कमर्शियल सिलेंडर की दर वृद्धि

अमरावती का प्रसिद्ध गीला बडा और कचोरी, सांभारवडी होगी महंगी

* रेस्टॉरेंट ने शुरु कर दिए दाम बढाना
* विष्णु का गीला बडा भी अब 40 रुपए प्लेट
अमरावती/दि.8 – खाद्य तेलों के साथ खाडी युद्ध की वजह से कमर्शियल सिलेंडर के रेट बढाए जाने का बडा प्रभाव अमरावती के नाश्ता प्रेमी लोगों को होने जा रहा है. विष्णु का गीला बडा हो या, मामाजी की सांभारवडी अथवा रघुवीर का समोसा. सभी के रेट बढने की संभावना हो गई है. विष्णु ने गीले बडे के रेट 35 रुपए से बढाकर 40 रुपए प्लेट अर्थात दो नग कर दिए हैं. इसका मुख्य कारण कमर्शियल सिलेंडर के दाम में गत 1 तारीख से सीधे एक हजार रुपए बढा देना रहा है. सरकारी तेल व गैस कंपनियों ने कमर्शियल सिलेंडर महंगा कर दिया. उस पर भी राशनिंग अभी जारी होने से होटल, रेस्टॉरेंट संचालकों को मेन्यू के सभी आयटम के दाम बढाने के सिवा चारा नहीं बताया जा रहा.
* दो माह में डबल हो गया भाव
अमरावती रेस्टॉरेंट व होटल एसो. के पदाधिकारियों ने बताया कि, मार्च और अप्रैल की अवधि में कमर्शियल सिलेंडर 1600 के रेट से बढकर 3172 रुपए प्रति नग हो गया है. लगभग दोगुना दाम हो जाने के बावजूद पर्याप्त मात्रा में सिलेंडर उपलब्ध नहीं हो रहे, ऐसे में पर्यायी इंधन इंडक्शन और लकडी अपनाई जा रही है. किंतु खाद्य तेल भी महंगे हो जाने से नाश्ते का रेट बढाने के सिवा चारा नहीं है. उन्होंने बताया कि, सरकार ने तीन चरणों में कमर्शियल सिलेंडर के दाम बढाए. गत 1 मई को सीधे 993 रुपए सिलेंडर महंगा कर दिया. उन्होंने बताया कि, खाडी युद्ध के बाद से यह कहा जा रहा था कि, गैस संकट हो सकता है. किंतु पूरा भार कमर्शियल सिलेंडर पर ही डालना कहां तक उचित कहा जा सकता है.
* उपभोक्ताओं की जेब होगी ढीली
विवाह का सीजन शुरु है. ऐसे में कैटरिंग सर्विस भी सिलेंडर दर वृद्धि की चपेट में आई है. रेट मनमसोस कर बढाने पड रहे हैं. दर वृद्धि का खामियाजा सामान्य उपभोक्ताओं को ही भरना पडेगा, ऐसी प्रतिक्रिया जानकार व्यक्त कर रहे हैं. उन्होंने यह भी कहा कि, सरकार को दर वृद्धि से पहले थोडा विचार करना चाहिए था. निश्चित ही अमरावती जैसे नाश्ता पसंद लोगों के लिए दरवृद्धि भारी पड सकती है. हालांकि अमरावती के बाशिंदे, क्वॉलिटी नाश्ता पसंद करते हैं. उसके लिए दाम चुकाने तैयार रहते हैं. किंतु शासन ने सिलेंडर ऐसे समय महंगा कर दिया, जब पहले ही सीजन बहुत बेहतर नहीं था और खाद्य तेलों एवं मसालों आदि में भी महंगाई का तडका लगा हुआ है.
* चाय भी महंगी, रोज एक हजार सिलेंडर
अमरावती में कमर्शियल सिलेंडर की रोजाना खपत एक हजार नग की बताई जाती है. तीनों कंपनियां बीपीसीएल, एचपीसीएल और आययूसीएल का इसमें समावेश है. अभी सिलेंडर पर राशनिंग शुरु है. होटल व्यवसायियों को 20-30 प्रतिशत आपूर्ति की जा रही है. उधर डीएसओ निनाद लांडे का कहना है कि, स्टॉक की बात करें, तो अमरावती में भरपूर मात्रा में गैस सिलेंडर उपलब्ध है. इस बीच होटल व्यवसायी किसन साबले ने बताया कि, पंजीयन के बावजूद सिलेंडर नहीं मिल रहा. इंधन के रुप में लकडी भी उपलब्ध नहीं होने से छोटे रेस्टॉरेंट, भोजनालय दिक्कत में आ गए हैं.
* ब्लैक मार्केटिंग जोरदार
सिलेंडर की ब्लैक मार्केटिंग खूब होने का दावा किया जा रहा है. गाडगे नगर हो या पठान चौक. राजापेठ हो या नवाथे सभी एरिया में छोटे-बडे स्टॉल संचालक घरेलू एलपीजी सिलेंडर ब्लैक में लेने मजबूर हो रहे है. इसके लिए भी दोगुने से अधिक दाम चुकाने पड रहे हैं.

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