बिल मंजूरी के लिए कमीशनखोरी का भंडाफोड़

6 प्रतिशत ‘कट’ का खेल उजागर!

* बदलापुर नगर परिषद में एसीबी की कार्रवाई
मुंबई/दि.2 बदलापुर में नगर परिषद के भीतर भ्रष्टाचार का एक बड़ा मामला सामने आने से प्रशासन में हड़कंप मच गया है. कुलगांव-बदलापुर नगर परिषद के लेखाधिकारी विकास वैजीनाथ चव्हाण के खिलाफ भ्रष्टाचार प्रतिबंधक विभाग (एसीबी) ने मामला दर्ज किया है. काम के बिल और सुरक्षा जमा राशि जारी करने के लिए 6 प्रतिशत कमीशन मांगने का आरोप उन पर लगाया गया है. इस कार्रवाई से स्थानीय प्रशासन में बड़ी चर्चा शुरू हो गई है.
इस मामले की शुरुआत एक ठेकेदार की शिकायत से हुई. शिकायतकर्ता की ‘नवनिर्माण इंटरप्राइजेस’ नाम की कंपनी है, जिसे नगर परिषद के 77 सड़कों के काम का ठेका मिला था. इनमें से कुछ काम पूरे होने के बाद 17 लाख 44 हजार रुपये का बिल और पहले के कामों की 4 लाख 99 हजार रुपये की सुरक्षा जमा, इस तरह कुल 22 लाख 43 हजार रुपये की राशि उनके खाते में जमा होनी थी. लेकिन यह राशि मंजूर कराने के लिए लेखाधिकारी चव्हाण ने रिश्वत की मांग की, ऐसा शिकायत में बताया गया है.
शिकायतकर्ता के अनुसार, कुल राशि का 6 प्रतिशत यानी लगभग 1 लाख 34 हजार 500 रुपये रिश्वत के रूप में मांगे गए थे. इस प्रकार से परेशान होकर शिकायतकर्ता ने आखिरकार लाचलुचपत प्रतिबंधक विभाग का रुख किया. 9 दिसंबर 2025 को यह शिकायत दर्ज की गई, जिसके बाद एसीबी ने प्राथमिक जांच शुरू की. 10 दिसंबर को की गई जांच में चव्हाण द्वारा रिश्वत मांगने की बात स्पष्ट हो गई. इसके बाद मामले की विस्तृत जांच शुरू की गई. सबूत इकट्ठा करने के बाद 30 अप्रैल 2026 को बदलापुर पूर्व पुलिस स्टेशन में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 की धारा 7 के तहत विकास चव्हाण के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है. विकास चव्हाण वर्ग-1 श्रेणी के अधिकारी हैं और ठाणे के समता नगर क्षेत्र में रहते हैं. इस मामले के कारण यह गंभीर सवाल उठ रहा है कि क्या नगर परिषद में बिल मंजूरी के लिए ‘प्रतिशत’ तय होता है? साथ ही इस मामले में अन्य वरिष्ठ अधिकारियों की भूमिका भी जांच के दायरे में है. -उइ इस एंगल से भी जांच कर रही है, जिससे यह मामला और बड़े स्तर तक पहुंचने की संभावना जताई जा रही है.
* बदलापुर नगर परिषद के कामकाज पर सवाल
इस घटना के बाद बदलापुर नगर परिषद के कामकाज पर सवाल खड़े हो गए हैं और प्रशासन में डर का माहौल है. एसीबी की इस कार्रवाई से भविष्य में ऐसे भ्रष्टाचार पर रोक लगने की उम्मीद जताई जा रही है. हालांकि, इस जांच से और कौन-कौन से नाम सामने आते हैं और आगे क्या कार्रवाई होती है, इस पर सबकी नजर बनी हुई है.

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