तिवसा तहसील में प्री-मानसून तूफान का कहर
घरों की छतें उड़ीं, संतरे के बागों को भारी नुकसान

तिवसा/दि.10- मृग नक्षत्र शुरू होने के बावजूद भीषण गर्मी से जूझ रहे तिवसा तहसील के कुछ क्षेत्रों में सोमवार शाम अचानक आए प्री-मानसून तूफान और गरज-चमक के साथ हुई बारिश ने भारी तबाही मचा दी. वरखेड़, उंबरखेड़ और भारसवाड़ी गांव इस तूफान से सबसे अधिक प्रभावित हुए हैं. सोमवार शाम करीब 4 बजे आए तेज आंधी-तूफान के कारण कई मकानों की छतें उड़ गईं, जिससे ग्रामीणों को भारी नुकसान उठाना पड़ा. गरीब परिवारों के सामने आवास का संकट खड़ा हो गया है. उंबरखेड़ निवासी किसान कुंदन आनंद कलंबे को इस प्राकृतिक आपदा में सबसे अधिक नुकसान हुआ. उनके संतरे के बाग में फल से लदे 74 संतरे के पेड़ जड़ सहित उखड़ गए, जिससे उन्हें बड़ा आर्थिक झटका लगा है.
ग्रामीणों के अनुसार, तूफान की रफ्तार इतनी तेज थी कि कई घरों और पशुओं के बाड़ों को नुकसान पहुंचा. टीन की चादरें उड़कर लगभग 100 मीटर दूर जा गिरीं. कई परिवारों की छतें क्षतिग्रस्त हो गईं, जिससे वे खुले आसमान के नीचे रहने को मजबूर हो गए हैं. तूफान के कारण बिजली व्यवस्था भी प्रभावित हुई. कई स्थानों पर बिजली के खंभे झुक गए और विद्युत सामग्री को नुकसान पहुंचा. गांवों में कुछ समय के लिए बिजली आपूर्ति भी बाधित रही. ग्रामीणों और किसानों ने प्रशासन से नुकसान का सर्वेक्षण कर प्रभावित परिवारों और किसानों को तत्काल सहायता प्रदान करने की मांग की है. वहीं, कृषि क्षेत्र में हुए नुकसान को देखते हुए किसानों को मुआवजा देने की भी मांग उठ रही है.





