गिरीश मालानी के 2 लाख के पुराने नोट बदलने के निर्देश

हाईकोर्ट ने दिए रिजर्व बैंक को आदेश

* नोटबंदी दौरान माहुर जाते समय जब्त किए थे
नागपुर/ दि.24- बंबई उच्च न्यायालय की नागपुर खंडपीठ ने हाल ही में एक महत्वपूर्ण फैसले में भारतीय रिजर्व बैंक को नोटबंदी दौरान जब्त दो लाख रूपए के पुराने 500 रूपए की मुद्रा बदलकर देने के निर्देश दिए है. कोर्ट ने साफ कहा कि संबंधित व्यक्ति को उस भूल की सजा नहीं दी जा सकती. जिसमें उसका कोई रोल नहीं.
न्या. उर्मिला जोशी फाल्के और न्या. निवेदिता मेहता की खंडपीठ ने गुरूवार को याचिकाकर्ता गिरीश मालानी की अर्जी पर सुनवाई करते हुए पाया कि पुलिस ने तय समय सीमा से पहले ही मालानी की रकम जब्त कर ली थी. जिससे वह नोट बदलने की प्रक्रिया पूर्ण नहीं कर सके. कोर्ट में बताया गया कि मालानी 500 रूपए के 400 नोट अर्थात 2 लाख रूपए लेकर विगत 1 दिसंबर 2016 को माहुर जा रहे थे. तभी पुलिस ने चुनावी गश्त दौरान रकम जब्त कर थाने में जमा कर दी. किंतु आयकर विभाग ने जांच में रकम को वैध पाया. किसी कार्रवाई की जरूरत नहीं बताई.
यह राशि नोटबंदी की नोट बदलने की प्रक्रिया हेतु तय समय सीमा के बाद लौटाई गई. जनवरी 2017 में मालानी ने रिजर्व बैंक से नोट बदलने का अनुरोध किया तो बैंक ने उनकी विनती ठुकरा दी. कोर्ट ने कहा कि प्रशासनिक कार्रवाई के कारण नागरिक के अधिकार प्रभावित नहीं हो सकते. हाईकोर्ट की खंडपीठ ने याचिकाकर्ता को अगले 7 दिनों में पुरानी करंसी के दो लाख रूपए आरबीआई में जमा करने और आरबीआई को सात सप्ताह के भीतर जांच कर वैध मुद्रा में रिटर्न करने के स्पष्ट निर्देश दिए हैं.

Back to top button