शाला इमारतों की मानसून पूर्व जांच 15 मई से पूर्व करने का आदेश

अमरावती/दि.2- सभी सरकारी व स्थानीय स्वायत्त संस्थाओं की शालओं की इमारत, वर्ग कक्षाएं, रसोई घर व स्वच्छता गृहों की प्रतिवर्ष नियमित तौर पर मानसून पूर्व एवं मासूनोत्तर जांच पडताल करना अनिवार्य सुरक्षा प्रक्रिया हैं. संबंधित मानसूनपूर्व जांच का आदेश प्राथमिक शिक्षा परिषद द्बारा दिया गया. जिसके लिए 15 मई तक मुदद दी गई हैं. इस पडताल में सरचनात्मक जांच जलरोधक एवं जिर्ण हो चुकि इमारतों का समावेश करने का स्पष्ट निर्देश राज्य प्राथमिक शिक्षा परिषद की राज्य प्रकल्प समन्वयक गोविंद कांबले द्बारा स्थानीय स्वराज्य संस्थाओं के प्रमुखों को दिया गया हैं.
शाला इमारतों की जांच में इमारत के निर्माण की संरचनात्मक मजबुती, छत से होनेवाले पानी के रिसाव परजन्य वाहक नाली एवं बारिश के पानी को बहाकर ले जानेवाले गटर की साफसफाई करना अभीप्रेत हैं. संरचनात्मक जांच के तहत खतरनाक एवं जिर्ण हो चुकि इमारतों को पहचानना भी अभीप्रेत हैं. संबंधित संरचनात्मक जांच, जलरोधक पडताल तथा खतरनाक व जिर्ण हो चुकी इमारतों की निश्चिति करने के बाद इससे संबंधित जांच रिपोर्ट तैयार कर इसके अनुसार किए जानेवाले आवश्यक उपायो को अंतिम स्वरूप देकर दुरूस्ती कामों के लिए मंजूरी व आवश्यक निधि उपलब्ध होने के बाद उसके अनुसार आवश्यक उपायो के काम हाथ में लेकर उन कामों को तय समय में पूरा करने के स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं.
* पडताल हेतु 27 मुद्दे
इमारत एवं अन्य निर्माण कार्यों में संरचनात्मक दरारोें व कमजोरी को पहचानने खतरनाक इमारत, वर्ग कक्षा व स्वच्छता गृहों का प्रयोग त्वरित रोकने, खतरनाक इमारतों को त्वरित खाली करने कर्मचारियों का स्थलांतरन करने, छत से होनेवाले लिकेज को रोककर जलरोधक प्रक्रिया के काम शुरू करते हुए उन्हें बारिश से पहले पूरा करने शालाओं की इमारत वर्ग कक्षाओं, रसोई घर व स्वच्छता गृहों के दुरूस्ती के काम बारिश से पहले पूरा करने तथा खतरनाक हो चुकि इमारतों को जल्द से जल्द गिरा देने जैसे विविध मुद्दों का समावेश हैं.





