हाईकोर्ट ने उमेेठे महावितरण के कान
किसानों को बिजली कनेक्शन में देरी

* धारणी में 11 जून तक कनेक्शन देने के निर्देश
नागपुर /दि.13- बारंबार अनुरोध करने पर भी किसानों को कनेक्शन देने में विलंब करने से बिजली कंपनी महावितरण को बंबई उच्च न्यायालय की नागपुर खंडपीठ ने नोटिस थमाया है. धारणी के किसानों को आगामी 11 जून तक कनेक्शन देने कहा गया है. कोर्ट ने कहा कि महावितरण किसानों के जीवन से खिलवाड कर रही है. आज के दौर में बिजली कनेक्शन लाइफ लाइन समान है. एड. रोहन देव ने इस प्रकरण में कोर्ट के मित्र समान भूमिका निभाई.
62 किसानों का कनेक्शन हेतु आवेदन
न्या. अनिल किलोर और न्या राज वाकोडे की खंडपीठ के सामने धारणी के 62 किसानों की खेतों में बिजली कनेक्शन हेतु महावितरण के पास आवेदन देने पर भी महीनों कनेक्शन नहीं मिलने की शिकायत आयी थी. उसे याचिका के रूप में सुनवाई हेतु विचारार्थ स्वीकार करने पर कोर्ट में कहा गया कि महावितरण से बारंबार अनुरोध करने पर भी कनेक्शन नहीं दिए गये. इसलिए अदालत से गुहार लगानी पड रही है. इसे एड. रोहन देव ने किसानों की सरासर अवहेलना माना.
शुल्क का भुगतान
बिजली कंपनी द्बारा मांगे गये शुल्क का भुगतान भी उक्त किसानों ने कर देने की जानकारी हाईकोर्ट में दी गई. जिसके बाद खंडपीठ में यह भी बताया गया कि सरकारी बिजली कंपनी को कई स्मरण पत्र दिए गये. जिसकी दखल नहीं ली गई. न्या. किलोर और न्या. वाकोडे की खंडपीठ ने इसे कृषि प्रधान देश में कृषकों का अपमान माना. बिजली कंपनी को तत्काल नोटिस भेजी गई. कोर्ट ने कहा कि महावितरण द्बारा किसानों को कनेक्शन नहीं देना सरासर संविधान के अनुच्छेद 21 का उल्लंघन कहा जा सकता है. इस अनुच्छेद में भारतीय नागरिकों को जीवन का मूलभूत अधिकार प्राप्त है. कोर्ट ने कहा कि किसानों से शुल्क वसूलने के बाद भी ूमहावितरण कंपनी उन्हें बिजली से वंचित कैसे रख सकती है ? आगामी 11 जून को अगली सुनवाई रखी गई है. तब कंपनी को हाईकोर्ट के सामने संपूर्ण ब्यौरा रखना होगा.





