकारात्मक दृष्टिकोण और आत्मविश्वास सफलता की आधारशिला हैं. उन्होंने बताया कि पर्याप्त धन प्राप्त होने के बाद केवल धन अर्जित करना ही जीवन का उद्देश्य नहीं होना चाहिए, बल्कि संतोष, आनंद और मानसिक शांति को भी महत्व देना आवश्यक है. उन्होंने समय प्रबंधन के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि जो व्यक्ति समय का सदुपयोग करता है, वही जीवन में निरंतर प्रगति करता है. साथ ही उन्होंने लोगों को वर्तमान में जीने की प्रेरणा देते हुए कहा कि अतीत की चिंताओं और भविष्य की आशंकाओं से मुक्त होकर वर्तमान क्षण का आनंद लेना चाहिए. डॉ. राठी ने मानसिक स्वास्थ्य के महत्व पर विशेष जोर देते हुए कहा कि जिस प्रकार शारीरिक स्वास्थ्य की देखभाल आवश्यक है, उसी प्रकार मन के स्वास्थ्य का ध्यान रखना भी उतना ही महत्वपूर्ण है. उन्होंने समाज सेवा, गरीबों एवं जरूरतमंदों के प्रति दया और करुणा की भावना रखने का संदेश देते हुए कहा कि मानव सेवा ही सच्ची ईश्वर सेवा है. उन्होंने परिवार, मित्रों और समाज के लोगों के साथ मधुर संबंध बनाए रखने पर बल देते हुए कहा कि अच्छे संबंध जीवन में सुख, संतोष और सफलता का सबसे बड़ा आधार होते हैं. अपने प्रभावशाली वक्तव्य के दौरान उन्होंने आँसू शीर्षक से एक भावपूर्ण हिंदी कविता का पाठ भी किया, जिसने उपस्थित श्रोताओं को भावविभोर कर दिया.
डॉ. राठी के प्रेरक विचारों, सरल भाषा और प्रभावशाली प्रस्तुति से प्रभावित होकर सभागार कई बार तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा. कार्यक्रम के अंत में उपस्थित जनों ने उनके विचारों की मुक्त कंठ से प्रशंसा की तथा समाजसेवा के प्रति उनके समर्पण को सराहा. महेश्वरी समाज द्वारा प्रतिवर्ष आयोजित होने वाला महेश नवमी महोत्सव समाज की एकता, संस्कृति एवं सामाजिक मूल्यों का प्रतीक माना जाता है. उल्लेखनीय है कि डॉ. लक्ष्मीकांत राठी को हर वर्ष विभिन्न नगरों में आयोजित महेश नवमी समारोहों में मुख्य अतिथि एवं प्रेरक वक्ता के रूप में आमंत्रित किया जाता है, जहां उनके विचारों को व्यापक सराहना प्राप्त होती है.

Back to top button