एक ही किसान को दो बार मिला मुआवजा

आपदा राहत में गड़बड़ी

* 12.52 करोड़ की वसूली के आदेश
यवतमाल /दि.12- प्राकृतिक आपदाओं से प्रभावित किसानों को वितरित की गई सरकारी सहायता में बड़ी अनियमितता सामने आई है. लेखा महानियंत्रक (ऑडिट) की रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि राज्य के 28 जिलों में कई किसानों को एक ही नुकसान के लिए दो बार आर्थिक सहायता दी गई. इसके बाद शासन ने 12.52 करोड़ रुपये की वसूली के आदेश जारी किए थे, लेकिन दो वर्ष बीतने के बावजूद कार्रवाई पूरी नहीं हो सकी है.
राजस्व एवं वन विभाग के अनुसार, वर्ष 2024 में ऑडिट रिपोर्ट के आधार पर पुणे, नासिक, छत्रपति संभाजीनगर और अमरावती संभाग के जिलों को दोहरी सहायता प्राप्त लाभार्थियों से राशि वसूलने के निर्देश दिए गए थे. 3 मई 2024 को शासन ने विभागीय आयुक्तों को पत्र भेजकर वसूली करने को कहा था, लेकिन अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई. बताया गया है कि 2024 से 12 फरवरी 2026 तक संबंधित जिलों को कई बार स्मरण पत्र भेजे गए, फिर भी न तो पूरी वसूली हुई और न ही शासन को रिपोर्ट सौंपी गई. इसके चलते अब एक बार फिर सभी संभागीय आयुक्तों को डुप्लीकेट लाभार्थियों का सत्यापन कर राशि वसूलने और विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं.
ऑडिट रिपोर्ट में अमरावती, यवतमाल, अकोला, बुलढाणा, नांदेड़, बीड, पुणे, सोलापुर, नागपुर सहित 28 जिलों में दोहरी सहायता वितरण के मामले सामने आए हैं. प्रशासन अब यह जांच करेगा कि एक ही किसान के नाम पर दो बार भुगतान कैसे हुआ और जिम्मेदार अधिकारियों की भूमिका क्या रही. सरकार ने स्पष्ट किया है कि पात्र किसानों को दी गई सहायता प्रभावित नहीं होगी, लेकिन जिन लाभार्थियों को नियमों के विरुद्ध दोहरा भुगतान मिला है, उनसे राशि वापस ली जाएगी. यह मामला अब प्रशासनिक लापरवाही और राहत वितरण प्रणाली की खामियों को लेकर चर्चा का विषय बना हुआ है.

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