राज्य सरकार ने देशी और विदेशी शराब पर उत्पादन शुल्क बढाया

शराब प्रेमियों का रुझान अब नई और सस्ती शराब व बीयर की ओर

* महाराष्ट्र की शराब को भी अब अच्छा प्रतिसाद
नागपुर /दि.13- राज्य सरकार द्वारा देशी और विदेशी शराब पर उत्पादन शुल्क तीन से चार गुना बढा दिए जाने के कारण शराब प्रेमियों का रुझान अब बाजार में नई और सस्ती श्रेणी की महाराष्ट्र की शराब व बीयर की ओर बढ गया है. इसके परिणामस्वरुप बीते आर्थिक वर्ष में राज्य में बीयर की खपत ने रिकॉर्ड बनाया है और बीयर राज्य की सबसे पसंदीदा शराब बनकर उभरी है.
यूरोप में जहां वाईन को प्राथमिकता दी जाती है और पूर्वी देशों में बीयर को अधिक पसंद किया जाता है, वहीं भारत में अब तक देशी (सीएल) और भारतीय निर्मित विदेशी शराब (आईएमएफएल) की मांग सबसे अधिक रही है. भारत में बीयर की खपत मुख्यत: तटीय क्षेत्रों में ज्यादा होती है. महाराष्ट्र में आज तक देशी शराब की खपत सबसे अधिक रही है. हालांकि उत्पादन शुल्क विभाग ने जून माह में देशी और विदेशी शराब पर भारी उत्पादन शुल्क लगाया.
इस दौरान महाराष्ट्र निर्मित मद्य नामक नई श्रेणी के उत्पादन को भी लाईसेंस दिए गए. देशी और विदेशी शराब महंगी होने के कारण शराब प्रेमियों ने महाराष्ट्र की शराब और बीयर की ओर रुख कर लिया है. वर्ष 2025 में 32 करोड लीटर खपत वाली भारतीय निर्मित विदेशी शराब (आईएमएफएल) इस वर्ष घटकर 27 करोड लीटर रह गई है. इसके विपरित 38 करोड लीटर खपत वाली बीयर इस वर्ष बढकर 46 करोड लीटर तक पहुंच गई है और रिकॉर्ड खपत दर्ज हुई है. आम तौर पर गर्मियों में बीयर की खपत 6 प्रतिशत बढती है. लेकिन पिछले 11 महिनों में बीयर की बिक्री लगातार बढती गई है.

* उत्पादन शुल्क 29,957 करोड तक पहुंचा
वर्ष 2025 में चार प्रकार की शराब पर उत्पादन शुल्क से राज्य को 25,467 करोड रुपए का राजस्व प्राप्त हुआ था. सामान्यत: उत्पादन शुल्क के राजस्व में वार्षिक 8 प्रतिशत वृद्धि होती है, लेकिन इस वर्ष यह वृद्धि 18 प्रतिशत तक पहुंच गई है और उत्पाद शुल्क का आंकडा बढकर 29,957 करोड रुपए हो गया है. राज्य में 11 बडी बीयर उत्पादन करने वाली कंपनी है और 37 लघु कंपनियां है. वाईन शॉप के लाईसेंस भले ही बंद हो, लेकिन बीयर शॉपी के लाईसेंस जारी है. इसके चलते बीयर शॉपी की संख्या बढकर 5,588 हो गई है. स्ट्राँग बीयर में लगभग 8 प्रतिशत और माईल्ड बीयर में लगभग 5 प्रतिशत अल्कोहोल की मात्रा होती है. इसलिए बीयर की ओर बढता रुझान एक राहत की बात माना जा रहा है.

* अप्रैल 2025 से मार्च 2026 तक बिक्री
देशी शराब                         42 करोड 70 लाख लीटर
विदेशी शराब                     27 करोड 40 लाख लीटर
महाराष्ट्र की मद्य श्रेणी           1 करोड 86 लाख लीटर
बीयर                                 46 करोड 13 लाख लीटर

Back to top button